फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   Shakti Swarupa: The spirit of donating one's body after death gave recognition to poetry

शक्ति स्वरूपा : मरणोपरांत देहदान के जज्बे ने कविता को दिलाई पहचान

Wed, 17 Apr 2024 06:07 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक Updated Wed, 17 Apr 2024 06:07 AM IST
विज्ञापन
Shakti Swarupa: The spirit of donating one's body after death gave recognition to poetry

विज्ञापन

बादली (बहादुरगढ़)। स्वास्थ्य सेवाओं के साथ सामाजिक कार्यों में सराहनीय भूमिका निभाने वाली कविता गुलिया ने मरणोपरांत देहदान का निर्णय लेकर महिलाओं के लिए मिसाल पेश की है। बादली के गांव जहांगीरपुर की बहू कविता गुलिया फिलहाल झज्जर में नर्सिंग ऑफिसर के ताैर पर सेवाएं दे रही हैं। वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सम्मानित हो चुकी हैं।
कविता गुलिया का कहना है कि नारी किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं रह सकती, कुछ करने का जज्बा ही मंजिल काे आसान कर सकता है। मरणोपरांत देहदान करने वाली कविता का मानना है कि उनकी माैत के बाद भी आठ लोगों को जीवन मिल सकेगा। देहदान का फैसला शुरू में चुनौती पूर्ण रहा, लेकिन बाद में उन्हें अपने फैसले पर गर्व हो रहा है।
विज्ञापन

प्रीआरडी में रेवाड़ी जिले से पहली बालिका के रूप में चुनी गई थी कविता
2004 में प्रीआरडी कार्यक्रम में जिला स्तर पर कविता का चयन हुआ था। कविता का दावा है कि रेवाड़ी में वह पहली लड़की थीं जिनका जिले से चयन हुआ था। हाल में 29 फरवरी को एक नए राष्ट्रीय स्तर पर सामाजिक कार्यकर्ता के तौर पर कविता को सम्मानित किया गया। वह लोगों को सामाजिक सद्भाव, भाईचारे को बढ़ाने के लिए वह काम कर रही हैं। इसी का परिणाम है कि विभिन्न क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए कविता गुलिया को महिला दिवस पर राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने पंचकूला में सम्मानित किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने के लिए कर रहीं काम
कविता को महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने में शानदार उपलब्धियां और समाज को सकारात्मक संदेश देने के लिए जाना जाता है। उनको लगातार 15 साल से नर्सिंग अधिकारी के तौर पर स्वास्थ्य क्षेत्र के साथ-साथ, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, नसबंदी अभियान, टीवी मुक्त अभियान और स्वास्थ्य विभाग की ओर से चलाए जा रहे पोलियो मुक्त अभियान में बढ़ चढ़कर भागीदारी की है। कोरोना काल में 2 साल तक सेवाएं देकर स्वास्थ्य विभाग को आगे बढ़ाया है और स्वास्थ्य विभाग की ओर से सम्मानित होने का गौरव भी हासिल किया है।




विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed