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Rohtak News: बीमा का इंतजार कर रही रोडवेज को मिली पांच नई बसें
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रोहतक। इंश्योरेंस के अभाव में डिपो को मिली पांच नई बसों के पहिये थमे हुए हैं। फिलहाल यह बसें रोडवेज वर्कशाप में पिछले 20 दिन से खड़ी हुई हैं। एक माह पहले 12 बसों की समय सीमा समाप्त होने के बाद वह बेडे़ से बाहर भी हो चुकी हैं। बसों के वर्कशॉप में खड़ा होने का सीधा असर बस सेवा पर हुआ है और अनेक लंबे रूटों के साथ-साथ ग्रामीण रूटों पर भी इसका सीधा असर पड़ रहा है। जब तक मुख्यालय द्वारा बजट पास व डीड बनकर नहीं आएगी तब तक इंश्योरेंस न होने से यह बसें इसी तरह खड़ी रहेंगी।
गौरतलब है कि रोडवेज डिपो को तीन माह पहले पांच नई 58 सीटर बसें मिली हैं। हालांकि बेडे़ से बाहर हुई 12 बसों के कारण बेड़े में 12 नई बसें ही शामिल होनी थी। लेकिन किसी कारणवश डिपो को पांच बस ही मिल पाई। यह बसें भी लिपिक वर्ग के हड़ताल के चलते काफी इंतजार करने के बाद मिली हैं। लेकिन अब यह बसें बीमा न होने के कारण डिपो में ही खड़ी हैं। विभाग की तरफ से कागजी कार्रवाई मुख्यालय भेजी हुई है ताकि जल्द से जल्द इसका समाधान किया जा सके। अधिकारियों की मानें तो सोमवार से पहले ही बसों का बीमा के लिए कागजी कार्रवाई पूरी हो जाएगी। इसके बाद आरटीए से पास होने के बाद इनके रूट तय किए जाएंगे।
दो ग्रामीण तो तीन बसें चलेगी लंबे रूटों पर
जल्द ही बसों का इंश्योरेंस व कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद यातायात निरीक्षक पांचों बसों के रूटों को तय करेंगे। हालांकि अभी तक के विचार विमर्श में दो बसों को ग्रामीण रूटों तो अन्य तीन बसों को लंबे रूटों पर चलाने की योजना बनाई जा रही है। हालांकि फाइनल होने के बाद इनमें से एक बस को किसी भी धार्मिक स्थल के लिए चलाया जा सकता है।
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बसों के इंश्योरेंस के लिए मुख्यालय को सेक्शन रिपोर्ट बनाकर भेज रखी है। जल्द वहां से अप्रूवल मिलने के बाद इनकी कागजी कार्रवाई में देरी नहीं लगेगी। पांचों बसों को अलग अलग रूटों पर चला दिया जाएगा।
सुरेंद्र सिवाच, वर्कशाप मैनेजर, रोडवेज डिपो
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गौरतलब है कि रोडवेज डिपो को तीन माह पहले पांच नई 58 सीटर बसें मिली हैं। हालांकि बेडे़ से बाहर हुई 12 बसों के कारण बेड़े में 12 नई बसें ही शामिल होनी थी। लेकिन किसी कारणवश डिपो को पांच बस ही मिल पाई। यह बसें भी लिपिक वर्ग के हड़ताल के चलते काफी इंतजार करने के बाद मिली हैं। लेकिन अब यह बसें बीमा न होने के कारण डिपो में ही खड़ी हैं। विभाग की तरफ से कागजी कार्रवाई मुख्यालय भेजी हुई है ताकि जल्द से जल्द इसका समाधान किया जा सके। अधिकारियों की मानें तो सोमवार से पहले ही बसों का बीमा के लिए कागजी कार्रवाई पूरी हो जाएगी। इसके बाद आरटीए से पास होने के बाद इनके रूट तय किए जाएंगे।
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दो ग्रामीण तो तीन बसें चलेगी लंबे रूटों पर
जल्द ही बसों का इंश्योरेंस व कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद यातायात निरीक्षक पांचों बसों के रूटों को तय करेंगे। हालांकि अभी तक के विचार विमर्श में दो बसों को ग्रामीण रूटों तो अन्य तीन बसों को लंबे रूटों पर चलाने की योजना बनाई जा रही है। हालांकि फाइनल होने के बाद इनमें से एक बस को किसी भी धार्मिक स्थल के लिए चलाया जा सकता है।
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बसों के इंश्योरेंस के लिए मुख्यालय को सेक्शन रिपोर्ट बनाकर भेज रखी है। जल्द वहां से अप्रूवल मिलने के बाद इनकी कागजी कार्रवाई में देरी नहीं लगेगी। पांचों बसों को अलग अलग रूटों पर चला दिया जाएगा।
सुरेंद्र सिवाच, वर्कशाप मैनेजर, रोडवेज डिपो