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दूसरों की खुशी के लिए प्रयास करने में है असली खुशी : डी. सुरेश
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रोहतक। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय में बिल्डिंग एन इनक्लूसिव एंड रेजीलियंट सोसाइटी : द रोल ऑफ साइन लैंग्वेज विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। एमडीयू के सेंटर फॉर डिसेबिलिटी स्टडीज व चौ. रणबीर सिंह इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल एंड इकोनॉमिक चेंज की ओर से आयोजित इस राष्ट्रीय संगोष्ठी में प्रधान सचिव डाॅ. डी. सुरेश ने मुख्य अतिथि रहे।
उन्होंने कहा कि जीवन में असली खुशी दूसरों की खुशी के लिए प्रयास करने में निहित है। संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र में बतौर विशिष्ट अतिथि उपस्थित भारतीय पुनर्वास परिषद की अध्यक्ष डाॅ. शरणजीत कौर ने कहा कि प्रत्येक पाठ्यक्रम में इनक्लूसीविटी व डिसेबिलिटी संबंधित पाठ्य सामग्री को शामिल किए जाने की जरूरत है। एमडीयू कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन इंक्लूसिव एजुकेशन को प्रोत्साहन देने के लिए हरसंभव प्रयास करेगा।
संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र में इंदिरा गांधी मुक्त विश्वविद्यालय नई दिल्ली की प्रो. हेमलता ने कहा कि डिसेबिलिटी स्टडीज को इंटर डिसीप्लिनरी अप्रोच से बढ़ावा देने की जरूरत है। मौके पर डाॅ. प्रतिमा देवी, प्रो. राधेश्याम, प्रो. आशीष दहिया, डाॅ. शालिनी सिंह, प्रो. एएस मान, प्रो. गुलशन तनेजा, अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. रणदीप राणा, प्रो. अरुण नंदा आदि मौजूद हुए।
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उन्होंने कहा कि जीवन में असली खुशी दूसरों की खुशी के लिए प्रयास करने में निहित है। संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र में बतौर विशिष्ट अतिथि उपस्थित भारतीय पुनर्वास परिषद की अध्यक्ष डाॅ. शरणजीत कौर ने कहा कि प्रत्येक पाठ्यक्रम में इनक्लूसीविटी व डिसेबिलिटी संबंधित पाठ्य सामग्री को शामिल किए जाने की जरूरत है। एमडीयू कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन इंक्लूसिव एजुकेशन को प्रोत्साहन देने के लिए हरसंभव प्रयास करेगा।
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संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र में इंदिरा गांधी मुक्त विश्वविद्यालय नई दिल्ली की प्रो. हेमलता ने कहा कि डिसेबिलिटी स्टडीज को इंटर डिसीप्लिनरी अप्रोच से बढ़ावा देने की जरूरत है। मौके पर डाॅ. प्रतिमा देवी, प्रो. राधेश्याम, प्रो. आशीष दहिया, डाॅ. शालिनी सिंह, प्रो. एएस मान, प्रो. गुलशन तनेजा, अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. रणदीप राणा, प्रो. अरुण नंदा आदि मौजूद हुए।
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