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जो भारत माता की जय बोलता है, वही संघ कार्यकर्ता
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Sun, 19 Jun 2016 02:09 AM IST
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आरएसएस के संघ शिक्षा वर्ग-2016 द्वितीय वर्ष का कार्यक्रमों के साथ समापन
- फोटो : amar ujala
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के संघ शिक्षा वर्ग-2016 द्वितीय वर्ष के शिविर का शनिवार शाम कार्यक्रमों के साथ समापन हो गया। इस दौरान प्रशिक्षणार्थियों ने आत्मरक्षा व सुरक्षा के लिए प्रदर्शन किया तो योग और खेलों का आयोजन किया गया। शिविर में युवाओं को चरित्र निर्माण से लेकर समाजसेवा की सीख दी गई। पदाधिकारियों ने संघ की कार्यशैली के साथ ही उसके लक्ष्य के बारे में बताया। कहा गया कि जो भारत माता की जय बोलता है, वही आरएसएस का कार्यकर्ता कहलाता है।
हिंदू कालेज में चल रहे आरएसएस के उत्तर क्षेत्र के द्वितीय वर्ष शिविर के समापन कार्यक्रम की शुरूआत ध्वजारोहण से हुई, जिसके बाद प्रशिक्षणार्थियों ने लाठी चलाकर बताया कि किस तरह आत्मरक्षा की जा सकती है और दुश्मन पर वार किया जा सकता है। इसके अलावा खेल, व्यायाम व योग भी करके दिखाया गया, जिसके सहारे स्वस्थ रहने की सीख दी गई। सूर्य नमस्कार को दिनचर्या में अहम बताया गया तो संगीत से किस तरह लोगों के मन को बदला जा सकता है, इसके बारे में बताया गया। मुख्य अतिथि पीजीआईएमएस के वीसी डा. ओपी कालरा ने कहा कि युवा वर्ग को चरित्र निर्माण का पाठ किसी विद्यालय या कालेज में नहीं पढ़ाया जा सकता। इसे उदाहरण देकर बताया जा सकता है। इसे खुद संघ के सर संघ चालक मोहन भागवत कहते हैं। उन्होंने कहा कि इस समय चरित्रहीनता व अनुशासन हीनता बढ़ती जा रही है, जिसे खत्म करना जरूरी है। उनके अनुसार चरित्र निर्माण एक अच्छा नागरिक बनने में सहायक होता है। इसके लिए आरएसएस का कार्यक्रम ज्यादा सफल होता है। सभी को चरित्र निर्माण करके राष्ट्र का चरित्र निर्माण करना चाहिए।
उत्तर क्षेत्र के सर संघ चालक बजरंग लाल गुप्त ने कहा कि संघ हमेशा से समाज हित के लिए काम करता है, जिसका सबसे बड़ा मकसद हिंदू राष्ट्र का निर्माण करना है। प्रशिक्षण लेकर जाने वालों को अपने-अपने क्षेत्र में समाज सेवा व राष्ट्र निर्माण का कार्य करना होगा और उसमें दूसरों को शामिल करना होगा। सभी को सोचना होगा कि हम कौन हैं? क्योंकि जब तक हम अपनी ताकत को नहीं पहचानेंगे, तबतक कुछ नहीं हो सकता है। इसलिए केवल एक ही बात ध्यान में रखो कि हम हिंदू हैं, हमारी संस्कृति हिंदू हैं और यह हिंदुत्व राष्ट्र है। हमें श्रद्धा का भाव जगाना होगा तभी हिंदुस्तान जग सकता है। भारत को स्वाभिमानी बनाना होगा और यह तभी होगा, जब हम हिंदू के घर जन्म लेने का अभिमान करेंगे। कहा कि कुछ लोगों को भारत माता की जय पर आपत्ति है, लेकिन उन लोगों से यह पूछना चाहिए कि अगर हम भारत माता की जय नहीं बोलेंगे तो क्या भारत की पराजय बोलेंगे। राष्ट्र भक्ति, देश भक्ति व मातृ भक्ति यहां रहने वाले हर इंसान के अंदर होनी चाहिए। इस दौरान वर्ग सर्वाधिकारी सतबीर सिंह, प्रांत प्रचार प्रमुख अनिल कुमार आदि मौजूद रहे।
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अब सबका साथ, सबका विकास
बजरंग लाल गुप्त ने कहा कि भारत कभी सोने की चिड़िया हुआ करता था, लेकिन अब दरिद्र हो चुका है। पिछले दो साल को छोड़ दें तो यहां अंग्रेजों के जाने के बाद भी गुलामी वाली नीतियां चलती रहीं। गरीबी और अमीरी दोनों बढ़ती चली गई। यहां स्वदेशी नहीं, विदेशी मॉडल पर काम होता था। हम अपने संसाधनों के आधार पर काम करेंगे, क्योंकि अमेरिका व रूस की नीतियों से बदलाव नहीं आने वाला है। पहले इतने घोटाले होते थे, उनकी गिनती करना मुश्किल है। विदेशों में काला धन जमा हो गया जो भ्रष्ट लोगों ने जमा किया। जातीय संघर्ष कराए जाते थे और सांप्रदायिकता फैलाई जाती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं है। अब सबका साथ, सबका विकास पर काम हो रहा है।
भारत के शक्तिशाली होने पर रुकेगा आतंकवाद
बजरंग लाल गुप्त ने कहा कि कुछ लोग संघ को बदनाम करते हैं और कहते हैं कि यह किसी पर आक्रमण करने के लिए उग्र प्रशिक्षण देते हैं। यह किसी को पीड़ा देने के लिए नहीं करते, बल्कि देश की रक्षा के लिए किया जाता है। यहां लगातार आतंकवाद बढ़ रहा है और घुसपैठिये आ रहे हैं। इनको टक्कर देने के लिए हमें भारत को शक्तिशाली बनाना होगा। भारत शक्तिशाली होगा तो आतंकवाद को जड़ से मिटाया जाएगा।
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भगवा ध्वज की प्रदक्षिणा ने मोहा
कार्यक्रम के दौरान घोष की धुन पर भगवा ध्वज की प्रदक्षिणा किए जाने का दृश्य मन को मोहने वाला रहा। कदम से कदम मिलाकर चल रहे संघ के स्वयंसेवक मन में एक ही भाव लिए चल रहे थे। सब कुछ भारत माता को समर्पित।
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साहित्य स्टाल पर रही भीड़
समापन कार्यक्रम को देखने पहुंचे लोगों की साहित्य के स्टाल पर भीड़ रही। बाजार में साहित्य कम ही मिलता है। ऐसे में संघ के शिविर के समापन पर पहुंचे लोगों ने खूब साहित्य खरीदे। वर्ग मेें 20 दिन तक शक्ति साधना करने वाले स्वयंसेवकों ने भी साहित्य खरीदे।
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हिंदू कालेज में चल रहे आरएसएस के उत्तर क्षेत्र के द्वितीय वर्ष शिविर के समापन कार्यक्रम की शुरूआत ध्वजारोहण से हुई, जिसके बाद प्रशिक्षणार्थियों ने लाठी चलाकर बताया कि किस तरह आत्मरक्षा की जा सकती है और दुश्मन पर वार किया जा सकता है। इसके अलावा खेल, व्यायाम व योग भी करके दिखाया गया, जिसके सहारे स्वस्थ रहने की सीख दी गई। सूर्य नमस्कार को दिनचर्या में अहम बताया गया तो संगीत से किस तरह लोगों के मन को बदला जा सकता है, इसके बारे में बताया गया। मुख्य अतिथि पीजीआईएमएस के वीसी डा. ओपी कालरा ने कहा कि युवा वर्ग को चरित्र निर्माण का पाठ किसी विद्यालय या कालेज में नहीं पढ़ाया जा सकता। इसे उदाहरण देकर बताया जा सकता है। इसे खुद संघ के सर संघ चालक मोहन भागवत कहते हैं। उन्होंने कहा कि इस समय चरित्रहीनता व अनुशासन हीनता बढ़ती जा रही है, जिसे खत्म करना जरूरी है। उनके अनुसार चरित्र निर्माण एक अच्छा नागरिक बनने में सहायक होता है। इसके लिए आरएसएस का कार्यक्रम ज्यादा सफल होता है। सभी को चरित्र निर्माण करके राष्ट्र का चरित्र निर्माण करना चाहिए।
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उत्तर क्षेत्र के सर संघ चालक बजरंग लाल गुप्त ने कहा कि संघ हमेशा से समाज हित के लिए काम करता है, जिसका सबसे बड़ा मकसद हिंदू राष्ट्र का निर्माण करना है। प्रशिक्षण लेकर जाने वालों को अपने-अपने क्षेत्र में समाज सेवा व राष्ट्र निर्माण का कार्य करना होगा और उसमें दूसरों को शामिल करना होगा। सभी को सोचना होगा कि हम कौन हैं? क्योंकि जब तक हम अपनी ताकत को नहीं पहचानेंगे, तबतक कुछ नहीं हो सकता है। इसलिए केवल एक ही बात ध्यान में रखो कि हम हिंदू हैं, हमारी संस्कृति हिंदू हैं और यह हिंदुत्व राष्ट्र है। हमें श्रद्धा का भाव जगाना होगा तभी हिंदुस्तान जग सकता है। भारत को स्वाभिमानी बनाना होगा और यह तभी होगा, जब हम हिंदू के घर जन्म लेने का अभिमान करेंगे। कहा कि कुछ लोगों को भारत माता की जय पर आपत्ति है, लेकिन उन लोगों से यह पूछना चाहिए कि अगर हम भारत माता की जय नहीं बोलेंगे तो क्या भारत की पराजय बोलेंगे। राष्ट्र भक्ति, देश भक्ति व मातृ भक्ति यहां रहने वाले हर इंसान के अंदर होनी चाहिए। इस दौरान वर्ग सर्वाधिकारी सतबीर सिंह, प्रांत प्रचार प्रमुख अनिल कुमार आदि मौजूद रहे।
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अब सबका साथ, सबका विकास
बजरंग लाल गुप्त ने कहा कि भारत कभी सोने की चिड़िया हुआ करता था, लेकिन अब दरिद्र हो चुका है। पिछले दो साल को छोड़ दें तो यहां अंग्रेजों के जाने के बाद भी गुलामी वाली नीतियां चलती रहीं। गरीबी और अमीरी दोनों बढ़ती चली गई। यहां स्वदेशी नहीं, विदेशी मॉडल पर काम होता था। हम अपने संसाधनों के आधार पर काम करेंगे, क्योंकि अमेरिका व रूस की नीतियों से बदलाव नहीं आने वाला है। पहले इतने घोटाले होते थे, उनकी गिनती करना मुश्किल है। विदेशों में काला धन जमा हो गया जो भ्रष्ट लोगों ने जमा किया। जातीय संघर्ष कराए जाते थे और सांप्रदायिकता फैलाई जाती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं है। अब सबका साथ, सबका विकास पर काम हो रहा है।
भारत के शक्तिशाली होने पर रुकेगा आतंकवाद
बजरंग लाल गुप्त ने कहा कि कुछ लोग संघ को बदनाम करते हैं और कहते हैं कि यह किसी पर आक्रमण करने के लिए उग्र प्रशिक्षण देते हैं। यह किसी को पीड़ा देने के लिए नहीं करते, बल्कि देश की रक्षा के लिए किया जाता है। यहां लगातार आतंकवाद बढ़ रहा है और घुसपैठिये आ रहे हैं। इनको टक्कर देने के लिए हमें भारत को शक्तिशाली बनाना होगा। भारत शक्तिशाली होगा तो आतंकवाद को जड़ से मिटाया जाएगा।
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भगवा ध्वज की प्रदक्षिणा ने मोहा
कार्यक्रम के दौरान घोष की धुन पर भगवा ध्वज की प्रदक्षिणा किए जाने का दृश्य मन को मोहने वाला रहा। कदम से कदम मिलाकर चल रहे संघ के स्वयंसेवक मन में एक ही भाव लिए चल रहे थे। सब कुछ भारत माता को समर्पित।
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साहित्य स्टाल पर रही भीड़
समापन कार्यक्रम को देखने पहुंचे लोगों की साहित्य के स्टाल पर भीड़ रही। बाजार में साहित्य कम ही मिलता है। ऐसे में संघ के शिविर के समापन पर पहुंचे लोगों ने खूब साहित्य खरीदे। वर्ग मेें 20 दिन तक शक्ति साधना करने वाले स्वयंसेवकों ने भी साहित्य खरीदे।