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जिले में संदीप डीसी व हिमांशु भाऊ गिरोह हैं सक्रिय
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रोहतक। पंजाब के नामी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या ने कई राज्यों की पुलिस की नींद उड़ाई हुई है। हत्याकांड को लेकर जांच एजेंसियां अलग-अलग स्तर पर प्रयास कर रही हैं। इसी कड़ी में प्रदेश में भी पुलिस अलर्ट पर है। जिले की बात करें तो यहां दो सक्रिय गिरोह हैं। पिछले दो-तीन वर्षों में सामने आए इन गिरोह के बीच लगातार हत्याएं हो रही हैं। इनमें से एक निंदाना का संदीप डीसी गिरोह है व दूसरा रिटौली का हिमांशु भाऊ गिरोह। पुलिस इन दोनों की गिरफ्तारी को लेकर ताबड़तोड़ छापे की कार्रवाई कर रही है।
पुलिस की मानें तो जिले में अब तक कई गिरोह बने और कई खत्म हो गए। कुछ भूमिगत हैं तो कुछ सक्रिय। इनमें से दो को छोड़ दें तो शेष 15 से ज्यादा गिरोह या तो जेल में हैं या अपराध से किनारा कर चुके हैं। पुलिस का दावा है कि अपराध छोड़ने के बाद सादगी से जीवन जी रहे अपने समय में नामी बदमाशों को काफी समय से किसी आपराधिक गतिविधि में नहीं देखा गया है। जिले में मात्र दो सक्रिय गिरोह को लेकर भी आपसी रंजिश में वारदात कभी कभार होती हैं। इन दोनों के ही गुर्गे पिछले कुछ महीनों से भूमिगत हैं। पिछले करीब दो से तीन साल में नये लड़कों का बनाया गिरोह पुलिस की पकड़ में आने पर अन्य बातें सामने आ पाएंगी। इसमें गिरोह कैसे और क्यों बना। हथियार कहां से और कैसे ला रहे हैं। इन सवालों के जवाब पुलिस के लिए भी अहम हैं। इसलिए लगातार कार्रवाई जारी है।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, जिले में करीब 42 मोस्ट वांटेड बदमाश हैं। पिछले पांच माह में पुलिस इनमें से 17 को जेल भेज चुकी है। जबकि 25 अभी फरार हैं। इन भूमिगत बदमाशों की कुंडली खंगाल रही पुलिस को नाकों चने चबाने पड़ रहे हैं। पुलिस गढ़ी सिसाना के कुख्यात गैंगस्टर प्रियव्रत फौजी से रोहतक के बदमाशों के बीच जुड़े संपर्क के तार तलाश रही है। ऐसे बदमाशों की सूची भी तैयार की जा रही है। गढ़ी सिसाना रोहतक के करीब होने के चलते सोनीपत व रोहतक पुलिस अलर्ट पर है। जिले की सीआईए, स्पेशल सेल, एसटीएफ भी अलर्ट पर रहने के साथ बदमाशों के संभावित ठिकानों पर भी छापे मार रही है।
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वर्जन:
जिले में दो ही सक्रिय गिरोह हैं। इसमें निंदाना का संदीप डीसी व रिटौली का हिमांशु भाऊ गिरोह शामिल है। इन गिरोह के सरगना व गुर्गों की तलाश जारी है। जिले के ज्यादातर बदमाश जेल में हैं। इनके गिरोह भी निष्क्रिय हैं। कुछ पुराने बदमाश अपराध से किनारा कर गए हैं। उनकी पिछले काफी समय से किसी आपराधिक मामले में संलिप्तता नहीं देखी गई है। इलाके के फरार मोस्ट वांटेड को भी गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है। सक्रिय गिरोह के सरगना या खास गुर्गे की गिरफ्तारी पर गिरोह से जुड़ी अन्य बातें सामने आएंगी।
- उदय सिंह मीना, पुलिस अधीक्षक।
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पुलिस की मानें तो जिले में अब तक कई गिरोह बने और कई खत्म हो गए। कुछ भूमिगत हैं तो कुछ सक्रिय। इनमें से दो को छोड़ दें तो शेष 15 से ज्यादा गिरोह या तो जेल में हैं या अपराध से किनारा कर चुके हैं। पुलिस का दावा है कि अपराध छोड़ने के बाद सादगी से जीवन जी रहे अपने समय में नामी बदमाशों को काफी समय से किसी आपराधिक गतिविधि में नहीं देखा गया है। जिले में मात्र दो सक्रिय गिरोह को लेकर भी आपसी रंजिश में वारदात कभी कभार होती हैं। इन दोनों के ही गुर्गे पिछले कुछ महीनों से भूमिगत हैं। पिछले करीब दो से तीन साल में नये लड़कों का बनाया गिरोह पुलिस की पकड़ में आने पर अन्य बातें सामने आ पाएंगी। इसमें गिरोह कैसे और क्यों बना। हथियार कहां से और कैसे ला रहे हैं। इन सवालों के जवाब पुलिस के लिए भी अहम हैं। इसलिए लगातार कार्रवाई जारी है।
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पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, जिले में करीब 42 मोस्ट वांटेड बदमाश हैं। पिछले पांच माह में पुलिस इनमें से 17 को जेल भेज चुकी है। जबकि 25 अभी फरार हैं। इन भूमिगत बदमाशों की कुंडली खंगाल रही पुलिस को नाकों चने चबाने पड़ रहे हैं। पुलिस गढ़ी सिसाना के कुख्यात गैंगस्टर प्रियव्रत फौजी से रोहतक के बदमाशों के बीच जुड़े संपर्क के तार तलाश रही है। ऐसे बदमाशों की सूची भी तैयार की जा रही है। गढ़ी सिसाना रोहतक के करीब होने के चलते सोनीपत व रोहतक पुलिस अलर्ट पर है। जिले की सीआईए, स्पेशल सेल, एसटीएफ भी अलर्ट पर रहने के साथ बदमाशों के संभावित ठिकानों पर भी छापे मार रही है।
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वर्जन:
जिले में दो ही सक्रिय गिरोह हैं। इसमें निंदाना का संदीप डीसी व रिटौली का हिमांशु भाऊ गिरोह शामिल है। इन गिरोह के सरगना व गुर्गों की तलाश जारी है। जिले के ज्यादातर बदमाश जेल में हैं। इनके गिरोह भी निष्क्रिय हैं। कुछ पुराने बदमाश अपराध से किनारा कर गए हैं। उनकी पिछले काफी समय से किसी आपराधिक मामले में संलिप्तता नहीं देखी गई है। इलाके के फरार मोस्ट वांटेड को भी गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है। सक्रिय गिरोह के सरगना या खास गुर्गे की गिरफ्तारी पर गिरोह से जुड़ी अन्य बातें सामने आएंगी।
- उदय सिंह मीना, पुलिस अधीक्षक।