{"_id":"663fa1cb2bd2b132610b4bbc","slug":"special-on-nursing-day-jhajjar-news-c-195-1-nnl1001-110254-2024-05-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rohtak News: नर्सिंग दिवस पर विशेष...","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rohtak News: नर्सिंग दिवस पर विशेष...
Sat, 11 May 2024 10:20 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Sat, 11 May 2024 10:20 PM IST
विज्ञापन
नर्स का काम अस्पताल में मरीजों की सेवा करना है, लेकिन नागरिक अस्पताल में कार्यरत नर्सिंग अधिकारी कविता समाजसेवा में भी आगे रही हैं। वह 15 साल से सिविल अस्पताल में कार्यरत हैं। उनके समाजसेवा के काम को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर अंतरराष्ट्रीय अवार्ड से उनको सम्मानित किया गया था। कविता बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, महिला बंधीकरण अभियान, पोलियो मुक्त अभियान, टीबी मुक्त अभियान में भी आगे रहती हैं। कविता बचपन से राष्ट्रीय सेवा योजना में कार्यरत रही हैं। अब उनके सराहनीय कार्य को देखते हुए उनकी ड्यूटी ब्लड बैंक में लगाई गई है।-- -- -- -- -- -- -- -- -
नर्स मीनाक्षी पिलानिया ने बताया कि कोरोना काल के दौरान हमें यह पता नहीं होता था कि कौन पॉजिटिव है या नेगेटिव। बिना जांच मरीजों का इलाज किया जाता था। इस दौरान जान का खतरा बना रहता था। परिवार व बच्चों से भी दूर रह कर मरीजों की सेवा करनी होती थी। नर्स का काम मरीज की सेवा है। इसलिए उन्हें कोरोना काल के दौरान मरीजों की सेवा आज भी याद है। आज भी कोई मरीज गंभीर हालत में आता है तो उसका पूरी जिम्मेदारी के साथ इलाज किया जाता है।
-- -- -- -- -- -
नर्स सुनीता ने बताया कि 2004 से नर्सिंग अधिकारी हूं। इस समय आपातकालीन में ड्यूटी है। नर्सों का दायित्व मरीज की सेवा करना है ताकि वह जल्द से जल्द ठीक होकर जाए। कोरोना के दौरान भी कई मरीज ऐसे आते थे, जिनके बारे में कुछ पता नहीं होता था, लेकिन गंभीर मरीजों का इलाज देना प्राथमिकता रहता था। आज भी गंभीर मरीजों को इलाज देना प्राथमिकता रहता है। अपने कर्त्तव्य को पूरा कर मरीजों का बेहतर इलाज करें, यही हमारे लिए नर्सिंग दिवस होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
नर्स मीनाक्षी पिलानिया ने बताया कि कोरोना काल के दौरान हमें यह पता नहीं होता था कि कौन पॉजिटिव है या नेगेटिव। बिना जांच मरीजों का इलाज किया जाता था। इस दौरान जान का खतरा बना रहता था। परिवार व बच्चों से भी दूर रह कर मरीजों की सेवा करनी होती थी। नर्स का काम मरीज की सेवा है। इसलिए उन्हें कोरोना काल के दौरान मरीजों की सेवा आज भी याद है। आज भी कोई मरीज गंभीर हालत में आता है तो उसका पूरी जिम्मेदारी के साथ इलाज किया जाता है।
विज्ञापन
नर्स सुनीता ने बताया कि 2004 से नर्सिंग अधिकारी हूं। इस समय आपातकालीन में ड्यूटी है। नर्सों का दायित्व मरीज की सेवा करना है ताकि वह जल्द से जल्द ठीक होकर जाए। कोरोना के दौरान भी कई मरीज ऐसे आते थे, जिनके बारे में कुछ पता नहीं होता था, लेकिन गंभीर मरीजों का इलाज देना प्राथमिकता रहता था। आज भी गंभीर मरीजों को इलाज देना प्राथमिकता रहता है। अपने कर्त्तव्य को पूरा कर मरीजों का बेहतर इलाज करें, यही हमारे लिए नर्सिंग दिवस होगा।
विज्ञापन