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एसोसिएशन सीधे सचिवालय स्वास्थ्य मंत्री से मिलने गई तो खैर नहीं
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Sat, 03 Dec 2016 02:22 AM IST
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हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज
- फोटो : फाइल फोटो
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सूबे के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज की ओर से एसोसिएशन को सीधे तौर पर चेतावनी दी गई है। मंत्री की ओर से स्वास्थ्य, खेल, एमईआर और एस एंड टी विभाग के सचिव ने निर्देश जारी किए हैं कि यदि कोई एसोसिएशन शिकायत लेकर या सीधे उनसे मिलने के लिए चंडीगढ़ सचिवालय पहुंचा तो उसकी खैर नहीं। इससे अधूरी जानकारी सामने आने से संबंधित विभाग का काम प्रभावित होता है। ऐसे में जरूरी है कि मिलने से पहले विभागध्यक्ष से बातचीत की जाए और उनकी सहमति लेकर ही सचिवालय आए।
सचिव की ओर से जारी निर्देशानुसार स्वास्थ्य विभाग, खेल एवं युवा कार्य, मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च, साइंस एंड टेक्नोलॉजी विभाग की सभी एसोसिएशन अब अपनी मांगों को लेकर सीध मंत्री से नहीं मिलेंगी। इसके लिए वे पहले मुलाकात का समय लेंगी और अपने इंचार्ज से छुट्टी और स्टेशन लीव लेकर ही आएंगी। ये एसोसिएशन अपने सीनियर से अपनी मांगों को बातचीत कर उनका कमेंट लेकर ही उनसे मिलने आएंगी। यदि नियमों की अवहेलना कर कोई सचिवालय आता है तो उस पर अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी। गौरतलब है कि स्वास्थ्य मंत्री के इस पत्र को पीजीआईएमएस ने निदेशक, खानपुर महिला मेडिकल कॉलेज, मेवात मेडिकल कॉलेज, कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज करनाल, मेडिकल कॉलेज अग्रोहा को भेज दिया है। वहीं तदो माह पहले भी स्वास्थ्य मंत्री ने बगैर अवकाश लिए चंडीगढ़ पहुंचे एक डॉक्टर को निलंबित कर दिया था। इसके अलावा एक कर्मचारी एसोसिएशन के पदाधिकारियों को एक साथ निलंबित कर दिया था, ये अपनी मांग को लेकर सीधे मिलने पहुंच गए थे।
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सचिव की ओर से जारी निर्देशानुसार स्वास्थ्य विभाग, खेल एवं युवा कार्य, मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च, साइंस एंड टेक्नोलॉजी विभाग की सभी एसोसिएशन अब अपनी मांगों को लेकर सीध मंत्री से नहीं मिलेंगी। इसके लिए वे पहले मुलाकात का समय लेंगी और अपने इंचार्ज से छुट्टी और स्टेशन लीव लेकर ही आएंगी। ये एसोसिएशन अपने सीनियर से अपनी मांगों को बातचीत कर उनका कमेंट लेकर ही उनसे मिलने आएंगी। यदि नियमों की अवहेलना कर कोई सचिवालय आता है तो उस पर अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी। गौरतलब है कि स्वास्थ्य मंत्री के इस पत्र को पीजीआईएमएस ने निदेशक, खानपुर महिला मेडिकल कॉलेज, मेवात मेडिकल कॉलेज, कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज करनाल, मेडिकल कॉलेज अग्रोहा को भेज दिया है। वहीं तदो माह पहले भी स्वास्थ्य मंत्री ने बगैर अवकाश लिए चंडीगढ़ पहुंचे एक डॉक्टर को निलंबित कर दिया था। इसके अलावा एक कर्मचारी एसोसिएशन के पदाधिकारियों को एक साथ निलंबित कर दिया था, ये अपनी मांग को लेकर सीधे मिलने पहुंच गए थे।
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