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Rohtak News: शोध की नवीनतम पद्धतियों के बारे में जानें शोधार्थी
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24सीटीके47...एमडीयू में मेथोडोलॉजी विषय पर आयोजित कार्यशाला में मौजूद विद्यार्थी व शिक्षक। स्र
रोहतक। चौ. रणबीर सिंह इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल एंड इकोनॉमिक चेंज के तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय कार्यशाला शुक्रवार को संपन्न हुई। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के फैकल्टी ऑफ लॉ, फैकल्टी ऑफ एजुकेशन व फैकल्टी ऑफ ह्यूमैनिटीज एंड आर्ट्स की ओर से आयोजित इस कार्यशाला का विषय रिसर्च मैथोडोलॉजी विषय रहा।
कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने कहा कि शोध विषय को जानना जरूरी है, शोधार्थी शोध की नवीनतम पद्धतियों के बारे में जानें। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्यशाला में हर विद्यार्थी को भाग लेना चाहिए, ताकि विषय संबंधित व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त कर सकें। उन्होंने शोधार्थियों को क्रिटिकल थिंकिंग डेवलप करने व जिज्ञासु बनने के लिए प्रेरित किया। प्रतिभागी शोधार्थियों को सर्टिफिकेट प्रदान कर सम्मानित किया गया।
समापन सत्र के प्रारंभ में डीन, फैकल्टी ऑफ ह्यूमैनिटीज एंड आर्ट्स प्रो. रणदीप राणा ने स्वागत भाषण दिया। चौ. रणबीर सिंह इंस्टीट्यूट की निदेशक प्रो. सोनिया मलिक ने संस्थान व आयोजित की जाने वाली शैक्षणिक एवं शोध गतिविधियों बारे जानकारी दी। प्राध्यापिका डाॅ. प्रतिमा देवी ने कार्यशाला की रिपोर्ट प्रस्तुत की। डीन, फैकल्टी ऑफ एजुकेशन प्रो. आरपी गर्ग ने आभार प्रदर्शन किया। इस मौके पर फैकल्टी ऑफ लॉ, फैकल्टी ऑफ एजुकेशन व फैकल्टी ऑफ ह्यूमैनिटीज एंड आर्ट्स के विभागों के अध्यक्ष, प्राध्यापक एवं प्रतिभागी शोधार्थी उपस्थित रहे।
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इससे पूर्व प्रथम सत्र में चौ. रणबीर सिंह इंस्टीट्यूट की डाॅ. नीरजा अहलावत-डाटा सैंपलिंग बारे विस्तार से जानकारी दी। दूसरे सत्र में फिजिक्स विभाग के अध्यक्ष प्रो. राजेश पूनिया ने शोध के विभिन्न पहलुओं बारे व्यावहारिक जानकारी दी। तीसरे सत्र में गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विवि, हिसार के प्रो. उमेश आर्य ने- फैक्ट चेक एंड टूल्स ऑफ रिसर्च विषय पर विशेष व्याख्यान दिया। चौथे सत्र में एमडीयू के यौगिक अध्ययन केंद्र के निदेशक प्रो. सुरेंद्र कुमार ने- एप्लीकेशन ऑफ इंडियन लॉजिक इनटू रिसर्च मैथोडोलॉजी विषय पर विस्तार से अपनी बात रखी।
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कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने कहा कि शोध विषय को जानना जरूरी है, शोधार्थी शोध की नवीनतम पद्धतियों के बारे में जानें। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्यशाला में हर विद्यार्थी को भाग लेना चाहिए, ताकि विषय संबंधित व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त कर सकें। उन्होंने शोधार्थियों को क्रिटिकल थिंकिंग डेवलप करने व जिज्ञासु बनने के लिए प्रेरित किया। प्रतिभागी शोधार्थियों को सर्टिफिकेट प्रदान कर सम्मानित किया गया।
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समापन सत्र के प्रारंभ में डीन, फैकल्टी ऑफ ह्यूमैनिटीज एंड आर्ट्स प्रो. रणदीप राणा ने स्वागत भाषण दिया। चौ. रणबीर सिंह इंस्टीट्यूट की निदेशक प्रो. सोनिया मलिक ने संस्थान व आयोजित की जाने वाली शैक्षणिक एवं शोध गतिविधियों बारे जानकारी दी। प्राध्यापिका डाॅ. प्रतिमा देवी ने कार्यशाला की रिपोर्ट प्रस्तुत की। डीन, फैकल्टी ऑफ एजुकेशन प्रो. आरपी गर्ग ने आभार प्रदर्शन किया। इस मौके पर फैकल्टी ऑफ लॉ, फैकल्टी ऑफ एजुकेशन व फैकल्टी ऑफ ह्यूमैनिटीज एंड आर्ट्स के विभागों के अध्यक्ष, प्राध्यापक एवं प्रतिभागी शोधार्थी उपस्थित रहे।
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इससे पूर्व प्रथम सत्र में चौ. रणबीर सिंह इंस्टीट्यूट की डाॅ. नीरजा अहलावत-डाटा सैंपलिंग बारे विस्तार से जानकारी दी। दूसरे सत्र में फिजिक्स विभाग के अध्यक्ष प्रो. राजेश पूनिया ने शोध के विभिन्न पहलुओं बारे व्यावहारिक जानकारी दी। तीसरे सत्र में गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विवि, हिसार के प्रो. उमेश आर्य ने- फैक्ट चेक एंड टूल्स ऑफ रिसर्च विषय पर विशेष व्याख्यान दिया। चौथे सत्र में एमडीयू के यौगिक अध्ययन केंद्र के निदेशक प्रो. सुरेंद्र कुमार ने- एप्लीकेशन ऑफ इंडियन लॉजिक इनटू रिसर्च मैथोडोलॉजी विषय पर विस्तार से अपनी बात रखी।