फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   Sankat Mochan Temple... Durga Stuti recitation will be held for 9 days from 4 to 6 pm

Rohtak News: संकट मोचन मंदिर... शाम 4 से 6 बजे 9 दिनों तक होगा दुर्गा स्तुति पाठ

Sun, 07 Apr 2024 02:14 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 07 Apr 2024 02:14 AM IST
विज्ञापन
Sankat Mochan Temple... Durga Stuti recitation will be held for 9 days from 4 to 6 pm
रोहतक। जिले के मंदिरों में चैत्र नवरात्र की तैयारियां जोरों पर हैं। शहर के विभिन्न मंदिरों में हर साल नवरात्र पर विशेष कार्यक्रम होते हैं। माता दरवाजा स्थित संकट मोचन मंदिर में रोज शाम 4 से 6 बजे तक दुर्गा स्तुति पाठ होगा। मंदिर में मां के दरबार को विशेष साज-सज्जा, श्रृंगार, रंगबिरंगी लाइटों व फूल-मालाओं से सजाया गया है। मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा मां के लिए ड्रेस तैयार की जा रही है।
विज्ञापन


इस तरह रहेगा कार्यक्रम
नवरात्र की शुरुआत के साथ मंगलवार को सुबह 8 बजे कलश स्थापना व खेतरी बिजी जाएगी। घट स्थापना का मुहूर्त सुबह 06 बजकर 02 मिनट से सुबह 10 बजकर 16 मिनट तक और घट स्थापना अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 57 मिनट से 12 बजकर 48 मिनट तक रहेगा। निरंतर नौ दिन तक चौबीस घंटे मां की ज्योत जलेगी, अखंड पाठ होगा व रोज शाम 4 से 6 बजे तक दुर्गा स्तुति का पाठ और गद्दीनशीन साध्वी मानेश्वरी देवी के प्रवचन होंगे। इसके बाद आरती होगी और प्रसाद वितरित किया जाएगा। भक्तजन जल, गंगाजल, फूल-मालाओं, फल-फ्रूट, नारियल की भेंट चढ़ाकर, लाल चुनरियां ओढ़ाकर, चंदन, पान सुपारी से मां की पूजा अर्चना कर खुशहाली की मन्नतें मांगेंगे।
विज्ञापन


मां घोड़े पर सवार होकर आएंगी और हाथी पर जाएंगी : साध्वी मानेश्वरी देवी
वास्तुविद, ज्योतिषाचार्य और गद्दीनशीन साध्वी मानेश्वरी देवी ने बताया कि हर वर्ष नवरात्रि के समय तिथि के अनुसार माता विभिन्न वाहनों पर सवार होकर धरती पर आती हैं। इस बार मंगलवार को माता अश्व यानी घोड़े पर सवार होकर आएंगी जो अतिशीघ्रता, प्राकृतिक आपदा और सत्ता परिवर्तन का संकेत है। वहीं मां हाथी पर सवार होकर जाएंगी, जोकि बुद्धि, अच्छी बारिश, खुशहाली और तरक्की का प्रतीक है। मानश्वरी देवी ने कहा कि इन नौ दिनों में आदिशक्ति मां भगवती के नौ स्वरूपों की पूजा होती है। इनमें मां शैलपुत्री, मां ब्रह्मचारिणी, मां चंद्रघंटा, मां कुष्मांडा, मां स्कंदमाता, मां कात्यायनी, मां कालरात्रि, मां महागौरी और मां सिद्धिदात्री का पूजन किया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस तरह होता है स्तुति पाठ
दुर्गा सप्तशती के पाठ से पहले श्रीदुर्गा सप्तशती की पुस्तक को लाल कपड़ा बिछाकर साफ स्थान पर रखें। इस जगह को शुद्ध कर लें। इसके बाद कुमकुम, चावल और फूलों से पूजा करें। माथे पर रोली लगा पूर्वाभिमुख होकर तत्व शुद्धि के लिए 4 बार आचमन करें। दुर्गा सप्तमी में 360 शक्तियों का वर्णन किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed