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रिटायर स्वास्थ्यकर्मी ने होटल में फंदा लगाकर जान दी
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अनूप कुमार की आत्म हात्या की सूचना के बाद मौके पर पहुंचे परिवार के सदस्य ।
- फोटो : RohtakCity
रोहतक। रिटायर एमपीएचडब्ल्यू (स्वास्थ्यकर्मी) ने डी पार्क के पास एक होटल के कमरे में फंदे पर लटककर आत्महत्या कर ली। पास में मिले तीन पेज के सुसाइड नोट में उसने बीमारी से परेशान होकर ऐसा कदम उठाने को मजबूर होना बताया है। यह भी लिखा है कि इसके लिए वह खुद जिम्मेदार है। परिजनों के बयान के आधार पर विधिक कार्रवाई करते हुए पोस्टमार्टम कराने के बाद पुलिस ने शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
पुलिस के मुताबिक ऑफिसर कॉलोनी निवासी अनूप (60) स्वास्थ्य विभाग में एमपीएचडब्ल्यू पद से 31 सितंबर 2020 को रिटायर्ड हुए थे। शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे अनूप का बेटा विकास सिविल लाइन थाना आया और उसने अपने पिता अनूप की गुमशुदगी की शिकायत दी थी। इसके करीब 20 मिनट बाद पृथ्वी होटल संचालक एडवोकेट प्रदीप दलाल ने थाने पहुंचकर बताया कि उनके होटल के कमरा नंबर तीन में अनूप नामक एक व्यक्ति है, जोकि सुबह से ही दरवाजा नहीं खोल रहा है। दरवाजा खटखटाने पर अंदर से किसी भी तरह की कोई हलचल सुनाई नहीं दे रही है। पुलिस ने प्रदीप से अनूप की गाड़ी नंबर पूछी। जिसके बाद पुलिस ने अनूप के परिजनों को फोन कर थाने बुलाया। जहां से पुलिस और परिजन होटल पहुंचे। दूसरे कमरे की बालकनी से अनूप के कमरे की खिड़की तक पहुंच, शीशे तोड़कर दरवाजा खोला, तो अनूप पंखे पर फंदे से लटका था।
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एक पेज पर अपनी जीवन भर की पूंजी का लिखा ब्यौरा
पुलिस को मिली डायरी में अनूप ने पहले पेज पर लिखा था कि वह अपनी बीमारी से परेशान होकर यह कदम उठा रहा है। इसके लिए वह खुद ही जिम्मेदार है। मेरे मरने के बाद किसी को भी परेशान न किया जाए। दूसरे पेज पर अनूप ने अपनी जीवन भर की पूंजी का ब्यौरा लिखा था। अनूप ने लिखा कि उसने किसी का भी पैसा नहीं देना है। इसके अलावा उसने अपनी एफडी, डेबिट कार्ड पिन सहित लेनदारों के नाम पर रुपये लिखे। तीसरे पेज पर अनूप ने लिखा कि दुनिया में कोई किसी का नहीं होता है। हर कोई यहां अपने मतलब के लिए ही याद करता है। मैंने आखिरी समय में जिन अपने परिचितों को फोन किया, उनमें से किसी का नंबर स्विच ऑफ आया तो किसी ने जवाब नहीं दिया।
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वीरवार शाम को होटल में लिया था कमरा
होटल मालिक एडवोकेट प्रदीप दलाल ने बताया कि अनूप ने वीरवार शाम करीब 4 बजे रूम लिया था। अपनी कार होटल के सामने पार्किंग में खड़ी की थी। शाम को उसने बाहर से नानवेज खाना भी खाया था। शुक्रवार सुबह 10 बजे चाय-नाश्ता पूछने के लिए उसके कमरे का दरवाजा खटखटाया गया। मगर अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद दोपहर करीब साढ़े 12 बजे चेक आउट के समय में दरवाजा खटखटाया गया। इसके बाद ही पुलिस को जानकारी दी। वहीं, परिजनों ने बताया कि अनूप वीरवार सुबह 10 बजे झज्जर के सरकारी कार्यालय में अपनी पेंशन से संबंधित दस्तावेज देने गए थे। रातभर उनका मोबाइल फोन स्विच ऑफ था। जिनकी कई जगहों पर तलाश भी की गई थी।
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तीन पेज के सुसाइड नोट के हिसाब से अभी यह बीमारी से ही आत्महत्या करना प्रतीत हो रहा है। फिर भी मामले की हर तरह से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार मामले की आगामी कार्रवाई की जाएगी।
-इंस्पेक्टर उदयभान, थाना प्रभारी, सिविल लाइन
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पुलिस के मुताबिक ऑफिसर कॉलोनी निवासी अनूप (60) स्वास्थ्य विभाग में एमपीएचडब्ल्यू पद से 31 सितंबर 2020 को रिटायर्ड हुए थे। शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे अनूप का बेटा विकास सिविल लाइन थाना आया और उसने अपने पिता अनूप की गुमशुदगी की शिकायत दी थी। इसके करीब 20 मिनट बाद पृथ्वी होटल संचालक एडवोकेट प्रदीप दलाल ने थाने पहुंचकर बताया कि उनके होटल के कमरा नंबर तीन में अनूप नामक एक व्यक्ति है, जोकि सुबह से ही दरवाजा नहीं खोल रहा है। दरवाजा खटखटाने पर अंदर से किसी भी तरह की कोई हलचल सुनाई नहीं दे रही है। पुलिस ने प्रदीप से अनूप की गाड़ी नंबर पूछी। जिसके बाद पुलिस ने अनूप के परिजनों को फोन कर थाने बुलाया। जहां से पुलिस और परिजन होटल पहुंचे। दूसरे कमरे की बालकनी से अनूप के कमरे की खिड़की तक पहुंच, शीशे तोड़कर दरवाजा खोला, तो अनूप पंखे पर फंदे से लटका था।
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एक पेज पर अपनी जीवन भर की पूंजी का लिखा ब्यौरा
पुलिस को मिली डायरी में अनूप ने पहले पेज पर लिखा था कि वह अपनी बीमारी से परेशान होकर यह कदम उठा रहा है। इसके लिए वह खुद ही जिम्मेदार है। मेरे मरने के बाद किसी को भी परेशान न किया जाए। दूसरे पेज पर अनूप ने अपनी जीवन भर की पूंजी का ब्यौरा लिखा था। अनूप ने लिखा कि उसने किसी का भी पैसा नहीं देना है। इसके अलावा उसने अपनी एफडी, डेबिट कार्ड पिन सहित लेनदारों के नाम पर रुपये लिखे। तीसरे पेज पर अनूप ने लिखा कि दुनिया में कोई किसी का नहीं होता है। हर कोई यहां अपने मतलब के लिए ही याद करता है। मैंने आखिरी समय में जिन अपने परिचितों को फोन किया, उनमें से किसी का नंबर स्विच ऑफ आया तो किसी ने जवाब नहीं दिया।
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वीरवार शाम को होटल में लिया था कमरा
होटल मालिक एडवोकेट प्रदीप दलाल ने बताया कि अनूप ने वीरवार शाम करीब 4 बजे रूम लिया था। अपनी कार होटल के सामने पार्किंग में खड़ी की थी। शाम को उसने बाहर से नानवेज खाना भी खाया था। शुक्रवार सुबह 10 बजे चाय-नाश्ता पूछने के लिए उसके कमरे का दरवाजा खटखटाया गया। मगर अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद दोपहर करीब साढ़े 12 बजे चेक आउट के समय में दरवाजा खटखटाया गया। इसके बाद ही पुलिस को जानकारी दी। वहीं, परिजनों ने बताया कि अनूप वीरवार सुबह 10 बजे झज्जर के सरकारी कार्यालय में अपनी पेंशन से संबंधित दस्तावेज देने गए थे। रातभर उनका मोबाइल फोन स्विच ऑफ था। जिनकी कई जगहों पर तलाश भी की गई थी।
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तीन पेज के सुसाइड नोट के हिसाब से अभी यह बीमारी से ही आत्महत्या करना प्रतीत हो रहा है। फिर भी मामले की हर तरह से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार मामले की आगामी कार्रवाई की जाएगी।
-इंस्पेक्टर उदयभान, थाना प्रभारी, सिविल लाइन

अनूप कुमार- फाइल फोटो। - फोटो : RohtakCity