{"_id":"e8b4d7e1943bf889a9541ee1c5117027","slug":"sp-office-door-swallowed-poison","type":"story","status":"publish","title_hn":"एसपी ऑफिस के दरवाजे पर निगला जहर ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एसपी ऑफिस के दरवाजे पर निगला जहर
Updated Thu, 22 May 2014 02:22 AM IST
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भाई को नौकरी लगवाने के नाम पर रुपये ऐंठने वाले के खिलाफ पुलिस द्वारा कार्रवाई न किए जाने से परेशान युवक ने बुधवार दोपहर को एसपी राजेश दुग्गल के कार्यालय के बाहर जहरीला पदार्थ निगल लिया। युवक द्वारा जहर पीने के बाद पुलिस विभाग में अफरा-तफरी मच गई।
पुलिसकर्मियों ने आनन-फानन में उसे पीजीआई में भर्ती कराया गया। पीजीआई में भर्ती कराने के बाद चिकित्सकों ने उसका उपचार शुरू कर दिया। वहीं, दूसरी ओर सिविल लाइन थाने में युवक के खिलाफ आत्महत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
पीजीआई में उपचाराधीन किशनगढ़ निवासी शीशपाल ने बताया कि चार साल पहले उसने अपने छोटे भाई दिनेश को इंडियन ओवरसीज बैंक में नौकरी लगवाने के लिए दिल्ली निवासी सुनील को 18 लाख रुपये दिए थे। ये रुपये उसने पांच-छह किस्तों में दिए थे। मगर तीन साल तक भी सुनील ने उसके भाई को नौकरी नहीं लगवाया। इस पर शीशपाल ने सुनील से रुपये वापस देने के लिए कहा तो वह आना-कानी करने लगा।
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रुपये मांगने पर हर बार टरका देता था। इस पर शीशपाल ने महम थाना पुलिस को घटना की शिकायत दी। मगर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। शीशपाल ने बताया कि थाने में कार्रवाई न होने पर वह एसपी ऑफिस गया तथा वहां पर सुनील के खिलाफ शिकायत दी। वहां पर भी तीन-चार बार गया।
जो थाने में हुआ था, वही उसके साथ एसपी ऑफिस में भी हुआ। किसी ने उसकी फरियाद नहीं सुनी। हर किसी ने अनसुना कर दिया। बुधवार को वह कार्रवाई की मांग को लेकर फिर एसपी ऑफिस गया। वह अपने साथ जहर भी ले गया था। हर बार की तरह बुधवार को भी उसे सिर्फ आश्वासन ही मिला। इससे आहत होकर शीशपाल ने एसपी ऑफिस के दरवाजे पर ही जहर पी लिया। शीशपाल को जहर पीता देख, वहां मौजूद पुलिसकर्मी दौड़े तथा उससे जहर की बोतल छीनी।
जब तक किसी को कुछ समझ आता, शीशपाल की हालत बिगड़ने लगी। तीन-चार पुलिसकर्मियों ने उसे उठाया तथा गाड़ी में बिठाकर पीजीआई ले गए। वहां पर चिकित्सकों ने उसका उपचार शुरू कर दिया। पीजीआई के चिकित्सक डॉ. संदीप ने बताया कि फिलहाल शीशपाल की हालत खतरे से बाहर है।
शीशपाल ने बताया कि चार साल पहले उन्होंने पवन नाम के एक व्यक्ति से मुंढाल में एक प्लाट खरीदा था। पवन ने कहा था वह युवकों को सरकारी नौकरी लगवाने का काम भी करता है। इस पर शीशपाल ने दिनेश को नौकरी लगवाने की बात कही थी। इस पर पवन ने उसे दिल्ली निवासी सुनील से मिलवा दिया था। शीशपाल ने सुनील को दिनेश की नौकरी लगवाने के लिए 18 लाख रुपये दे दिए।
युवक ने एसपी ऑफिस के बाहर आत्महत्या करने का प्रयास किया। उसके खिलाफ धारा 309 के तहत मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। फिलहाल वह पीजीआई में उपचाराधीन है। वहां से छुट्टी मिलने के बाद उसे गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया जाएगा।
जगबीर, एसएचओ, सिविल लाइन थाना
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पुलिसकर्मियों ने आनन-फानन में उसे पीजीआई में भर्ती कराया गया। पीजीआई में भर्ती कराने के बाद चिकित्सकों ने उसका उपचार शुरू कर दिया। वहीं, दूसरी ओर सिविल लाइन थाने में युवक के खिलाफ आत्महत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
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पीजीआई में उपचाराधीन किशनगढ़ निवासी शीशपाल ने बताया कि चार साल पहले उसने अपने छोटे भाई दिनेश को इंडियन ओवरसीज बैंक में नौकरी लगवाने के लिए दिल्ली निवासी सुनील को 18 लाख रुपये दिए थे। ये रुपये उसने पांच-छह किस्तों में दिए थे। मगर तीन साल तक भी सुनील ने उसके भाई को नौकरी नहीं लगवाया। इस पर शीशपाल ने सुनील से रुपये वापस देने के लिए कहा तो वह आना-कानी करने लगा।
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रुपये मांगने पर हर बार टरका देता था। इस पर शीशपाल ने महम थाना पुलिस को घटना की शिकायत दी। मगर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। शीशपाल ने बताया कि थाने में कार्रवाई न होने पर वह एसपी ऑफिस गया तथा वहां पर सुनील के खिलाफ शिकायत दी। वहां पर भी तीन-चार बार गया।
जो थाने में हुआ था, वही उसके साथ एसपी ऑफिस में भी हुआ। किसी ने उसकी फरियाद नहीं सुनी। हर किसी ने अनसुना कर दिया। बुधवार को वह कार्रवाई की मांग को लेकर फिर एसपी ऑफिस गया। वह अपने साथ जहर भी ले गया था। हर बार की तरह बुधवार को भी उसे सिर्फ आश्वासन ही मिला। इससे आहत होकर शीशपाल ने एसपी ऑफिस के दरवाजे पर ही जहर पी लिया। शीशपाल को जहर पीता देख, वहां मौजूद पुलिसकर्मी दौड़े तथा उससे जहर की बोतल छीनी।
जब तक किसी को कुछ समझ आता, शीशपाल की हालत बिगड़ने लगी। तीन-चार पुलिसकर्मियों ने उसे उठाया तथा गाड़ी में बिठाकर पीजीआई ले गए। वहां पर चिकित्सकों ने उसका उपचार शुरू कर दिया। पीजीआई के चिकित्सक डॉ. संदीप ने बताया कि फिलहाल शीशपाल की हालत खतरे से बाहर है।
शीशपाल ने बताया कि चार साल पहले उन्होंने पवन नाम के एक व्यक्ति से मुंढाल में एक प्लाट खरीदा था। पवन ने कहा था वह युवकों को सरकारी नौकरी लगवाने का काम भी करता है। इस पर शीशपाल ने दिनेश को नौकरी लगवाने की बात कही थी। इस पर पवन ने उसे दिल्ली निवासी सुनील से मिलवा दिया था। शीशपाल ने सुनील को दिनेश की नौकरी लगवाने के लिए 18 लाख रुपये दे दिए।
युवक ने एसपी ऑफिस के बाहर आत्महत्या करने का प्रयास किया। उसके खिलाफ धारा 309 के तहत मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। फिलहाल वह पीजीआई में उपचाराधीन है। वहां से छुट्टी मिलने के बाद उसे गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया जाएगा।
जगबीर, एसएचओ, सिविल लाइन थाना