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Rohtak News: कैबिनेट मंत्री के आवास पर 31 को प्रदर्शन में करेंगे ग्रामीण सफाईकर्मी
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10-रोहतक के सोनीपत स्टैंड स्थित लघु सचिवालय के बाहर धरने बैठे ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन के
रोहतक। बेगारी के खिलाफ व पक्की नौकरी की मांग को लेकर ग्रामीण सफाई कर्मचारियों की वीरवार को निर्णय लिया है कि 29 मई को सभी ब्लॉकों में प्रदर्शन करेंगे जबकि 31 को कैबिनेट मंत्री श्रुति चौधरी के आवास पर होने वाले प्रदर्शन में भाग लेंगे।
ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन हरियाणा के आह्वान पर कर्मचारियों का धरना वीरवार को 14वें दिन जारी रहा। सोनीपत स्टैंड स्थित लघु सचिवालय के बाहर धरने बैठे जिला कोषाध्यक्ष कमलेश लाहली, यूनियन जिला प्रधान दलेर व जिला सहसचिव राकेश ने संयुक्त बयान में कहा कि यह आंदोलन प्रदेश की भाजपा सरकार के दलित व सफाई कर्मचारी विरोधी रवैया का उदाहरण है।
नवंबर 2024 में मुख्यमंत्री नायब सैनी की ओर से 2100 रुपये की बढ़ोतरी व सभी ग्रामीण सफाई कर्मचारियों को 26,000 रुपये न्यूनतम वेतन देने की मांग अभी भी कोरी घोषणा बनी हुई है। उन्होंने कहा कि इन्हीं घोषणाओं को लागू करवाने और हाईकोर्ट के आदेश अनुसार ग्रामीण सफाई कर्मचारी समेत कच्चे कर्मचारियों को पक्का करवाने की मांग को लेकर ग्रामीण सफाई कर्मचारी हड़ताल पर हैं।
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24-25 मई को नरवाना में सामाजिक न्याय मंत्री के आश्वासन पर महापड़ाव खत्म किया गया था लेकिन तीन दिन बीत जाने के बावजूद उनकी ओर से मिले आश्वासन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है। इस दौरान शीला बालंद, दयाचंद, जगमिंद्र, दयाचंद, अंगूरी, दिनेश, सुमित्रा, नरेश, कर्मवीर, विक्रम, शीलक व किताब सिंह आदि मौजूद रहे।
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ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन हरियाणा के आह्वान पर कर्मचारियों का धरना वीरवार को 14वें दिन जारी रहा। सोनीपत स्टैंड स्थित लघु सचिवालय के बाहर धरने बैठे जिला कोषाध्यक्ष कमलेश लाहली, यूनियन जिला प्रधान दलेर व जिला सहसचिव राकेश ने संयुक्त बयान में कहा कि यह आंदोलन प्रदेश की भाजपा सरकार के दलित व सफाई कर्मचारी विरोधी रवैया का उदाहरण है।
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नवंबर 2024 में मुख्यमंत्री नायब सैनी की ओर से 2100 रुपये की बढ़ोतरी व सभी ग्रामीण सफाई कर्मचारियों को 26,000 रुपये न्यूनतम वेतन देने की मांग अभी भी कोरी घोषणा बनी हुई है। उन्होंने कहा कि इन्हीं घोषणाओं को लागू करवाने और हाईकोर्ट के आदेश अनुसार ग्रामीण सफाई कर्मचारी समेत कच्चे कर्मचारियों को पक्का करवाने की मांग को लेकर ग्रामीण सफाई कर्मचारी हड़ताल पर हैं।
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24-25 मई को नरवाना में सामाजिक न्याय मंत्री के आश्वासन पर महापड़ाव खत्म किया गया था लेकिन तीन दिन बीत जाने के बावजूद उनकी ओर से मिले आश्वासन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है। इस दौरान शीला बालंद, दयाचंद, जगमिंद्र, दयाचंद, अंगूरी, दिनेश, सुमित्रा, नरेश, कर्मवीर, विक्रम, शीलक व किताब सिंह आदि मौजूद रहे।