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रेस्टोरेंट में दूसरा छापा, लड़के-लड़कियां दो घंटे रखे हिरासत में, संचालक पर कार्रवाई नहीं
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Tue, 22 Sep 2015 02:08 AM IST
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शहर के रेस्टोरेंट में लड़के-लड़कियों के लिए अवैध केबिन बनाकर पैसे कूटने का गोरखधंधा बदस्तूर जारी है।
इन रेस्टोरेंट संचालकों पर पुलिस कार्रवाई का भी कोई असर नहीं हो रहा है। शुक्रवार को छोटूराम चौक स्थित आनंद प्लाजा के प्रथम तल पर बने वेव रेस्टोरेंट एंड कै फे पर दो थानों की पुलिस ने छापा मारा।
शुक्रवार दोपहर को छापा मारा। हालात वही मिले जो पहली बार की गई छापेमार कार्रवाई के दौरान मिले थे। यहां बने केबिनों में इंजीनियरिंग व मेडिकल सहित अन्य छात्र-छात्राएं संदिग्ध हालत मिले।
मगर इस बार भी पुलिस रेस्टोरेंट संचालक के सामने लाचार नजर आई। पुलिस यहां से बिना कार्रवाई करे ही लौट गई।
पुलिस बस यहां से मिले छात्र-छात्राओं को थाने ले गई और उनके परिजनों को बुलाकर विद्यार्थियों को चेतावनी देकर छोड़ दिया। रेस्टोरेंट संचालक पर इस बार भी पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर सकी।
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दरअसल पुलिस को सूचना मिली थी कि आनंद प्लाजा के प्रथम फ्लोर पर बने वेव रेस्टोरेंट एंड कै फे में कुछ लड़के-लड़किया संदिग्ध परिस्थितियों में मौजूद है। इसके बाद महिला थाना और सिविल लाइन थाना पुलिस ने रेस्टोरेंट पर छापेमार कार्रवाई की। पुलिस ने रेस्टोरेंट के दोनों हॉल में बने केबिनों में छात्र-छात्राओं को संदिग्ध हालत में पाया। वहीं, पुलिस की सूचना मिलते ही रेस्टोरेंट संचालक मौके से फरार हो गया। लड़के-लड़कियों को रेस्टोरेंट से निकालकर पुलिस बैरंग लौट आई। पुलिस ने यहां किसी के खिलाफ भी कोई कार्रवाई नहीं की।
दो घंटे तक पुलिस पहरे में रहे छात्र-छात्रा, संचालक पर कोई कार्रवाई नहीं
भारी संख्या में प्लाजा में छापा मारने पहुंची पुलिस ने रेस्टोरेंट के केबिनों में बैठे छात्र-छात्राओं को करीब दो घंटे तक पुलिस पहरे में रखा। मगर रेस्टोरेंट संचालक पर कार्रवाई के बारे में पुलिस ने कोई कदम नहीं उठाया। जबकि इनमें से एक भी नाबालिग नहीं था। फिर पुलिस एक-एक करके रेस्टोरेंट से छात्र-छात्राओं को बाहर निकाला और पुलिस वैन में बैठाकर थाने ले गई।
एक घंटा सिर्फ बैठने की 100 रुपये फीस
रेस्टोरेंट के दो हॉल में कुल 26 केबिन बने हुए है। इनमें 18 एक हॉल में और दूसरे हॉल में 8 केबिन है। काउंटर पर मौजूद कर्मचारी ने बताया कि यहां आने वाले छात्र-छात्राओं से एक घंटे के हिसाब से 100 रुपये वसूले जाते है। जबकि जोड़े के अलावा अन्य किसी की एंट्री नहीं है। पुलिस को छापे के दौरान रेस्टोरेंट में करीब 25 लड़के-लड़कियां मिले।
15 अगस्त को तोड़े थे केबिन
यह पहला वाक्या नहीं है कि पुलिस ने वेव रेस्टोरेंट पर कार्रवाई की। यहां चल रही संदिग्ध गतिविधियों के बारे में पुलिस को करीब एक महीने से जानकारी है। इससे पहले 15 अगस्त को सिविल लाइन थाना पुलिस ने छापा मारकर केबिनों को तोड़ दिया था, लेकिन संचालक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की थी। कार्रवाई नहीं होने से संचालक ने दोबारा से केबिन तैयार कर लिये। रेस्टोरेंट में चल रही संदिग्ध गतिविधियों के चलते प्लाजा में बनी अन्य दुकानों का भी माहौल खराब हो रहा है।
पुलिस बोली- किस धारा में करें कार्रवाई
वहीं, जब पुलिस ने मामले में बात की गई तो सिविल लाइन थाना प्रभारी नवीन कुमार ने सवाल खड़ा कर दिया कि रेस्टोरेंट संचालक के खिलाफ किस धारा में कानूनी कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि जिला उपायुक्त से केवल जुर्माना की गुहार लगाई जा सकती है। जबकि सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार बालिग छात्र-छात्राओं पर कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती। यदि वह अपनी मर्जी से दायरे में रहकर कोई कार्य कर रहे है।
10 दिन पहले एसपी से की थी शिकायत
रेस्टोरेंट में चल रही संदिग्ध गतिविधियों से परेशान होकर स्थानीय दुकानदारों ने करीब 10 दिन पहले पुलिस अधीक्षक को शिकायत दी थी। शिकायतकर्ताओं में दुकानदारों के अलावा कॉलोनीवासी भी शामिल थे। क्योंकि प्लाजा की पार्किंग में भी लड़के लड़कियां घंटों तक संदिग्ध गतिविधियों में संलिप्त रहते है। कॉलोनीवासियों ने तो आईजी श्रीकांत जाधव से भी मामले में कार्रवाई की गुहार लगाई थी।
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इन रेस्टोरेंट संचालकों पर पुलिस कार्रवाई का भी कोई असर नहीं हो रहा है। शुक्रवार को छोटूराम चौक स्थित आनंद प्लाजा के प्रथम तल पर बने वेव रेस्टोरेंट एंड कै फे पर दो थानों की पुलिस ने छापा मारा।
शुक्रवार दोपहर को छापा मारा। हालात वही मिले जो पहली बार की गई छापेमार कार्रवाई के दौरान मिले थे। यहां बने केबिनों में इंजीनियरिंग व मेडिकल सहित अन्य छात्र-छात्राएं संदिग्ध हालत मिले।
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मगर इस बार भी पुलिस रेस्टोरेंट संचालक के सामने लाचार नजर आई। पुलिस यहां से बिना कार्रवाई करे ही लौट गई।
पुलिस बस यहां से मिले छात्र-छात्राओं को थाने ले गई और उनके परिजनों को बुलाकर विद्यार्थियों को चेतावनी देकर छोड़ दिया। रेस्टोरेंट संचालक पर इस बार भी पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर सकी।
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दरअसल पुलिस को सूचना मिली थी कि आनंद प्लाजा के प्रथम फ्लोर पर बने वेव रेस्टोरेंट एंड कै फे में कुछ लड़के-लड़किया संदिग्ध परिस्थितियों में मौजूद है। इसके बाद महिला थाना और सिविल लाइन थाना पुलिस ने रेस्टोरेंट पर छापेमार कार्रवाई की। पुलिस ने रेस्टोरेंट के दोनों हॉल में बने केबिनों में छात्र-छात्राओं को संदिग्ध हालत में पाया। वहीं, पुलिस की सूचना मिलते ही रेस्टोरेंट संचालक मौके से फरार हो गया। लड़के-लड़कियों को रेस्टोरेंट से निकालकर पुलिस बैरंग लौट आई। पुलिस ने यहां किसी के खिलाफ भी कोई कार्रवाई नहीं की।
दो घंटे तक पुलिस पहरे में रहे छात्र-छात्रा, संचालक पर कोई कार्रवाई नहीं
भारी संख्या में प्लाजा में छापा मारने पहुंची पुलिस ने रेस्टोरेंट के केबिनों में बैठे छात्र-छात्राओं को करीब दो घंटे तक पुलिस पहरे में रखा। मगर रेस्टोरेंट संचालक पर कार्रवाई के बारे में पुलिस ने कोई कदम नहीं उठाया। जबकि इनमें से एक भी नाबालिग नहीं था। फिर पुलिस एक-एक करके रेस्टोरेंट से छात्र-छात्राओं को बाहर निकाला और पुलिस वैन में बैठाकर थाने ले गई।
एक घंटा सिर्फ बैठने की 100 रुपये फीस
रेस्टोरेंट के दो हॉल में कुल 26 केबिन बने हुए है। इनमें 18 एक हॉल में और दूसरे हॉल में 8 केबिन है। काउंटर पर मौजूद कर्मचारी ने बताया कि यहां आने वाले छात्र-छात्राओं से एक घंटे के हिसाब से 100 रुपये वसूले जाते है। जबकि जोड़े के अलावा अन्य किसी की एंट्री नहीं है। पुलिस को छापे के दौरान रेस्टोरेंट में करीब 25 लड़के-लड़कियां मिले।
15 अगस्त को तोड़े थे केबिन
यह पहला वाक्या नहीं है कि पुलिस ने वेव रेस्टोरेंट पर कार्रवाई की। यहां चल रही संदिग्ध गतिविधियों के बारे में पुलिस को करीब एक महीने से जानकारी है। इससे पहले 15 अगस्त को सिविल लाइन थाना पुलिस ने छापा मारकर केबिनों को तोड़ दिया था, लेकिन संचालक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की थी। कार्रवाई नहीं होने से संचालक ने दोबारा से केबिन तैयार कर लिये। रेस्टोरेंट में चल रही संदिग्ध गतिविधियों के चलते प्लाजा में बनी अन्य दुकानों का भी माहौल खराब हो रहा है।
पुलिस बोली- किस धारा में करें कार्रवाई
वहीं, जब पुलिस ने मामले में बात की गई तो सिविल लाइन थाना प्रभारी नवीन कुमार ने सवाल खड़ा कर दिया कि रेस्टोरेंट संचालक के खिलाफ किस धारा में कानूनी कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि जिला उपायुक्त से केवल जुर्माना की गुहार लगाई जा सकती है। जबकि सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार बालिग छात्र-छात्राओं पर कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती। यदि वह अपनी मर्जी से दायरे में रहकर कोई कार्य कर रहे है।
10 दिन पहले एसपी से की थी शिकायत
रेस्टोरेंट में चल रही संदिग्ध गतिविधियों से परेशान होकर स्थानीय दुकानदारों ने करीब 10 दिन पहले पुलिस अधीक्षक को शिकायत दी थी। शिकायतकर्ताओं में दुकानदारों के अलावा कॉलोनीवासी भी शामिल थे। क्योंकि प्लाजा की पार्किंग में भी लड़के लड़कियां घंटों तक संदिग्ध गतिविधियों में संलिप्त रहते है। कॉलोनीवासियों ने तो आईजी श्रीकांत जाधव से भी मामले में कार्रवाई की गुहार लगाई थी।