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सर, माता-पिता की सेवा करनी है, तबादला कर दीजिए
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Wed, 09 Dec 2015 02:12 AM IST
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आईजी श्रीकांत जाधव ने मंगलवार को खुला दरबार लगाकर पुलिसकर्मियों की
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समस्याओं को सुना। इस दौरान किसी ने बीमार माता-पिता की सेवा करने के लिए
तबादला मांगा तो किसी ने बेटी की शादी करने के लिए। आईजी ने कई पुलिस वालों
को गलत टोपी लगाने के साथ ही कटिंग ठीक से नहीं कराने पर लताड़ लगाई।
आईजी ने पुलिसकर्मियों को अनुशासन में रहने के लिए नसीहत तक दे डाली। हालांकि जिनकी शिकायत मिली, उन्हें आड़े हाथों भी लिया।
आईजी का खुला दरबार मंगलवार को सुबह 11 बजे शुरू हुआ जो शाम पांच बजे तक चला। इसमें झज्जर, सोनीपत, पानीपत और रोहतक में तैनात पुलिसकर्मी अपनी समस्याएं लिखित में लेकर पहुंचे। चार जिलों के लगभग 60 पुलिसकर्मी तबादले के लिए पहुंचे तो पांच पुलिसकर्मियों ने पदोन्नति में आ रही रुकावट दूर करने की गुहार लगाई। इसके अलावा कई पुलिसकर्मी छुट्टियों की समस्या को लेकर भी पहुंचे।
आईजी ने सभी की समस्याओं को सुना और उनका समाधान करने का आश्वासन दिया। आईजी के पास 35 दिन के लिए हिसार जोन का भी चार्ज है। इसलिए वहां के कर्मचारी अपने कार्यालय के अधूरे पड़े काम को लेकर यहां पहुंचेे। वहां समस्या लेकर आये अधिकतर पुलिस कर्मियों ने केवल एक ही बात कही कि उनके माता-पिता बीमार हैं और उनकी सेवा करने के लिए तबादला कराना चाहते हैं।
बेटी की शादी करने के लिए तबादला कराने की मांग करने वाले भी कई पुलिसकर्मी थे। वहीं, कुछ पुलिसकर्मियों ने खुद को दिल का मरीज भी बताया और इस कारण तबादला कराने की मांग रखी। आईजी ने उन सभी की समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया है।
ये पुलिसकर्मी आए समस्या लेकर
आईजी के खुला दरबार में कमल, कुलदीप, जसवंत, आशीष कुमार, मुकेश कुमार, श्रीनिवास, राजेंद्र सिंह, संदीप, रमेश, प्रवीण कुमार, अजीत, मुकेश कुमार, सोनू, प्रदीप, श्रीकृष्णा, कुलदीप, नफे सिंह, जयप्रकाश, सोमबीर, रामबीर, अशोक कुमार, कमल कुमार, मनोज, प्रवीण, सुरेश चंद्र समेत 60 लोगों ने अपने तबादले की मांग की है। इसमें से अधिकतर पानीपत के लिए तबादला मांग रहे हैं।
वहीं, पानीपत से आए कुछ ने रोहतक में तबादला करने की मांग रखी है।
आईजी ने पुलिसकर्मियों को अनुशासन में रहने के लिए नसीहत तक दे डाली। हालांकि जिनकी शिकायत मिली, उन्हें आड़े हाथों भी लिया।
आईजी का खुला दरबार मंगलवार को सुबह 11 बजे शुरू हुआ जो शाम पांच बजे तक चला। इसमें झज्जर, सोनीपत, पानीपत और रोहतक में तैनात पुलिसकर्मी अपनी समस्याएं लिखित में लेकर पहुंचे। चार जिलों के लगभग 60 पुलिसकर्मी तबादले के लिए पहुंचे तो पांच पुलिसकर्मियों ने पदोन्नति में आ रही रुकावट दूर करने की गुहार लगाई। इसके अलावा कई पुलिसकर्मी छुट्टियों की समस्या को लेकर भी पहुंचे।
आईजी ने सभी की समस्याओं को सुना और उनका समाधान करने का आश्वासन दिया। आईजी के पास 35 दिन के लिए हिसार जोन का भी चार्ज है। इसलिए वहां के कर्मचारी अपने कार्यालय के अधूरे पड़े काम को लेकर यहां पहुंचेे। वहां समस्या लेकर आये अधिकतर पुलिस कर्मियों ने केवल एक ही बात कही कि उनके माता-पिता बीमार हैं और उनकी सेवा करने के लिए तबादला कराना चाहते हैं।
बेटी की शादी करने के लिए तबादला कराने की मांग करने वाले भी कई पुलिसकर्मी थे। वहीं, कुछ पुलिसकर्मियों ने खुद को दिल का मरीज भी बताया और इस कारण तबादला कराने की मांग रखी। आईजी ने उन सभी की समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया है।
ये पुलिसकर्मी आए समस्या लेकर
आईजी के खुला दरबार में कमल, कुलदीप, जसवंत, आशीष कुमार, मुकेश कुमार, श्रीनिवास, राजेंद्र सिंह, संदीप, रमेश, प्रवीण कुमार, अजीत, मुकेश कुमार, सोनू, प्रदीप, श्रीकृष्णा, कुलदीप, नफे सिंह, जयप्रकाश, सोमबीर, रामबीर, अशोक कुमार, कमल कुमार, मनोज, प्रवीण, सुरेश चंद्र समेत 60 लोगों ने अपने तबादले की मांग की है। इसमें से अधिकतर पानीपत के लिए तबादला मांग रहे हैं।
वहीं, पानीपत से आए कुछ ने रोहतक में तबादला करने की मांग रखी है।