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Rohtak News: छवि के आधार पर कर्मचारियों को रिटायर्ड करना सहीं पैमाना नहीं
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रोहतक। जनसेवा ट्रस्ट हरियाणा की ओर से सरकार के 50 से 55 वर्ष के कर्मचारियों की छवि की जांच कर रिटायर्ड करने के आदेशों को गलत बताया है। इससे उच्च पदों पर बैठे अधिकारी अपने नीचे काम करने वाले कर्मचारियों पर इसके लिए दवाब बना सकते हैं।
ट्रस्ट के प्रधान जीवन सिंह ने बताया कि सेवा विस्तार के लिए जांच करने का प्रावधान पहले से ही सेवा नियमों में है, लेकिन अब इसके लिए छवि जांच नियमों को शामिल किया गया है। इसका कोई पैमाना नहीं है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार का उच्च पदों से होता है, जो नीचे के कर्मचारियों तक आता है। 2024 में एसीबी ने रिश्वतखोरी के 155 मामले दर्ज किए। इसमें 6 राजपत्रित अधिकारी व 80 अराजपत्रित अधिकारी व 31 निजी व्यक्ति थे। इसमें अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों का ब्योरा नहीं दिया गया है। वास्तविक स्थिति इससे अलग है। वे भ्रष्टाचार करते हैं, परंतु केस दर्ज नहीं होते। राजस्व विभाग में भ्रष्टाचार के लिए पटवारी, तहसीलदार को दोषी ठहराया जाता है। सरकार की इस योजना के तहत जो अधिकारी-कर्मचारी नियम से नियमानुसार काम करेंगे, उन पर दबाव बनाने के लिए उनकी सेवा, उन्नति खराब कर उनको दंडित किया जाएगा।
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ट्रस्ट के प्रधान जीवन सिंह ने बताया कि सेवा विस्तार के लिए जांच करने का प्रावधान पहले से ही सेवा नियमों में है, लेकिन अब इसके लिए छवि जांच नियमों को शामिल किया गया है। इसका कोई पैमाना नहीं है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार का उच्च पदों से होता है, जो नीचे के कर्मचारियों तक आता है। 2024 में एसीबी ने रिश्वतखोरी के 155 मामले दर्ज किए। इसमें 6 राजपत्रित अधिकारी व 80 अराजपत्रित अधिकारी व 31 निजी व्यक्ति थे। इसमें अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों का ब्योरा नहीं दिया गया है। वास्तविक स्थिति इससे अलग है। वे भ्रष्टाचार करते हैं, परंतु केस दर्ज नहीं होते। राजस्व विभाग में भ्रष्टाचार के लिए पटवारी, तहसीलदार को दोषी ठहराया जाता है। सरकार की इस योजना के तहत जो अधिकारी-कर्मचारी नियम से नियमानुसार काम करेंगे, उन पर दबाव बनाने के लिए उनकी सेवा, उन्नति खराब कर उनको दंडित किया जाएगा।
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