{"_id":"640e0bbc8294f7f8390cf2b4","slug":"shopkeepers-deprived-of-the-benefits-of-urban-ownership-scheme-will-appeal-to-the-officers-today-rohtak-news-c-17-1-91499-2023-03-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rohtak News: शहरी स्वामित्व योजना के लाभ से वंचित दुकानदार आज अफसरों से लगाएंगे गुहार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rohtak News: शहरी स्वामित्व योजना के लाभ से वंचित दुकानदार आज अफसरों से लगाएंगे गुहार
Sun, 12 Mar 2023 10:58 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Sun, 12 Mar 2023 10:58 PM IST
विज्ञापन
महम। नगर पालिका (नपा) की दुकानों पर बतौर किरायेदार बीस साल व उससे अधिक समय से काबिज लोगों ने महाजनान धर्मशाला में बैठक की। इसमें सर्वसम्मति से धर्मबीर कौशिक को अपना प्रधान चुनने की प्रक्रिया पूरी की।
इसके बाद किरायेदारों ने नगर पालिका प्रधान प्रतिनिधि फतेह सिंह पंवार से मुलाकात की और बताया कि हाउस की बैठक में प्रस्ताव पास होने के बावजूद भी अभी तक यह योजना सिरे नहीं चढ़ सकी। इस बारे में अधिकारियों से बात की जाएगी, अगर फिर भी बात नहीं बनी तो दुकानदारों के साथ खुद कमिश्नर से मिलकर योजना को सरकार के नियमानुसार सौ प्रतिशत अमल में लाने का काम करेंगे।
उन्होंने बताया कि अपनी मांग को लेकर सोमवार को दुकानदार सुबह 9 बजे नगरपालिका कार्यालय पहुंचेंगे। यहां सचिव से हाल की स्थिति के बारे में पूछताछ करेंगे और रोहतक नगर कमिश्नर से मुलाकात कर लेट लतीफ करने के जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेंगे।
विज्ञापन
इस अवसर पर राजीव शर्मा, इंद्र बजाज, रक्षक रोहिला, नरेंद्र सरपंच,हन्नी मनचंदा, राजन ठकराल, ओमप्रकाश सैनी, हैप्पी, लक्ष्मण ठकराल,अशोक पंवार, विजय धवन, बलदेव, दर्शन लाल, धर्मबीर, गुलशन, जोगेंद्र, कृष्ण कुमार, मनोज, नरेंद्र, राजेश, राजू रावल, राजेंद्र आदि मौजूद रहे।
निगम आयुक्त के सामने बयां कर चुके परेशानी
मुख्यमंत्री शहरी स्वामित्व योजना के महम प्रधान धर्मवीर कौशिक ने बताया कि मुख्यमंत्री शहरी स्वामित्व एक जनकल्याणकारी योजना है। आज से लगभग पांच साल पहले यह पटल पर लाई गई थी। लेकिन अधिकारियों की गलत सोच के चलते अभी तक इस योजना को अमलीजामा नहीं पहनाया जा सका है। उन्होंने बताया कि 18 जनवरी को महम नगरपालिका के अधिकारियों से परेशान योजना के हकदारों ने निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा से मिलकर गुहार लगाई थी। कमिश्नर की ओर से अधिकारियों को तुरंत किरायेदारों को मालिकाना हक देने का आदेश दिया था। लेकिन महम नगर पालिका के अधिकारी फाइलों को पूरा करने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। इसलिए उनके काम में देरी हो रही है। दुकानदारों ने बताया कि दो माह बीत जाने के बावजूद आयुक्त के आदेशानुसार अभी तक ऑडिट की कार्रवाई भी पूरी नहीं कर सके हैं। फाइलों पर जो कार्य पहले किया जा चुका था वहीं पर अटका हुआ है। कभी ऑडिटर बीमार होने की बात कही जा रही है कभी छुट्टी पर चले जाने की बात कहकर टाल दिया जाता है।
विज्ञापन
इसके बाद किरायेदारों ने नगर पालिका प्रधान प्रतिनिधि फतेह सिंह पंवार से मुलाकात की और बताया कि हाउस की बैठक में प्रस्ताव पास होने के बावजूद भी अभी तक यह योजना सिरे नहीं चढ़ सकी। इस बारे में अधिकारियों से बात की जाएगी, अगर फिर भी बात नहीं बनी तो दुकानदारों के साथ खुद कमिश्नर से मिलकर योजना को सरकार के नियमानुसार सौ प्रतिशत अमल में लाने का काम करेंगे।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि अपनी मांग को लेकर सोमवार को दुकानदार सुबह 9 बजे नगरपालिका कार्यालय पहुंचेंगे। यहां सचिव से हाल की स्थिति के बारे में पूछताछ करेंगे और रोहतक नगर कमिश्नर से मुलाकात कर लेट लतीफ करने के जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेंगे।
विज्ञापन
इस अवसर पर राजीव शर्मा, इंद्र बजाज, रक्षक रोहिला, नरेंद्र सरपंच,हन्नी मनचंदा, राजन ठकराल, ओमप्रकाश सैनी, हैप्पी, लक्ष्मण ठकराल,अशोक पंवार, विजय धवन, बलदेव, दर्शन लाल, धर्मबीर, गुलशन, जोगेंद्र, कृष्ण कुमार, मनोज, नरेंद्र, राजेश, राजू रावल, राजेंद्र आदि मौजूद रहे।
निगम आयुक्त के सामने बयां कर चुके परेशानी
मुख्यमंत्री शहरी स्वामित्व योजना के महम प्रधान धर्मवीर कौशिक ने बताया कि मुख्यमंत्री शहरी स्वामित्व एक जनकल्याणकारी योजना है। आज से लगभग पांच साल पहले यह पटल पर लाई गई थी। लेकिन अधिकारियों की गलत सोच के चलते अभी तक इस योजना को अमलीजामा नहीं पहनाया जा सका है। उन्होंने बताया कि 18 जनवरी को महम नगरपालिका के अधिकारियों से परेशान योजना के हकदारों ने निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा से मिलकर गुहार लगाई थी। कमिश्नर की ओर से अधिकारियों को तुरंत किरायेदारों को मालिकाना हक देने का आदेश दिया था। लेकिन महम नगर पालिका के अधिकारी फाइलों को पूरा करने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। इसलिए उनके काम में देरी हो रही है। दुकानदारों ने बताया कि दो माह बीत जाने के बावजूद आयुक्त के आदेशानुसार अभी तक ऑडिट की कार्रवाई भी पूरी नहीं कर सके हैं। फाइलों पर जो कार्य पहले किया जा चुका था वहीं पर अटका हुआ है। कभी ऑडिटर बीमार होने की बात कही जा रही है कभी छुट्टी पर चले जाने की बात कहकर टाल दिया जाता है।