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नाली और सड़कें खस्ताहाल, ब्रेकर्स पर 21 लाख खर्च
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Tue, 17 Nov 2015 02:06 AM IST
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नगर निगम अधिकारियों की मनमानी शहर के विकास पर भारी पड़ रहा है।
निगम क्षेत्र में विकास के नाम पर जहां सड़कें और नालियां बेहाल हैं वहीं स्पीड ब्रेकर्स बनवाने के लिए अधिकारियों ने 21 लाख रुपये तक खर्च कर दिए।
निगम अधिकारियों के ये खर्चे महज ब्रेकर्स तक ही नहीं सीमित हैं, हर महीने निगम की बिल्डिंग के किराये के नाम पर लाखों रुपये जा रहे हैं। ये सच सामने आया है आरटीआई से मांगी गई सूचना से।
इस सूचना के बाद नगर निगम के लाखों रुपये के खर्च की पोल खुलकर सामने आई है।
पिछले सत्र में लंबाई हुई कम, खर्च ज्यादा
नगर निगम अधिकारियों ने शहर में जगह-जगह स्पीड ब्रेकर बनवाये है, जिनपर वर्ष 2014-15 में 11 लाख 26 हजार रुपया खर्च किया गया है और इस रुपये में 641.25 मीटर ब्रेकर बनवाये गये हैं। वहीं 2015-16 में अभी तक 9 लाख 67 हजार रुपया खर्च किया गया है, जिससे 774.67 मीटर ब्रेकर बनवाये गये हैं। इस तरह यह भी साफ हो रहा है कि पिछले साल जहां कम लंबाई के ब्रेकर बनवाये गये, उनपर काफी ज्यादा रुपया खर्च किया गया और इस साल ज्यादा लंबाई के ब्रेकर बनने के बावजूद कम रुपया खर्च किया गया है। मेयर की मानें तो जहां ब्रेकर की जरूरत ही नहीं थी वहां भी बनवाए गये हैं।
बिल्डिंगों के किराये पर मोटा खर्चा
नगर निगम क्षेत्र में खस्ताहाल नालियों, सड़कों व गलियों की समस्या को लेकर लोग आये दिन कार्यालय के चक्कर काटते रहते हैं, लेकिन अधिकारी उनको बजट नहीं होने का हवाला देकर वापस चलता कर देते हैं। लेकिन नगर निगम अधिकारी ऐसी जगह रुपया खर्च कर रहे हैं, जिससे सीधे तौर पर लोगों को कोई फायदा नहीं होने वाला है। नगर निगम के पास अपना कार्यालय है, लेकिन मेयर के लिए अभी कोई कार्यालय नहीं है और जिला विकास भवन में तीसरी मंजिल को नगर निगम ने किराये पर लिया हुआ है। उस बिल्डिंग पर भी मोटा खर्चा किया जा रहा है। प्रेमनगर में रहने वाले डॉ. दीपक चौहान की ओर से आईटीआई के तहत मांगी गई जानकारी से पता चला है कि जिला विकास भवन में मेयर कार्यालय वाली बिल्डिंग का तीन माह का किराया 3 लाख 22 हजार 200 रुपये दिया गया। वहीं एक अन्य बिल्ंिडग नगर निगम कार्यालय के पास है और उस डीआरडीए की पुरानी बिल्डिंग का तीन माह का किराया 1 लाख 86 हजार 306 रुपये है।
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अब आई सुध
शहर में जिस समय ब्रेकर बनाये जा रहे थे, हमने उस समय जरूरत के अनुसार ब्रेकर लगवाने के लिए कहा था। गलियों में ब्रेकर बनाने का कोई फायदा नहीं था, जहां बड़े वाहन नहीं जाते हैं। उसके बावजूद गलियों में ऐसी जगहों पर ब्रेकर बनवा दिये गये, जिसका कोई फायदा ही नहीं है। इस मामले में डीसी से बात की जाएगी और इस खर्च के मामले को मीटिंग में उठाया जाएगा।
रेणू डाबला, मेयर नगर निगम
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निगम क्षेत्र में विकास के नाम पर जहां सड़कें और नालियां बेहाल हैं वहीं स्पीड ब्रेकर्स बनवाने के लिए अधिकारियों ने 21 लाख रुपये तक खर्च कर दिए।
निगम अधिकारियों के ये खर्चे महज ब्रेकर्स तक ही नहीं सीमित हैं, हर महीने निगम की बिल्डिंग के किराये के नाम पर लाखों रुपये जा रहे हैं। ये सच सामने आया है आरटीआई से मांगी गई सूचना से।
इस सूचना के बाद नगर निगम के लाखों रुपये के खर्च की पोल खुलकर सामने आई है।
पिछले सत्र में लंबाई हुई कम, खर्च ज्यादा
नगर निगम अधिकारियों ने शहर में जगह-जगह स्पीड ब्रेकर बनवाये है, जिनपर वर्ष 2014-15 में 11 लाख 26 हजार रुपया खर्च किया गया है और इस रुपये में 641.25 मीटर ब्रेकर बनवाये गये हैं। वहीं 2015-16 में अभी तक 9 लाख 67 हजार रुपया खर्च किया गया है, जिससे 774.67 मीटर ब्रेकर बनवाये गये हैं। इस तरह यह भी साफ हो रहा है कि पिछले साल जहां कम लंबाई के ब्रेकर बनवाये गये, उनपर काफी ज्यादा रुपया खर्च किया गया और इस साल ज्यादा लंबाई के ब्रेकर बनने के बावजूद कम रुपया खर्च किया गया है। मेयर की मानें तो जहां ब्रेकर की जरूरत ही नहीं थी वहां भी बनवाए गये हैं।
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बिल्डिंगों के किराये पर मोटा खर्चा
नगर निगम क्षेत्र में खस्ताहाल नालियों, सड़कों व गलियों की समस्या को लेकर लोग आये दिन कार्यालय के चक्कर काटते रहते हैं, लेकिन अधिकारी उनको बजट नहीं होने का हवाला देकर वापस चलता कर देते हैं। लेकिन नगर निगम अधिकारी ऐसी जगह रुपया खर्च कर रहे हैं, जिससे सीधे तौर पर लोगों को कोई फायदा नहीं होने वाला है। नगर निगम के पास अपना कार्यालय है, लेकिन मेयर के लिए अभी कोई कार्यालय नहीं है और जिला विकास भवन में तीसरी मंजिल को नगर निगम ने किराये पर लिया हुआ है। उस बिल्डिंग पर भी मोटा खर्चा किया जा रहा है। प्रेमनगर में रहने वाले डॉ. दीपक चौहान की ओर से आईटीआई के तहत मांगी गई जानकारी से पता चला है कि जिला विकास भवन में मेयर कार्यालय वाली बिल्डिंग का तीन माह का किराया 3 लाख 22 हजार 200 रुपये दिया गया। वहीं एक अन्य बिल्ंिडग नगर निगम कार्यालय के पास है और उस डीआरडीए की पुरानी बिल्डिंग का तीन माह का किराया 1 लाख 86 हजार 306 रुपये है।
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शहर में जिस समय ब्रेकर बनाये जा रहे थे, हमने उस समय जरूरत के अनुसार ब्रेकर लगवाने के लिए कहा था। गलियों में ब्रेकर बनाने का कोई फायदा नहीं था, जहां बड़े वाहन नहीं जाते हैं। उसके बावजूद गलियों में ऐसी जगहों पर ब्रेकर बनवा दिये गये, जिसका कोई फायदा ही नहीं है। इस मामले में डीसी से बात की जाएगी और इस खर्च के मामले को मीटिंग में उठाया जाएगा।
रेणू डाबला, मेयर नगर निगम