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Rohtak: सिख छात्र के पगड़ी, कृपाण, कड़ा और कछैरा पहनने से रोकने पर बवाल, फिर हुआ समझौता

Wed, 03 Jul 2024 10:55 PM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक (हरियाणा)
अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Wed, 03 Jul 2024 10:55 PM IST
सार

सिख समुदाय ने शहर के सरकारी स्कूल में हुई घटना के बाद हंगामा किया। इसके बाद प्राचार्य ने माफी मांगी है। 

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Rohtak: Uproar over ban on Sikh student from wearing turban, kirpan, kada and kachaira
हरियाणा सिख गुरुद्वारा कमेटी से सीनियर मेंबर सरदार हरभजन सिंह राठौर अपनी बात रखते हुए। - फोटो : संवाद

विस्तार

हरियाणा के रोहतक में भिवानी रोड स्थित राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में एक सिख छात्र पर पगड़ी, कृपाण, कड़ा व कछेरा पहनकर आने की पाबंदी लगा दी गई। यह बात सिख समुदाय व परिजनों तक पहुंची तो मामला बिगड़ गया। सिख समुदाय एकत्र होकर विद्यालय पहुंचा। यहां विद्यार्थी पर लगाए गए प्रतिबंध को लेकर जमकर हंगामा किया। हालात बिगड़ते देख विद्यालय की ओर से प्राचार्य ने माफी मांगकर मामला शांत कराया।

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सिख समुदाय का एक छात्र कक्षा 10वीं में भिवानी रोड स्थित राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में पढ़ता है। कुछ दिन पहले ही छात्र ने अमृत छका है। इसके बाद में वह केश, कड़ा, कृपाण, कंघा व कछैरा धारण करता है। ग्रीष्मावकाश के बाद 1 जुलाई को स्कूल खुला तो वह इन्हीं सब चीजों के साथ पढ़ने आया। स्कूल में बच्चे के पास कृपाण देखकर चर्चा गरमा गई।
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इसके बाद दो दिन तक विद्यालय में इस मुद्दे पर मंथन हुआ। बुधवार को शिक्षकों ने छात्र को अल्टीमेटम दे दिया कि पढ़ाई करनी है तो वह कृपाण, कड़ा व अन्य चीजें धारण करके स्कूल में न आएं, साथ ही किसी दूसरे विद्यालय में अपना दाखिला कराने की भी सलाह दी गई। इस बात की जानकारी छात्र के परिजनों को लगी तो मामला हरियाणा सिख गुरुद्वारा कमेटी तक पहुंचा।
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कमेटी के वरिष्ठ सदस्य सरदार हरभजन सिंह राठौर ने मामले को गंभीरता से लिया। इस मुद्दे को लेकर समुदाय के लोगों में पनप रहे आक्रोश के चलते सभी विद्यालय पहुंचे। यहां काफी देर तक हंगामा चला। कमेटी सदस्य ने शिक्षकों को समझाया कि अमृत चखने वाले को धार्मिक तौर पर इन सभी वस्तुओं को धारण करना होता है। इसकी स्वीकृति भी है।

इसके बावजूद छात्र को विद्यालय आने पर पाबंदी लगाना व दूसरे संस्थान में जाने की बात कहना शर्मनाक है। बाद में विद्यालय के प्राचार्य ने स्कूल की ओर से सिख समुदाय से माफी मांगी व लिखित रूप में भविष्य में इस तरह की गलती नहीं होने का विश्वास दिलाया। इसके बाद मामले का निपटारा हुआ।


स्कूल में एक विद्यार्थी के साथ विवाद हो गया था। वह कृपाण लेकर स्कूल पहुंचा तो शिक्षक ने उसे टोक दिया था। इस बात को लेकर परिजन नाराज थे। बाद में परिवार व शिक्षक दोनों को समझते हुए मामले में समझौता कराया गया। - मंजीत मलिक, जिला शिक्षा अधिकारी

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