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Rohtak News: ओलंपिक पदक विजेता स्वप्निल की कामयाबी के पीछे रोहतक के कोच का हाथ
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03सीटीके31...ओलंपिक पदक विजेता निशानेबाज स्वप्निल कुसाले के साथ मोरखेड़ी गांव के कोच मनोज कुमार
रोहतक। पेरिस ओलंपिक में महाराष्ट्र के निशानेबाज स्वप्निल कुसाले ने शूटिंग के 50 मीटर एयर राइफल तीन पोजिशन प्रतिस्पर्धा में कांस्य जीता है, जिसे रोहतक के गांव मोरखेड़ी के कोच मनोज ओहल्यान पिछले दो साल से प्रशिक्षण दे रहे हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि कोच मनोज कुमार भारतीय निशानेबाजी टीम के साथ लगभग दस साल से कोच के रूप में खिलाड़ियों को अभ्यास करवा रहे है। कोच मनोज ने स्वप्निल की तकनीक पर काफी काम किया। स्वप्निल पहले स्टैंडिंग पोजीशन में काफी वीक था, लेकिन इस पर लगातार मेहनत की गई। इसका परिणाम सभी के सामने है।
वहीं, मनोज कुमार ने बताया कि एआई तकनीक का भी इस्तेमाल किया गया। उन्होंने बताया कि वे टीम के साथ 15 जुलाई को ही फ्रांस पहुंच गए थे। वहां पर तकनीकी कैंप आयोजित किया गया। इससे पहले मनोज कुमार ओहल्यान 50 मीटर राइफल तीन पोजिशन में भारतीय टीम के हेड कोच हैं। ये खुद भी कॉमनवेल्थ गेम्स व एशियन चैंपियनशिप में वर्ष 2005 में स्वर्ण पदक जीत चुके हैं। प्रदेश सरकार ने उन्हें भीम अवाॅर्ड से सम्मानित भी किया है। भारतीय निशानेबाजी टीम के साथ जुड़ने के बाद, भारतीय निशानेबाजों ने एशियन गेम्स में पांच पदक हासिल किए।
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ग्रामीणों ने बताया कि कोच मनोज कुमार भारतीय निशानेबाजी टीम के साथ लगभग दस साल से कोच के रूप में खिलाड़ियों को अभ्यास करवा रहे है। कोच मनोज ने स्वप्निल की तकनीक पर काफी काम किया। स्वप्निल पहले स्टैंडिंग पोजीशन में काफी वीक था, लेकिन इस पर लगातार मेहनत की गई। इसका परिणाम सभी के सामने है।
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वहीं, मनोज कुमार ने बताया कि एआई तकनीक का भी इस्तेमाल किया गया। उन्होंने बताया कि वे टीम के साथ 15 जुलाई को ही फ्रांस पहुंच गए थे। वहां पर तकनीकी कैंप आयोजित किया गया। इससे पहले मनोज कुमार ओहल्यान 50 मीटर राइफल तीन पोजिशन में भारतीय टीम के हेड कोच हैं। ये खुद भी कॉमनवेल्थ गेम्स व एशियन चैंपियनशिप में वर्ष 2005 में स्वर्ण पदक जीत चुके हैं। प्रदेश सरकार ने उन्हें भीम अवाॅर्ड से सम्मानित भी किया है। भारतीय निशानेबाजी टीम के साथ जुड़ने के बाद, भारतीय निशानेबाजों ने एशियन गेम्स में पांच पदक हासिल किए।
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