फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   rohtak, jat reservation protest, support, force, haryana rohtak

जाट आरक्षण आंदोलन के धरने में बढ़ी भीड़ तो फोर्स भी बढ़ाई

Sat, 11 Jun 2016 02:19 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक Updated Sat, 11 Jun 2016 02:19 AM IST
विज्ञापन
rohtak,  jat reservation protest, support, force, haryana rohtak
पहली बार जसिया धरने में शामिल हुए कई गांवों के जाट - फोटो : amar ujala
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के आह्वान पर जसिया में चल रहे जाट आरक्षण आंदोलन में छठे दिन अन्य दिनों की अपेक्षा अधिक लोग दिखे। इस कारण आयोजकों को अलग से टेंट का इंतजाम करना पड़ा। दोपहर बाद आंधी और बारिश आने के बाद लोगों की संख्या कम हो गई। धरने में पहली बार कई गांवों के युवा भी पहुंचे। महिलाओं की भी खासी संख्या रही। उन्होंने भूख हड़ताल की चेतावनी दी है। धरना स्थल पर एक बटालियन सीआरपीएफ भी तैनाती कर दी गई। वहीं, दूसरे दिन 29 लोग क्रमिक अनशन पर बैठे। आंदोलनकारियों ने प्रशासन से बातचीत के प्रस्ताव को ठुकरा दिया, लेकिन डीसी ने फिर से बातचीत की अपील की है।
विज्ञापन


शुक्रवार सुबह धरना स्थल कमेटी के पदाधिकारियों ने बैठक करके फैसला लिया कि वे जिला प्रशासन के साथ किसी तरह की बैठक में हिस्सा नहीं लेंगे। कहा गया कि उनकी मांगों का समाधान प्रशासन के पास नहीं है। सरकार के पास उनका मांग पत्र है, उसे सरकार मान ले तो धरना खत्म कर दिया जाएगा। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति (मलिक गुट) के जिलाध्यक्ष अशोक बल्हारा ने कहा कि वह शांतिपूर्वक धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। ऐसे में सभी जाट नेताओं को कंधे से कंधा मिलाकर आंदोलन के साथ खड़ा होना चाहिए।
विज्ञापन


बाइक से पहुंची युवाओं की टोली

धरना स्थल पर विभिन्न गांवों से सैकड़ों युवाओं की टोली मोटरसाइकिलों से काफिले के रूप में पहुंची। अशोक बल्हारा ने बताया कि कलानौर, मोखरा, बहु अकबरपुर, बुढान, जिंदरान आदि गांवों से सैकड़ों मोटरसाइकिल सवार युवक धरना स्थल पर पहुंचे।
विज्ञापन
विज्ञापन


महिलाओं की रही भागेदारी

आंदोलन स्थल पर महिलाओं और बच्चों की खासी उपस्थिति रही। महिलाओं ने कहा कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं वे भी भूख हड़ताल पर बैठने को मजबूर होेंगी। धरना स्थल पर उनकी मौजूदगी हमेशा बनी रहेगी। शांतिपूर्ण तरीके से हक की लड़ाई के साथ पुरुषों के साथ चलेंगी।

सीआरपीएफ ने भी संभाला मोर्चा

धरना स्थल पर अब तक स्थानीय पुलिस, महिला पुलिस, आरएएफ मोर्चा संभाले हुए थी, लेकिन शुक्रवार को सीआरपीएफ ने भी मोर्चा संभाल लिया। सूत्रों की मानें तो सीआरपीएफ की एक बटालियन धरना स्थल के आसपास सुरक्षा चक्र बनाए हुए है।

हाईवे की सुरक्षा को फोर्स चौकस

हाईवे के किनारे पर तैनात पुलिस और अर्द्धसैनिक बल ने धरना स्थल को घेरा हुआ है। हाईवे की सुरक्षा के लिए फोर्स पूरी तरह से चौकस है, ताकि यातायात बाधित न होने पाए। वहीं, धूप से बचने के लिए अर्द्धसैनिक बलों और पुलिस वालों ने भी टेंट और कुर्सियों का इंतजाम कर लिया है। आंधी और बरसात आने पर जब सबने बचने के लिए इधर-उधर शरण ली तो अर्द्धसैनिक बल और पुलिस के जवान अपनी गाड़ियों में जाकर खुद को बचाया।

दोपहर बाद होने लगी वापसी

धरना स्थल पर आए लोग दोपहर बाद ट्रैक्टर ट्रालियों से वापस जाने लगे। एकाएक सड़क पर लोगों की भीड़ देखकर आवागमन करने वालों को भ्रम हो गया कि आंदोलनकारी शहर की ओर जा रहे हैं। जब सचाई का पता चला तो सबने राहत की सांस ली।

ये बैठे क्रमिक अनशन पर

रामनिवास खटकड़ मोखरा, जयदेव रिवाडा, नेत्रपाल जसिया, बबला पहलवान जसिया, नरेंद्र हुड्डा काहनी, प्रेमसिंह सुंडाना, जसबीर किलोई, महेंद्र प्रधान रैगरपुरा, आनंद सिंह रैगरपुरा, चेतराम घिलौड, शोभा कंसाला, महाबीर किलोई, नरेश कुमार आसन, काला खिडवाली, दिलबाग सुंडाना, बलबीर बहुअकबरपुर, मीर सिंह सांघी, ईश्वर किलोई आदि।

36 बिरादरी की एकता की बात

धरना स्थल पर जाट बिरादरी के अलावा अन्य बिरादरी के नेता भी पहुंचे। मंच से वक्ताओं ने भी 36 बिरादरी की एकता की बात कही। देशवाल खाप के प्रधान शिवधन देशवाल ने आंदोलनरत जाटों को समर्थन दिया। कई गांवों के सरपंचों ने भी अपना समर्थन दिया है। मौके पर डॉ. अंबेडकर मिशनरीज विद्यार्थी ऐसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष विक्रम सिंह डुमोलिया और चमार गौरव सेना के प्रदेशाध्यक्ष पूर्ण सिंह चाहलिया ने जाट आंदोलन को समर्थन दिया। सभी ने कहा है कि आरक्षण में राजनीति को शामिल नहीं किया जाना चाहिए।

आंधी और बरसात ने बिगाड़ा माहौल

दोपहर बाद आई आंधी और बरसात ने कुछ समय के लिए माहौल बिगाड़ दिया। पहले आंधी आने पर आयोजकों को टेंट का एक हिस्सा खोलकर सभी को धूल-मिट्टी से बचाना पड़ा। कुछ ही देर बाद बरसात शुरू हो गई तो टेंट के नीचे बन रहे खाने को इधर-उधर रख कर बचाना पड़ा।

छात्र ईश्वर ने गाई रागिनी

गांव के ईश्वर छात्र ने अपनी रागनियों से आंदोलनकारियों का मनोरंजन किया। रागनियों के माध्यम से ही उन्होंने जाटों की मांगें सरकार तक पहुंचाने का प्रयास किया।

जाट शहीद युवाओं को दी श्रद्धांजलि

धरना स्थल पर जाट शहीद युवाओं की प्रतिमा को रख कर उन्हें  आंदोलनकारी श्रद्धासुमन अर्पित कर रहे हैं। आंदोलन पर बैठे पदाधिकारियों ने बताया कि जो युवा शहीद हो गए, जाट समाज उनका कर्ज नहीं चुका पाएगा।


सरकार जायज मुद्दों पर बातचीत को तैयार : डीसी

उपायुक्त अतुल कुमार ने कहा है कि जसिया में जाट आरक्षण के लिए धरना दे रहे लोगों के लिए सभी विकल्प खुले हैं। सरकार सभी जायज मुद्दों पर बातचीत के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने शुक्रवार को महम में आयोजित रैली में कहा है कि बातचीत का रास्ता अपनाकर धरना देने वालों को हल निकालना चाहिए। धरने पर बैठे जाट नेताओं को बातचीत के लिए आगे आना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed