{"_id":"609448348ebc3eb9d80e7f02","slug":"rainfall-after-dusty-storm-lightning-struck-many-areas-rohtak-news-rtk607463293","type":"story","status":"publish","title_hn":"धूल भरी आंधी के बाद हुई बारिश, कई इलाके में बिजली रही गुल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धूल भरी आंधी के बाद हुई बारिश, कई इलाके में बिजली रही गुल
विज्ञापन
रोहतक। जिले में वीरवार दोपहर को मौसम का मिजाज अचानक बदल गया। एकाएक काले बादल छा गए और दोपहर में अंधेरा हो गया। आखिर शाम तक बारिश भी शुरू हो गई और करीब दो घंटे तक बारिश होने से मौसम में बदलाव हो गया। इसके चलते कई इलाकों में बिजली गुल रही। बिजली गुल रहने के कारण लोगों को परेशानी का भी सामना उठाना पड़ा।
शाम चार बजे बारिश से पहले धूल भरी आंधी चली। मौसम बदलता देख लोग अपनी छतों पर निकले। सुबह के समय गर्मी अधिक होने के कारण अचानक मौसम में हुए बदलाव से लोगों ने राहत महसूस की। दूसरी ओर बारिश और आंधी के कारण शहर के गांधी कैंप, बोहर गांव, सेक्टर एक, सेक्टर दो, प्रेम नगर, डी पार्क समेत कई क्षेत्रों की बिजली गुल हो गई। इससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। शाम सात बजे के बाद भी ज्यादातर क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति ठप रही। कुछ इलाकों में बिजली आपूर्ति शुरू हो गई थी। जबकि पावर हाउस से जुड़े कुछ इलाकों में मरम्मत का कार्य चल रहा था।
वहीं मंडियों में पड़ा किसानों का गेहूं फिर भीग गया। रोहतक मंडी में तो ज्यादातर गेहूं बोरियों में पड़ा है। लेकिन कलानौर और महम में अभी भी किसानों का गेहूं ढेरियों में पड़ा था, जो पूरी तरह भीग गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
शाम चार बजे बारिश से पहले धूल भरी आंधी चली। मौसम बदलता देख लोग अपनी छतों पर निकले। सुबह के समय गर्मी अधिक होने के कारण अचानक मौसम में हुए बदलाव से लोगों ने राहत महसूस की। दूसरी ओर बारिश और आंधी के कारण शहर के गांधी कैंप, बोहर गांव, सेक्टर एक, सेक्टर दो, प्रेम नगर, डी पार्क समेत कई क्षेत्रों की बिजली गुल हो गई। इससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। शाम सात बजे के बाद भी ज्यादातर क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति ठप रही। कुछ इलाकों में बिजली आपूर्ति शुरू हो गई थी। जबकि पावर हाउस से जुड़े कुछ इलाकों में मरम्मत का कार्य चल रहा था।
विज्ञापन
वहीं मंडियों में पड़ा किसानों का गेहूं फिर भीग गया। रोहतक मंडी में तो ज्यादातर गेहूं बोरियों में पड़ा है। लेकिन कलानौर और महम में अभी भी किसानों का गेहूं ढेरियों में पड़ा था, जो पूरी तरह भीग गया।
विज्ञापन