{"_id":"69deab324cf7f2a3610957c2","slug":"sorryprotect-yourself-from-dogs-and-monkeys-responsible-officials-are-playing-with-files-rohtak-news-c-17-roh1020-840061-2026-04-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rohtak News: रोजाना 60 लोगों को काट रहे बंदर-कुत्ते, टेंडर प्रक्रिया में उलझा निगम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rohtak News: रोजाना 60 लोगों को काट रहे बंदर-कुत्ते, टेंडर प्रक्रिया में उलझा निगम
Wed, 15 Apr 2026 02:31 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Wed, 15 Apr 2026 02:31 AM IST
विज्ञापन
40-शहर के डीएलफ कॉलोनी में घूमता बंदर। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। शहर में लोगों को बंदर तो कहीं कुत्ते काट रहे हैं जबकि नगर निगम अभी इनके टेंडर में ही अटका हुआ है। गलियों में ही नहीं बल्कि पार्कों में भी बंदर और कुत्तों के झुंड लोगों को निशाना बना रहे हैं। जिले में रोजाना कुत्ते-बंदर के काटने के 60 मामले आ रहे हैं।
नगर निगम का बंदर पकड़ने का टेंडर ढाई साल से अटका है। हालांकि, फरवरी में बंदर पकड़ने का टेंडर हुआ था लेकिन ठेकेदार ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर असमर्थता जता दी थी। इसके बाद उसे ब्लैक लिस्ट कर दिया। नया टेंडर अब तक नहीं हुआ है।
कुत्तों के लिए निगम की ओर से पहरावर में प्रस्तावित शेल्टर होम भी अब तक नहीं बना है। निगम की सदन की बैठक में पास होने पर भी इसका काम अटका है। जिले के मोरखेड़ी गांव में पांच दिन पहले बंदर ने एक महिला को काट लिया था। उधर, बंदर-कुत्तों के हमलों को लेकर स्त्री शक्ति संगठन सहित अन्य सामाजिक नागरिकों ने मेयर रामवतार वाल्मीकि व अधिकारियों को मांगपत्र भेजने की तैयारी कर ली है।
विज्ञापन
-- -- -- -- --
शहर में कुत्तों व बंदरों का खौफ बढ़ रहा है। न बंदर पकड़े जा रहे हैं और न ही कुत्तों के लिए शेल्टर होम है। पार्क में भी बंदर और कुत्तों के झुंड देखे जा रहे हैं जो लोगों पर हमले कर रहे हैं। इस चिंताजनक स्थिति के समाधान की मांग मेयर से की जाएगी।
- ममता, संयाेजक, स्त्री शक्ति संगठन
-- -- -- -- -- -
कुत्ते व बंदरों की ओर से लोगों को काटने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इनके इलाज के लिए लोगों को बाहर से महंगी दवाई तक खरीदनी पड़ रही है। बच्चों के साथ पार्क में घूमना जोखिम भरा हो रहा है। उन्हें पैदल स्कूल जाने में डर लगता है। महिलाएं तो छतों पर भी नहीं जा पा रही हैं।
- शमशेर नेहरा, दुर्गा कॉलोनी निवासी
-- -- -- -- -- -- --
बोहर में महिलाओं व बुजुर्गों पर हमला बोल रहे बंदर
रोहतक। बोहर गांव में बंदरों से ग्रामीण दहशत में हैं। एक सप्ताह में बंदर चार लोगों को काट चुके हैं। इसको लेकर अठगामा भवन में मंगलवार की बैठक में ग्रामीणों ने जल्द बंदरों को पकड़वाने के लिए निगम प्रशासन से मांग की है। अठगामा प्रधान अजयपाल ने बताया कि बंदरों को पकड़ने के लिए नगर निगम को पत्र लिखा जाएगा। उन्होंने कहा कि नगर निगम के कर्मचारियों के साथ मिलकर गांव में मुनादी करवाकर बंदरों को पकड़ने का अभियान चलाया जाएगा। कुलदीप ने बताया कि ग्रामीण अनिल कुमार बंदरों के डर से छत से गिर गए थे जिससे उन्हें गंभीर चोटें आई हैं। नगर निगम के पार्क में बंदरों को हटाने का प्रयास कर रहे धर्मपाल को बंदरों ने काट लिया था। भीम सिंह पर गली में चलते हुए बंदरों ने हमला कर दिया। गांव की कई महिलाओं पर भी बंदर हमला बोल चुके हैं। संवाद
-- -- -- -
बंदर पकड़ने का नया टेंडर किया जाएगा जबकि कुत्तों के लिए शेल्टर होम की जगह पहरावर में जगह चिह्नित कर ली गई है। निगम का प्रयास है कि लोगों की समस्याओं का जल्द समाधान हो।
- सुधीर कुमार, मुख्य सफाई निरीक्षक, नगर निगम, रोहतक
विज्ञापन
रोहतक। शहर में लोगों को बंदर तो कहीं कुत्ते काट रहे हैं जबकि नगर निगम अभी इनके टेंडर में ही अटका हुआ है। गलियों में ही नहीं बल्कि पार्कों में भी बंदर और कुत्तों के झुंड लोगों को निशाना बना रहे हैं। जिले में रोजाना कुत्ते-बंदर के काटने के 60 मामले आ रहे हैं।
नगर निगम का बंदर पकड़ने का टेंडर ढाई साल से अटका है। हालांकि, फरवरी में बंदर पकड़ने का टेंडर हुआ था लेकिन ठेकेदार ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर असमर्थता जता दी थी। इसके बाद उसे ब्लैक लिस्ट कर दिया। नया टेंडर अब तक नहीं हुआ है।
विज्ञापन
कुत्तों के लिए निगम की ओर से पहरावर में प्रस्तावित शेल्टर होम भी अब तक नहीं बना है। निगम की सदन की बैठक में पास होने पर भी इसका काम अटका है। जिले के मोरखेड़ी गांव में पांच दिन पहले बंदर ने एक महिला को काट लिया था। उधर, बंदर-कुत्तों के हमलों को लेकर स्त्री शक्ति संगठन सहित अन्य सामाजिक नागरिकों ने मेयर रामवतार वाल्मीकि व अधिकारियों को मांगपत्र भेजने की तैयारी कर ली है।
विज्ञापन
शहर में कुत्तों व बंदरों का खौफ बढ़ रहा है। न बंदर पकड़े जा रहे हैं और न ही कुत्तों के लिए शेल्टर होम है। पार्क में भी बंदर और कुत्तों के झुंड देखे जा रहे हैं जो लोगों पर हमले कर रहे हैं। इस चिंताजनक स्थिति के समाधान की मांग मेयर से की जाएगी।
- ममता, संयाेजक, स्त्री शक्ति संगठन
कुत्ते व बंदरों की ओर से लोगों को काटने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इनके इलाज के लिए लोगों को बाहर से महंगी दवाई तक खरीदनी पड़ रही है। बच्चों के साथ पार्क में घूमना जोखिम भरा हो रहा है। उन्हें पैदल स्कूल जाने में डर लगता है। महिलाएं तो छतों पर भी नहीं जा पा रही हैं।
- शमशेर नेहरा, दुर्गा कॉलोनी निवासी
बोहर में महिलाओं व बुजुर्गों पर हमला बोल रहे बंदर
रोहतक। बोहर गांव में बंदरों से ग्रामीण दहशत में हैं। एक सप्ताह में बंदर चार लोगों को काट चुके हैं। इसको लेकर अठगामा भवन में मंगलवार की बैठक में ग्रामीणों ने जल्द बंदरों को पकड़वाने के लिए निगम प्रशासन से मांग की है। अठगामा प्रधान अजयपाल ने बताया कि बंदरों को पकड़ने के लिए नगर निगम को पत्र लिखा जाएगा। उन्होंने कहा कि नगर निगम के कर्मचारियों के साथ मिलकर गांव में मुनादी करवाकर बंदरों को पकड़ने का अभियान चलाया जाएगा। कुलदीप ने बताया कि ग्रामीण अनिल कुमार बंदरों के डर से छत से गिर गए थे जिससे उन्हें गंभीर चोटें आई हैं। नगर निगम के पार्क में बंदरों को हटाने का प्रयास कर रहे धर्मपाल को बंदरों ने काट लिया था। भीम सिंह पर गली में चलते हुए बंदरों ने हमला कर दिया। गांव की कई महिलाओं पर भी बंदर हमला बोल चुके हैं। संवाद
बंदर पकड़ने का नया टेंडर किया जाएगा जबकि कुत्तों के लिए शेल्टर होम की जगह पहरावर में जगह चिह्नित कर ली गई है। निगम का प्रयास है कि लोगों की समस्याओं का जल्द समाधान हो।
- सुधीर कुमार, मुख्य सफाई निरीक्षक, नगर निगम, रोहतक

40-शहर के डीएलफ कॉलोनी में घूमता बंदर। संवाद

40-शहर के डीएलफ कॉलोनी में घूमता बंदर। संवाद