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मौलिक और मूल्यवान शोध करें शोधार्थी : कुलपति
Sat, 11 May 2024 01:29 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Sat, 11 May 2024 01:29 PM IST
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10सीटीके36...एमडीयू के स्वराज सदन में रिसर्च मैथोडोलॉजी विषय पर आयोजित कार्यशाला में प्रतिभागी
उत्कृष्ट शोध के लिए पुस्तकालय, प्रयोगशाला और फील्ड से जुड़ें। शोधार्थी मौलिक और मूल्यवान शोध कार्य करें। यह कहना है महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजबीर सिंह का। वे शुक्रवार को स्वराज सदन में रिसर्च मैथोडोलॉजी विषय पर संचालित सात दिवसीय कार्यशाला के समापन सत्र में बोल रहे थे।
फैकल्टी ऑफ लाइफ साइंसेज, फैकल्टी ऑफ इंटरडिसिप्लिनरी स्टडीज व चौ. रणबीर सिंह इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल एंड इकोनॉमिक चेंज के संयुक्त तत्वावधान में यह कार्यशाला आयोजित हुई। कुलपति ने शोधार्थियों को शोध के मूल उद्देश्य से रूबरू कराते हुए कहा कि शोधार्थी ऐसा शोध कार्य करें, जिसका सामाजिक प्रभाव हो। उन्होंने शोधार्थियों को शोध को सामाजिक विकास से जोड़ने के लिए प्रेरित किया। शोध में विषय चयन, शोध करने की विधि, तथ्य संकलन और निष्कर्ष को महत्वपूर्ण बताया।
कुलपति ने कार्यशाला में शामिल प्रतिभागी शोधार्थियों को सर्टिफिकेट प्रदान किए। डीन, फैकल्टी ऑफ लाइफ साइंसेज एवं कार्यशाला कंवीनर प्रो. राजेश धनखड़ ने स्वागत भाषण दिया। कार्यशाला कोआर्डिनेटर डाॅ. नीलकमल ने कार्यशाला की रिपोर्ट प्रस्तुत की। चौ. रणबीर सिंह इंस्टीट्यूट की निदेशक प्रो. सोनिया मलिक ने कहा कि संस्थान विवि में शोध संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने संस्थान की ओर से आयोजित की जाने वाली गतिविधियों की जानकारी दी।
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प्रो. एससी मलिक ने कहा कि इस कार्यशाला में शोधार्थियों को शोध के विभिन्न पहलुओं की व्यावहारिक जानकारी दी गई। शोधार्थियों ने कार्यशाला बारे फीडबैक देते हुए इसे उपयोगी बताया। कार्यशाला कोआर्डिनेटर प्रो. विनीता शुक्ला ने आभार जताया। इस मौके पर फैकल्टी ऑफ लाइफ साइंसेज व फैकल्टी ऑफ इंटरडिसिप्लिनरी स्टडीज के प्राध्यापक एवं प्रतिभागी शोधार्थी उपस्थित रहे।
इससे पूर्व सुबह के दो सत्रों में वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया, देहरादून के प्रो. वीपी उनियाल ने इंवर्टेब्रेट्स एज इंडिकेटर्स फॉर मॉनिटरिंग इकोसिस्टम हेल्थ एंड क्लाइमेट चेंज व रोल ऑफ वाइल्डलाइफ फोरेंसिक इन कॉम्बेटिंग इलिगल वाइल्डलाइफ ट्रेड विषय पर विशेष व्याख्यान दिया। डाॅ. सपना व डाॅ. मुकेश तंवर ने इन सत्रों की अध्यक्षता की। दोपहर बाद के सत्र में जुंगा, हिमाचल प्रदेश के डाॅ. विवेक सहजपाल ने डीएनए प्रोफाइलिंग एंड इट्स एप्लीकेशसं विषय पर विस्तार से अपनी बात रखी। डाॅ. समुंद्र कौशिक ने इस सत्र की अध्यक्षता की।
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फैकल्टी ऑफ लाइफ साइंसेज, फैकल्टी ऑफ इंटरडिसिप्लिनरी स्टडीज व चौ. रणबीर सिंह इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल एंड इकोनॉमिक चेंज के संयुक्त तत्वावधान में यह कार्यशाला आयोजित हुई। कुलपति ने शोधार्थियों को शोध के मूल उद्देश्य से रूबरू कराते हुए कहा कि शोधार्थी ऐसा शोध कार्य करें, जिसका सामाजिक प्रभाव हो। उन्होंने शोधार्थियों को शोध को सामाजिक विकास से जोड़ने के लिए प्रेरित किया। शोध में विषय चयन, शोध करने की विधि, तथ्य संकलन और निष्कर्ष को महत्वपूर्ण बताया।
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कुलपति ने कार्यशाला में शामिल प्रतिभागी शोधार्थियों को सर्टिफिकेट प्रदान किए। डीन, फैकल्टी ऑफ लाइफ साइंसेज एवं कार्यशाला कंवीनर प्रो. राजेश धनखड़ ने स्वागत भाषण दिया। कार्यशाला कोआर्डिनेटर डाॅ. नीलकमल ने कार्यशाला की रिपोर्ट प्रस्तुत की। चौ. रणबीर सिंह इंस्टीट्यूट की निदेशक प्रो. सोनिया मलिक ने कहा कि संस्थान विवि में शोध संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने संस्थान की ओर से आयोजित की जाने वाली गतिविधियों की जानकारी दी।
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प्रो. एससी मलिक ने कहा कि इस कार्यशाला में शोधार्थियों को शोध के विभिन्न पहलुओं की व्यावहारिक जानकारी दी गई। शोधार्थियों ने कार्यशाला बारे फीडबैक देते हुए इसे उपयोगी बताया। कार्यशाला कोआर्डिनेटर प्रो. विनीता शुक्ला ने आभार जताया। इस मौके पर फैकल्टी ऑफ लाइफ साइंसेज व फैकल्टी ऑफ इंटरडिसिप्लिनरी स्टडीज के प्राध्यापक एवं प्रतिभागी शोधार्थी उपस्थित रहे।
इससे पूर्व सुबह के दो सत्रों में वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया, देहरादून के प्रो. वीपी उनियाल ने इंवर्टेब्रेट्स एज इंडिकेटर्स फॉर मॉनिटरिंग इकोसिस्टम हेल्थ एंड क्लाइमेट चेंज व रोल ऑफ वाइल्डलाइफ फोरेंसिक इन कॉम्बेटिंग इलिगल वाइल्डलाइफ ट्रेड विषय पर विशेष व्याख्यान दिया। डाॅ. सपना व डाॅ. मुकेश तंवर ने इन सत्रों की अध्यक्षता की। दोपहर बाद के सत्र में जुंगा, हिमाचल प्रदेश के डाॅ. विवेक सहजपाल ने डीएनए प्रोफाइलिंग एंड इट्स एप्लीकेशसं विषय पर विस्तार से अपनी बात रखी। डाॅ. समुंद्र कौशिक ने इस सत्र की अध्यक्षता की।