{"_id":"662d8c95c25f5baed90a0e44","slug":"sick-system-there-is-no-treatment-for-stomach-ache-no-allergy-not-even-antibiotics-rohtak-news-c-17-roh1020-410884-2024-04-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rohtak News: बीमार व्यवस्था... पेट दर्द का इलाज न एलर्जी का, एंटीबॉयोटिक भी नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rohtak News: बीमार व्यवस्था... पेट दर्द का इलाज न एलर्जी का, एंटीबॉयोटिक भी नहीं
Sun, 28 Apr 2024 05:09 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Sun, 28 Apr 2024 05:09 AM IST
विज्ञापन
रोहतक। नागरिक अस्पताल में पिछले दो माह से दवाओं की किल्लत बनी हुई है। पिछले 15 दिनों से दवाओं की कमी अखरने लगी है। औषधालय की सिमटी दवा सूची में से लगभग आधी दवाएं खत्म हो चुकी हैं। हालात ये हैं कि अस्पताल में बच्चों के कफ सिरप से लेकर पेट के कीड़े मारने वाली, एलर्जी व आंखों की दवा, दर्द निवारक व एंटीबायोटिक तक नहीं हैं। स्वास्थ्य विभाग के वेयर हाउस के स्टॉक में भी दवा खत्म हो चुकी है। ऐसे में मरीजों को बाजार से महंगे दाम पर दवा खरीदनी पड़ रही है। इधर, अस्पताल प्रशासन का दावा है कि दवा की डिमांड भेजी जा चुकी है। सप्लाई मुख्यालय से आनी है। अमर उजाला की टीम ने शनिवार को नागरिक अस्पताल में पड़ताल की तो यह सच सामने आया।
सामान्य अस्पताल में पिछले करीब दो माह से दवाओं की कमी बनी हुई है। वेयरहाउस तक में दवा न होने के चलते औषधालय में ज्यादातर दवाएं नहीं मिल रही हैं। इस कारण अस्पताल में रोज आने वाले करीब तीन हजार से अधिक मरीजों को लगभग आधी दवा बाजार से खरीदनी पड़ रही है। अस्पताल में ज्यादातर मध्यम वर्ग या निम्न वर्ग के लोग आते हैं। इनमें से बड़ी संख्या में मरीजों की आर्थिक स्थिति कमजोर होती है। बाजार की महंगी दवा खरीदना इनके लिए मुश्किल है। ऐसे में दवा पर अपनी आमदनी का बड़ा हिस्सा खर्चना मरीजों को अखर रहा है।
दो माह से नहीं है यह दवा
-मेटफॉर्मिन : ब्लड शुगर नियंत्रित करता है।
-एजिथ्रोमाइसिन (सिरप) : छाती में संक्रमण व सांस की समस्या में उपयोगी।
- अमोक्सील (सिरप) : एंटीबायोटिक दवा।
-एमोक्सिक्लेव (सिरप) : एंटी-बायोटिक।
-सीएमसी आई ड्रॉप : ड्राइनेस और दर्द से राहत।
-एलबेंडाजोल : परजीवी संक्रमण के इलाज में उपयोगी।
-एंटासिड : अपच और सीने में जलन से देती है राहत।
-नेत्र जांच कराने को आए हैं। चिकित्सक ने जो दवा लिखी है, वह तो औषधालय में मिल नहीं रही है। अब बाजार से खरीदनी पड़ेगी। -जगबीर, सुनारिया
-आंखों में समस्या है। काफी दिनों से इलाज चल रहा है। यहां पहले दवा मिल जाती रही है। इस बार छह दवा चिकित्सक ने लिखी थी जिसमें से सिर्फ दो दवा ही प्राप्त हुई है।
विज्ञापन
नरेश कुमार, फरमाना
-- बच्चे की जांच कराने आए हैं। सर्दी-जुकाम, खांसी से परेशान है। चिकित्सक ने जो दवा परामर्श की है वह सरकारी औषधालय में प्राप्त नहीं हुई। चार में से तीन दवा बाजार से खरीदनी पड़ रही है।
-गंगा, अशोका चौक
-- दोनों बच्चे वायरल बुखार की चपेट में हैं। चिकित्सक ने जांच कर दवा परामर्श की है। सरकारी औषधालय में दवा नहीं मिली है। बाजार में यह दवा महंगी है, मजबूरी में खरीदनी तो पड़ेगी ही।
-राजवंती, किला रोड
-- वर्जन
कुछ दवाओं की न होने की जानकारी है। दवा के लिए डिमांड भेजी गई है। जल्द ही सप्लाई आने के बाद मरीजों के लिए दवा उपलब्ध हो जाएगी।
-डॉ. पुष्पेंद्र, चिकित्सा अधीक्षक, नागरिक अस्पताल
विज्ञापन
सामान्य अस्पताल में पिछले करीब दो माह से दवाओं की कमी बनी हुई है। वेयरहाउस तक में दवा न होने के चलते औषधालय में ज्यादातर दवाएं नहीं मिल रही हैं। इस कारण अस्पताल में रोज आने वाले करीब तीन हजार से अधिक मरीजों को लगभग आधी दवा बाजार से खरीदनी पड़ रही है। अस्पताल में ज्यादातर मध्यम वर्ग या निम्न वर्ग के लोग आते हैं। इनमें से बड़ी संख्या में मरीजों की आर्थिक स्थिति कमजोर होती है। बाजार की महंगी दवा खरीदना इनके लिए मुश्किल है। ऐसे में दवा पर अपनी आमदनी का बड़ा हिस्सा खर्चना मरीजों को अखर रहा है।
विज्ञापन
दो माह से नहीं है यह दवा
-मेटफॉर्मिन : ब्लड शुगर नियंत्रित करता है।
-एजिथ्रोमाइसिन (सिरप) : छाती में संक्रमण व सांस की समस्या में उपयोगी।
- अमोक्सील (सिरप) : एंटीबायोटिक दवा।
-एमोक्सिक्लेव (सिरप) : एंटी-बायोटिक।
-सीएमसी आई ड्रॉप : ड्राइनेस और दर्द से राहत।
-एलबेंडाजोल : परजीवी संक्रमण के इलाज में उपयोगी।
-एंटासिड : अपच और सीने में जलन से देती है राहत।
-नेत्र जांच कराने को आए हैं। चिकित्सक ने जो दवा लिखी है, वह तो औषधालय में मिल नहीं रही है। अब बाजार से खरीदनी पड़ेगी। -जगबीर, सुनारिया
-आंखों में समस्या है। काफी दिनों से इलाज चल रहा है। यहां पहले दवा मिल जाती रही है। इस बार छह दवा चिकित्सक ने लिखी थी जिसमें से सिर्फ दो दवा ही प्राप्त हुई है।
विज्ञापन
नरेश कुमार, फरमाना
-गंगा, अशोका चौक
-राजवंती, किला रोड
कुछ दवाओं की न होने की जानकारी है। दवा के लिए डिमांड भेजी गई है। जल्द ही सप्लाई आने के बाद मरीजों के लिए दवा उपलब्ध हो जाएगी।
-डॉ. पुष्पेंद्र, चिकित्सा अधीक्षक, नागरिक अस्पताल