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आंदोलन की आड़ में अराजकता

Thu, 18 Feb 2016 01:13 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, रोहतक
ब्यूरो/ अमर उजाला, रोहतक Updated Thu, 18 Feb 2016 01:13 AM IST
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Sledging by jaat andolan
जाट आरक्षण आंदोलन की आड़ में कुछ युवाओं ने बुधवार को अराजकता फैलाने की कोशिश की। एमडीयू और जाट कॉलेज के पास लगाए गए जाम के बीच जब कुछ महिलाओं और छात्राओं ने निकलने की कोशिश की तो कुछ युवाओं ने उनसे बदसलूकी की। जब महिलाएं और छात्राएं बेरिकेड्स को हटाने पर अड़ गईं तो आंदोलनकारी नहीं माने।
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कुछ युवकों ने उन पर कमेंट्स भी कर दिए। इतना सब कुछ होने के बावजूद पुलिस बल मूकदर्शक बना रहा। हालांकि युवाओं की अराजकता तो देखते हुए पुलिस ने मौके की नजाकत भांप लिया और युवती और महिलाओं को आंदोलनकारियों के बीच से निकालकर रवाना किया।
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रास्ता मांगा तो बजाई ताली

आंदोलन के बीच में कुछ युवाओं के अभद्र व्यवहार का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जब छात्राओं और महिलाओं ने रास्ता खोलने के लिए कहा तो उनकी खिल्ली उड़ाई गई। इसी बीच उनके सामने ही आंदोलनकारियों ने तालियां पीटकर जाट आरक्षण के समर्थन में नारेबाजी भी शुरू कर दी।
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मदद के बहाने बदसलूकी

एमडीयू के गेट नंबर 2 के सामने प्रदर्शन का रहे कुछ आंदोलनकारियों ने मदद के बहाने छात्राओं से बदसलूकी की। जब छात्राओं को एमडीयू से आने जाने का रास्ता नहीं मिला तो उन्होंने दीवार फांदने का प्रयास किया। यहां कुछ आंदोलनकारी मदद के नाम पर छात्राओं पर छींटाकशी कर रहे थे। वहीं जब कुछ छात्राओं ने विरोध जताया तो उन्हें दीवार नहीं फांदने दिया गया।

पुलिस मौन, डीएसपी की गाड़ी रोकी


आरक्षण की मांग से अलग कुछ युवाओं की इन हरकतों के बाद भी पुलिस का रवैया उदासीन रहा। महिलाओं और छात्राओं के साथ हुई बदसलूकी के बावजूद पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास नहीं किया। इतना ही नहीं आंदोलनकारियों ने डीएसपी की गाड़ी को भी एमडीयू गेट पर ही रोक दिया। डीएसपी अमित भाटिया को टीम सहित अन्य धरना स्थल का जायजा लेने जाना था लेकिन, उनकी गाड़ी को भी नहीं जाने दिया गया। जब डीएसपी बातचीत करने पहुंचे तो यहां आंदोलनकारियों ने उनसे नोकझोंक की और पुलिस के सामने ही नारेबाजी शुरू कर दी।

युवती से बदसलूकी, बचाव में आई पुलिस से हाथापाई


शाम के समय जाट कॉलेज के बाहर युवाओं द्वारा जाट आंदोलन के पक्ष में लगाया गया जाम छात्राओं और महिलाओं के लिए सिरदर्द बना रहा। पुलिस प्रशासन जहां बेबस खड़ा था, वहीं एक युवती की जिद ने सभी आंदोलनरत युवाओं की हेकड़ी निकाल दी।

जाट कॉलेज के पास रास्ता मांगने पर एक युवती से बदसलूकी की गई। जब पुलिस युवती के बचाव में आई तो आंदोलनकारियों ने पुलिस के साथ ही हाथापाई की। हालांकि समय के रहते युवती को भीड़ के बीच से निकालकर घर भेज दिया गया।

जिद पर अड़ी युवती, बोली, जाऊंगी तो यहीं से


करीब पांच बजे एक लड़की अपने दो पहिया वाहन पर सवार हो कर जाट कॉलेज पर लगाए गए जाम में उलझ गई। यहां उसने युवाओं से बेरिकेड्स हटाने को कहा। इस बीच कुछ युवाओं ने उसे दूसरे रास्ते से जाने को कहा तो कुछ ने कमेंट्स कर दिया। इसी बीच युवती बेरिकेड्स हटाने की जिद पर अड़ गई।

तभी आंदोलन में बैठे युवाओं ने युवती को चारों तरफ से घेर लिया। इसी बीच जब युवाओं की युवती से बहस शुरू हो गई तो एक पुलिस कर्मी बचाव के लिए आगे आया। आखिरकार करीब एक घंटा चले हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद युवती अपनी जिद मनवाने में कामयाब रही।

पहले एक पुलिस कर्मी ने उसके वाहन को निकाला और बाद में उसे। यहां जैसे ही युवती बाहर आई उसने भी लड़कों पर कमेंट कर दिया। इस पर कुछ युवाओं ने युवती का पीछा किया। हालांकि तब तक युवती निकल गई। तभी एक अन्य युवती वहां पहुंची और उसने भी बेरिकेड्स हटाने को कहा।

आंदोलनकारियों ने कमेंट्स करते हुए उसे खुद ही बेरिकेट्स हटाने को कहा। इसी बीच युवती ने हिम्मत दिखाते हुए बेरिकेड्स हटाकर निकल गई।


पुलिस के चक्कर काट रहे ट्रक चालक

झज्जर रोड स्थित गांव मायना हाई-वे पर फंसे ट्रक चालकों का सब्र बुधवार आखिरकार टूट ही गया। वे अपनी व माल की सुरक्षा के लिए थानों के चक्कर काटते रहे, लेकिन किसी ने उनकी फरियाद नहीं सुनी।

पठानकोट निवासी राकेश कुमार ने बताया कि वे अबोहर से किन्नू लेकर कानपुर जा रहे हैं, लेकिन तीन दिन हो गया कोई रास्ता नहीं दिखाई दे रहा। वहीं कुलदीप सिंह ने बताया कि वे अमृतसर से फरीदाबाद के लिए टंकी लेकर निकले हैं, सड़क पर डर सताता रहता है कहीं कोई वारदात न हो जाए।


ट्रक चालक मलकीत सिंह ने बताया कि बटाला से निमराणा के लिए वे वाहनों का कंटेनर लेकर जा रहे हैं। पठानकोट निवासी गुर दयाल सिंह ने बताया कि वे कई थानों में जा चुके हैं और पुलिस सुनने को तैयार नहीं है। अब वे सदर थाने आए हैं, जिससे उनकी रिपोर्ट दर्ज कर उनका समाधान निकाला जाए।
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