फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   Rohtak Vijay Nagar murder case, Home Minister Anil Vij should get case investigated, role of police doubtful

रोहतक का विजय नगर हत्याकांड: बचाव पक्ष ने कहा- गृहमंत्री अनिल विज करवाएं केस की जांच, पुलिस की भूमिका संदिग्ध

Tue, 24 Oct 2023 01:19 PM IST
नवीन दलाल माई सिटी रिपोर्टर, रोहतक (हरियाणा)
माई सिटी रिपोर्टर, रोहतक (हरियाणा) Published by: नवीन दलाल Updated Tue, 24 Oct 2023 01:19 PM IST
सार

रोहतक के विजय नगर हत्याकांड का मामला फिर से गरमा गया है। बचाव पक्ष के वकील ने जांच पर सवाल खड़े किए हैं और साथ ही गृहमंत्री अनिल विज से केस की जांच करवाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस केस में पुलिस की भूमिका संदिग्ध लग रही है।

विज्ञापन
Rohtak Vijay Nagar murder case, Home Minister Anil Vij should get case investigated, role of police doubtful
बचाव पक्ष के वकील - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

रोहतक के विजय नगर हत्याकांड को लेकर बचाव पक्ष ने पुलिस की जांच पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। अदालत के 30 पेज के फैसले की कॉपी गृहमंत्री अनिल विज को भेजकर जांच अधिकारियों की भूमिका की जांच करने की मांग की है।

विज्ञापन


मंगलवार को मीडिया से बातचीत करते हुए बचाव पक्ष के वकील शिवराज मलिक ने कहा कि 27 सितंबर 2021 को प्रॉपर्टी डीलर प्रदीप उर्फ बबलू पहलवान, उसकी पत्नी, बेटी व सास को गोली मारी गई। तीन ने जहां मौके पर दम तोड़ दिया, जबकि बेटी की पीजीआई में मौत हुई। पुलिस ने प्रॉपर्टी डीलर के बेटे अभिषेक उर्फ मोनू को ही गिरफ्तार कर लिया। कहा कि, अभिषेक अपने पिता से 5 लाख रुपये मांग रहा था। न देने पर उसने परिवार के चारों सदस्यों को गोली मारी। तभी से आरोपी जेल में हैं।
विज्ञापन


वकील ने सवाल किया चौहरे हत्याकांड के 45 दिन बाद अभिषेक के नाना केस दर्ज करवाते हैं कि घर से 25 लाख के जेवरात चोरी हुए हैं। पुलिस ने आरोपियों को काबू कर लेती है, लेकिन बाद में छोड़ देती है। कहती है कि दोनों पक्षों में समझौता हो गया। शिकायतकर्ता कहता है कि चोरी नहीं हुई। जबकि पहले खुद चोरी का केस दर्ज करवाता है। इतना ही नहीं, एक जांच अधिकारी कहता है कि प्रॉपटी को मृतक बबलू पहलवान की मां के हवाले कर दिया था। जबकि दूसरा अधिकारी कहता है कि वारदात के बाद घर से कोई प्रॉपर्टी बरामद नहीं हुई। ऐसे में पूरी जांच सवालों के घेरे में है। गृहमंत्री मामले की गहराई से जांच करवाएं। जरूरत पड़ी तो वे हाईकोर्ट में जाकर नए सिरे से जांच की मांग करेंगे। 
विज्ञापन
विज्ञापन


अदालत का आया है 30 पेज का फैसला, कोर्ट ने पुलिस जांच पर उठाया सवाल, डीजीपी को भेजी कॉपी
बचाव पक्ष के वकील शिवराज मलिक ने बताया कि एएसजे डाक्टर गगनगीत कौर ने बचाव पक्ष के वकील की याचिका पर 30 पेज का फैसला दिया है। फैसले में पुलिस जांच पर सवाल उठाए हैं। साथ ही आगे की कार्रवाई के लिए फैसले की कॉपी डीजीपी को भी भेजी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed