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विकास कार्यों में धांधली के आरोप लगाने वाले एसई पर गिरी गाज, झज्जर हुआ तबादला
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लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता (एसई) अरुण कुमार सिंगला और कार्यकारी अभियंता उदयवीर सिंह झांझरिया के बीच हुए विवाद और आरोपों-प्रत्यारोपों से विभाग में हलचल पैदा हो गई है। विकास कार्यों में धांधली के आरोप लगाने वाले एसई का ही विभाग ने झज्जर तबादला कर दिया है। अब झज्जर एसई अशोक कुमार रोहतक का कार्यभार संभालेंगे।
बता दें कि अधीक्षण अभियंता ने अपने ही विभाग के कार्यकारी अभियंता के खिलाफ पुलिस अधीक्षक को शिकायत पत्र सौंपा था। एसई ने आरोप लगाया था कि सोमवार की शाम को वह कार्यालय में बैठे थे, तभी कार्यकारी अभियंता अपने 13 साथियों के साथ आ गए और तेज आवाज में बात करते हुए हमलावर हो गए। साथ ही लिखा था कि जान से मार डालने की धमकी दी और चले गए। एसई ने अपनी जान का खतरा बताते हुए सुरक्षा की मांग की थी। वहीं कार्यकारी अभियंता उदयवीर सिंह ने एसई पर साजिश रचने, अन्य अधिकारियों को भी प्रताड़ित करने सहित कई संगीन आरोप लगाए थे। किसान आंदोलन के चलते पुलिस अभी मामले की जांच शुरू भी नहीं कर पाई थी कि वीरवार को शासन ने एसई अरुण कुमार सिंगला का तबादला झज्जर कर दिया। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर एसई सिंगला ने तत्काल अपना चार्ज छोड़ दिया। वहीं झज्जर के एसई अशोक कुमार ने यहां का चार्ज संभाल लिया है।
तबादले के पीछे आपसी विवाद बनी वजह
एसई सिंगला ने दो महीने पहले 23 सितंबर को यहां का कार्यभार संभाला था। शुरुआत में तो वह अक्सर बाहर ही रहे, लेकिन जब से कार्यभार संभाला अधीनस्थ अधिकारी असंतुष्ट होते रहे। कार्यालय में एसई को लेकर चर्चाएं गरम रहीं। दफ्तर में हर कोई यह कह रहा है कि एसई सिंगला ने प्रधानमंत्री सड़क योजना से बनने वाली 15 सड़कों के टेंडर आवंटन पर न सिर्फ सवाल खड़े किए, बल्कि इसकी जांच के लिए शासन को रिपोर्ट भेज दी। इधर एसई ने जब कार्यकारी अभियंता के खिलाफ एसपी को शिकायत दी, जिसमें खुद की जान को खतरा बताया, तब शासन ने आनन फानन में उनका तबादला कर दिया गया। अधिकारी व कर्मचारी यही मान रहे हैं कि एसई के तबादले के पीछे आपसी विवाद ही वजह बना है।
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एसई बोले, शासन का निर्णय मान्य
एसई अरुण कुमार सिंगला ने अपना तबादला होने की पुष्टि करते हुए कहा है कि उन्हें शासन का निर्णय मान्य है, इसलिए आदेश मिलते ही उन्होंने अपना चार्ज छोड़ दिया है। साथ ही कहा कि पीडब्ल्यूडी रोहतक की गड़बड़ियां शासन से लेकर विभाग तक के सामने आ चुकी हैं, जो अब छिपने वाली नहीं हैं।
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बता दें कि अधीक्षण अभियंता ने अपने ही विभाग के कार्यकारी अभियंता के खिलाफ पुलिस अधीक्षक को शिकायत पत्र सौंपा था। एसई ने आरोप लगाया था कि सोमवार की शाम को वह कार्यालय में बैठे थे, तभी कार्यकारी अभियंता अपने 13 साथियों के साथ आ गए और तेज आवाज में बात करते हुए हमलावर हो गए। साथ ही लिखा था कि जान से मार डालने की धमकी दी और चले गए। एसई ने अपनी जान का खतरा बताते हुए सुरक्षा की मांग की थी। वहीं कार्यकारी अभियंता उदयवीर सिंह ने एसई पर साजिश रचने, अन्य अधिकारियों को भी प्रताड़ित करने सहित कई संगीन आरोप लगाए थे। किसान आंदोलन के चलते पुलिस अभी मामले की जांच शुरू भी नहीं कर पाई थी कि वीरवार को शासन ने एसई अरुण कुमार सिंगला का तबादला झज्जर कर दिया। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर एसई सिंगला ने तत्काल अपना चार्ज छोड़ दिया। वहीं झज्जर के एसई अशोक कुमार ने यहां का चार्ज संभाल लिया है।
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तबादले के पीछे आपसी विवाद बनी वजह
एसई सिंगला ने दो महीने पहले 23 सितंबर को यहां का कार्यभार संभाला था। शुरुआत में तो वह अक्सर बाहर ही रहे, लेकिन जब से कार्यभार संभाला अधीनस्थ अधिकारी असंतुष्ट होते रहे। कार्यालय में एसई को लेकर चर्चाएं गरम रहीं। दफ्तर में हर कोई यह कह रहा है कि एसई सिंगला ने प्रधानमंत्री सड़क योजना से बनने वाली 15 सड़कों के टेंडर आवंटन पर न सिर्फ सवाल खड़े किए, बल्कि इसकी जांच के लिए शासन को रिपोर्ट भेज दी। इधर एसई ने जब कार्यकारी अभियंता के खिलाफ एसपी को शिकायत दी, जिसमें खुद की जान को खतरा बताया, तब शासन ने आनन फानन में उनका तबादला कर दिया गया। अधिकारी व कर्मचारी यही मान रहे हैं कि एसई के तबादले के पीछे आपसी विवाद ही वजह बना है।
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एसई बोले, शासन का निर्णय मान्य
एसई अरुण कुमार सिंगला ने अपना तबादला होने की पुष्टि करते हुए कहा है कि उन्हें शासन का निर्णय मान्य है, इसलिए आदेश मिलते ही उन्होंने अपना चार्ज छोड़ दिया है। साथ ही कहा कि पीडब्ल्यूडी रोहतक की गड़बड़ियां शासन से लेकर विभाग तक के सामने आ चुकी हैं, जो अब छिपने वाली नहीं हैं।