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सफलता चाहते हो तो बहाना बनाना छोड़ दो
ब्यूरो/अमर उजाला,रोहतक
Updated Tue, 05 Apr 2016 02:28 AM IST
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संत तरूण सागर
- फोटो : amar ujala
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जिंदगी में हमेशा उड़ने की कोशिश करो, नहीं उड़ सको तो दौड़ने, चलने और खिसकने की कोशिश करो, लेकिन कोशिश करना कभी मत छोड़ों। जीवन में सफल होने के लिए दिल में मजबूत इरादे और ज़ज्बा चाहिए, तभी टाटा व बाटा जैसे बन पाओगे। अगर सफलता चाहते हो तो बहाना बनाना छोड़ दो, बहाने बनाने हैं तो सफलता को भूल जाओ। यह विचार जैन संत तरुण सागर ने व्यक्त किए। वे सोमवार को झज्जर रोड स्थित दिगंबर जैन जती में हुए संस्कार शिविर में बोल रहे थे। शिविर में दर्जन भर से अधिक निजी और एडिड स्कूलों से करीब दो हजार छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। सभी विद्यार्थियों ने खड़े होकर अभिभावकों को वृद्धाश्रम न भेजने की शपथ ली।
इस मौके पर जैन मुनि ने कहा कि जिनका इरादा और जज्बा मजबूत होता है, वे टाटा और बाटा बन सकते हैं। जो विद्यार्थी कुछ नहीं कर पाते हैं, उनके लिए कुछ पाना संभव नहीं होता। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि हंसना और गाल फूलाना एक साथ संभव नहीं है। संसार में सब वारों में सबसे अच्छा परिवार होता है। जो बच्चे अपने मां-बाप का कहना मानते हैं, वह परिवार होता है। जब मां डांटती है, उससे नाराज नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि समस्याओं से लड़ना होगा और मजबूत होकर बाहर निकलना होगा। जीवन में आने वाली चुनौतियों का सामना करना वीरता है।
उन्होंने विद्यार्थियों का धूम्रपान न करने और शाकाहारी बनने का आह्वान किया। इस दौरान सभी विद्यार्थियों को विद्यार्थी पुस्तक और प्रसाद दिया गया। इस अवसर पर संघपति उद्योगपति राजेश जैन, महामंत्री प्रभाष जैन, प्रधान द्वीप कुमार जैन, उपप्रधान अशोक जैन, उपप्रधान मनोज जैन डब्बू, उपप्रधान विजय जैन, पूर्व मंत्री सुभाष बत्तरा, मंजुल पालीवाल, स्वामी परम चैतन्य, डॉ. निर्मल पोपली, रेणु रंजन, नीरा रंजन, नरेश बाला, कमलेश, गीता जैन, जवाहर सिंह यादव, राजीव जैन, ब्रह्मचारी सतीश, लोकेश जैन, सतीश जैन और विकास दलाल मौजूद रहे।
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इन स्कूलों के पहुंचे विद्यार्थी
संस्कार शिविर में वैश्य कन्या वमावि, जन सेवा संस्थान नि:शुल्क पब्लिक स्कूल, जैन कन्या वमावि, जैन वमावि, जैन पब्लिक स्कूल, भारती कन्या वमावि, शिक्षा भारती विद्यालय, भारत टेक कन्या विद्यालय, ज्योति प्रकाश वमावि, डीएवी पब्लिक स्कूल, स्कॉलर रोजरी स्कूल, मॉडल स्कूल, नव ज्योति स्कूल और जीडी रॉयल पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों और शिक्षकों ने भाग लिया।
टीवी देखते समय भोजन न करो
जैन मुन्नि ने कहा कि विद्यार्थियों को टीवी देखते समय भोजन नहीं करना चाहिए। हीरोे बनना है तो दूसरे की भलाई कर दूसरे में बुराई मत ढूंढो। उन्होंने कहा कि दूसरे के प्राण बचाने के लिए झूठ बोलना पड़े तो वह भी सच होता है। बचपन में ही ज्ञान अर्जन होता है। इससे जी मत चुराओ, बल्कि जीना है तो जी भरकर ज्ञान अर्जित करते चलो। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि काम चाहे थोड़ा करो, लेकिन पूरी ऊर्जा के साथ करो।
ये तीन शपथ लीं
1. मैं जीवन में कभी भी आत्महत्या नहीं करूंगा।
2. मैं अपने मां-बाप को वृद्धाश्रम में नहीं भेजूंगा।
3. मैं कभी भी देश के प्रति गद्दारी नहीं करूंगा।
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इस मौके पर जैन मुनि ने कहा कि जिनका इरादा और जज्बा मजबूत होता है, वे टाटा और बाटा बन सकते हैं। जो विद्यार्थी कुछ नहीं कर पाते हैं, उनके लिए कुछ पाना संभव नहीं होता। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि हंसना और गाल फूलाना एक साथ संभव नहीं है। संसार में सब वारों में सबसे अच्छा परिवार होता है। जो बच्चे अपने मां-बाप का कहना मानते हैं, वह परिवार होता है। जब मां डांटती है, उससे नाराज नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि समस्याओं से लड़ना होगा और मजबूत होकर बाहर निकलना होगा। जीवन में आने वाली चुनौतियों का सामना करना वीरता है।
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उन्होंने विद्यार्थियों का धूम्रपान न करने और शाकाहारी बनने का आह्वान किया। इस दौरान सभी विद्यार्थियों को विद्यार्थी पुस्तक और प्रसाद दिया गया। इस अवसर पर संघपति उद्योगपति राजेश जैन, महामंत्री प्रभाष जैन, प्रधान द्वीप कुमार जैन, उपप्रधान अशोक जैन, उपप्रधान मनोज जैन डब्बू, उपप्रधान विजय जैन, पूर्व मंत्री सुभाष बत्तरा, मंजुल पालीवाल, स्वामी परम चैतन्य, डॉ. निर्मल पोपली, रेणु रंजन, नीरा रंजन, नरेश बाला, कमलेश, गीता जैन, जवाहर सिंह यादव, राजीव जैन, ब्रह्मचारी सतीश, लोकेश जैन, सतीश जैन और विकास दलाल मौजूद रहे।
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इन स्कूलों के पहुंचे विद्यार्थी
संस्कार शिविर में वैश्य कन्या वमावि, जन सेवा संस्थान नि:शुल्क पब्लिक स्कूल, जैन कन्या वमावि, जैन वमावि, जैन पब्लिक स्कूल, भारती कन्या वमावि, शिक्षा भारती विद्यालय, भारत टेक कन्या विद्यालय, ज्योति प्रकाश वमावि, डीएवी पब्लिक स्कूल, स्कॉलर रोजरी स्कूल, मॉडल स्कूल, नव ज्योति स्कूल और जीडी रॉयल पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों और शिक्षकों ने भाग लिया।
टीवी देखते समय भोजन न करो
जैन मुन्नि ने कहा कि विद्यार्थियों को टीवी देखते समय भोजन नहीं करना चाहिए। हीरोे बनना है तो दूसरे की भलाई कर दूसरे में बुराई मत ढूंढो। उन्होंने कहा कि दूसरे के प्राण बचाने के लिए झूठ बोलना पड़े तो वह भी सच होता है। बचपन में ही ज्ञान अर्जन होता है। इससे जी मत चुराओ, बल्कि जीना है तो जी भरकर ज्ञान अर्जित करते चलो। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि काम चाहे थोड़ा करो, लेकिन पूरी ऊर्जा के साथ करो।
ये तीन शपथ लीं
1. मैं जीवन में कभी भी आत्महत्या नहीं करूंगा।
2. मैं अपने मां-बाप को वृद्धाश्रम में नहीं भेजूंगा।
3. मैं कभी भी देश के प्रति गद्दारी नहीं करूंगा।