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कोरोना में समाजसेवी संस्थाओं ने किया सराहनीय काम
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कोरोना की दूसरी लहर में सराहनीय काम करने वाली समाजसेवी संस्थाओं, उद्यमियों और दानियों को अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. राकेश गुप्ता ने सम्मानित कर उनका हौसला बढ़ाया। विकास भवन में आयोजित बैठक में उन्होंने कहा कि महामारी के दौरान समाजसेवी संस्थाओं और दानियों ने उल्लेखनीय योगदान दिया। प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए कि भविष्य में कोरोना जैसी आपदा से निपटने को प्राथमिकता के आधार पर तैयारी करें।
डॉ. गुप्ता ने कहा कि सीएम मनोहर लाल ने कहा है कि कोरोना के दौरान अच्छा काम करने वालों को सम्मानित किया जाए। सरकार द्वारा ऐसी संस्थाओं और लोगों का हौसला बढ़ाना जरूरी है। आपदा के समय जिले की सभी संस्थाओं ने बिना किसी स्वार्थ के लोगों की मदद की, प्रशासन को पूरा सहयोग दिया। पहली लहर के मुकाबले दूसरी लहर में ज्यादा नुकसान हुआ। उन्होंने डीसी कैप्टन मनोज कुमार के नेतृत्व में कोरोना को नियंत्रित करने को किए गए काम की सराहना की। डॉ. गुप्ता ने कहा कि अधिकारी 24 घंटे में मात्र दो-तीन घंटे सो कर विभिन्न प्रबंधों में लगे रहे। यह समय विश्लेषण करने का है ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी आपदा में जान-माल के नुकसान को कम किया जा सके। नगर निगम के सफाईकर्मियों, सेहत विभाग के डॉक्टरों, पैरा मेडिकल स्टाफ, पुलिस व अन्य संबंधित विभागों ने भी कोरोना के दौरान बढ़िया काम किया।
सरकारी तंत्र ने किया बढ़िया काम : जांगड़ा
राज्यसभा सदस्य रामचंद्र जांगड़ा ने कहा कि महामारी के दौरान सरकारी तंत्र ने बढ़िया काम किया, कोरोना संक्रमितों की हरसंभव मदद की गई। एक व्यक्ति के 90 प्रतिशत फेफड़े खराब होने पर उसे पीजीआईएमएस में भर्ती कराया गया, इलाज के बाद वह पूरी तरह स्वस्थ है। उन्होंने सुझाव दिया कि ऐसी आपदा के समय जेनरिक औषधालयों में दवाएं उपलब्ध होनी चाहिए, ताकि हर जरूरतमंद को मिल सके। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में वेंटिलेटर उपलब्ध कराए जाएं।
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लोगों का विश्वास किया बहाल : डीसी
डीसी कैप्टन मनोज कुमार ने कहा कि कोरोना के दौरान जनप्रतिनिधियों, एनजीओ, उद्यमियों और दानियों का पूरा सहयोग मिला। पहली लहर में संक्रमण का फैलाव और मृत्यु दर कम थे। तब प्रवासियों के रहने-खाने के प्रबंध पर जोर दिया गया था। दूसरी लहर में संक्रमण तेजी से फैला, ऑक्सीजन ट्रांसपोर्टेशन में दिक्कत आ रही थी। तब एडीसी महेंद्र पाल ने ऑक्सीजन मैन की भूमिका निभाई। तीनों एसडीएम ने खुद को पूरी तरह झोंक दिया, गांवों में जाकर कोरोना के संबंध में लोगों की भ्रांतियां दूर की। फील्ड और हेडक्वार्टर टीमों ने गांवों में जाकर लोगों की जांच की। सभी के स हयोग से सफलता प्राप्त हुई, लोगों का विश्वास बहाल हुआ। चंडीगढ़ मुख्यालय से हर समय त्वरित रिस्पॉन्स मिला। इस अवसर पर मेयर मनमोहन गोयल, निगम आयुक्त प्रदीप गोदारा और कई अधिकारी मौजूद थे।
इन्हें मिला सम्मान
कोरोना के दौरान जनसेवा के लिए कई शख्सियतों को सम्मानित किया गया। इनमें मेयर मनमोहन गोयल, उद्यमी राजेश जैन, स्वामी परमानंद महाराज, नरेश आनंद, योगेश कुमार, तनु अग्रवाल, हिमांशु पंवार, दीपक नागपाल, कपिल नागपाल, सत्यपाल गुलिया, मंजुल पालीवाल शामिल हैं। जनसेवा संस्थान और एलपीएस बोसार्ड की ओर से उपायुक्त कैप्टन मनोज को सम्मानित किया गया। एलपीएस बोसार्ड के एमडी राजेश जैन ने महिला व बाल विकास विभाग के लिए इको वाहन की चाभी डॉ. गुप्ता को भेंट की। यह वाहन वन स्टॉप सेंटर की पीड़ित महिलाओं की सुविधा के लिए दिया गया है।
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डॉ. गुप्ता ने कहा कि सीएम मनोहर लाल ने कहा है कि कोरोना के दौरान अच्छा काम करने वालों को सम्मानित किया जाए। सरकार द्वारा ऐसी संस्थाओं और लोगों का हौसला बढ़ाना जरूरी है। आपदा के समय जिले की सभी संस्थाओं ने बिना किसी स्वार्थ के लोगों की मदद की, प्रशासन को पूरा सहयोग दिया। पहली लहर के मुकाबले दूसरी लहर में ज्यादा नुकसान हुआ। उन्होंने डीसी कैप्टन मनोज कुमार के नेतृत्व में कोरोना को नियंत्रित करने को किए गए काम की सराहना की। डॉ. गुप्ता ने कहा कि अधिकारी 24 घंटे में मात्र दो-तीन घंटे सो कर विभिन्न प्रबंधों में लगे रहे। यह समय विश्लेषण करने का है ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी आपदा में जान-माल के नुकसान को कम किया जा सके। नगर निगम के सफाईकर्मियों, सेहत विभाग के डॉक्टरों, पैरा मेडिकल स्टाफ, पुलिस व अन्य संबंधित विभागों ने भी कोरोना के दौरान बढ़िया काम किया।
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सरकारी तंत्र ने किया बढ़िया काम : जांगड़ा
राज्यसभा सदस्य रामचंद्र जांगड़ा ने कहा कि महामारी के दौरान सरकारी तंत्र ने बढ़िया काम किया, कोरोना संक्रमितों की हरसंभव मदद की गई। एक व्यक्ति के 90 प्रतिशत फेफड़े खराब होने पर उसे पीजीआईएमएस में भर्ती कराया गया, इलाज के बाद वह पूरी तरह स्वस्थ है। उन्होंने सुझाव दिया कि ऐसी आपदा के समय जेनरिक औषधालयों में दवाएं उपलब्ध होनी चाहिए, ताकि हर जरूरतमंद को मिल सके। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में वेंटिलेटर उपलब्ध कराए जाएं।
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लोगों का विश्वास किया बहाल : डीसी
डीसी कैप्टन मनोज कुमार ने कहा कि कोरोना के दौरान जनप्रतिनिधियों, एनजीओ, उद्यमियों और दानियों का पूरा सहयोग मिला। पहली लहर में संक्रमण का फैलाव और मृत्यु दर कम थे। तब प्रवासियों के रहने-खाने के प्रबंध पर जोर दिया गया था। दूसरी लहर में संक्रमण तेजी से फैला, ऑक्सीजन ट्रांसपोर्टेशन में दिक्कत आ रही थी। तब एडीसी महेंद्र पाल ने ऑक्सीजन मैन की भूमिका निभाई। तीनों एसडीएम ने खुद को पूरी तरह झोंक दिया, गांवों में जाकर कोरोना के संबंध में लोगों की भ्रांतियां दूर की। फील्ड और हेडक्वार्टर टीमों ने गांवों में जाकर लोगों की जांच की। सभी के स हयोग से सफलता प्राप्त हुई, लोगों का विश्वास बहाल हुआ। चंडीगढ़ मुख्यालय से हर समय त्वरित रिस्पॉन्स मिला। इस अवसर पर मेयर मनमोहन गोयल, निगम आयुक्त प्रदीप गोदारा और कई अधिकारी मौजूद थे।
इन्हें मिला सम्मान
कोरोना के दौरान जनसेवा के लिए कई शख्सियतों को सम्मानित किया गया। इनमें मेयर मनमोहन गोयल, उद्यमी राजेश जैन, स्वामी परमानंद महाराज, नरेश आनंद, योगेश कुमार, तनु अग्रवाल, हिमांशु पंवार, दीपक नागपाल, कपिल नागपाल, सत्यपाल गुलिया, मंजुल पालीवाल शामिल हैं। जनसेवा संस्थान और एलपीएस बोसार्ड की ओर से उपायुक्त कैप्टन मनोज को सम्मानित किया गया। एलपीएस बोसार्ड के एमडी राजेश जैन ने महिला व बाल विकास विभाग के लिए इको वाहन की चाभी डॉ. गुप्ता को भेंट की। यह वाहन वन स्टॉप सेंटर की पीड़ित महिलाओं की सुविधा के लिए दिया गया है।