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Rohtak News: क्वारंटाइन खत्म, अब बाड़े में पर्यटकों को दिखेंगे 100 किलो के शावक
Tue, 09 Jul 2024 05:48 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Tue, 09 Jul 2024 05:48 AM IST
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08सीटीके18....लघु चिड़िया घर में अपने बाडे में आराम करते शेर। संवाद
रोहतक। तिलियार स्थित लघु चिड़ियाघर में आए तीन शावकों का क्वारंटाइन खत्म हो गया है। अब उनको पर्यटकों के लिए बाड़े (एनक्लोजर) में रखा गया है। इनके आने से शेरों का कुनबा भी बढ़ा है।
पिपली लघु चिड़ियाघर से बीते माह इन शावकों को यहां लाया गया था। उसी समय से क्वारंटाइन कर उनकी सेहत पर निगरानी रखी जा रही थी। अब डेढ़ वर्षीय शावकों को पूरी तरह से अनुकूल हो जाने पर पर्यटकों के लिए बाड़े में भेज दिया गया है। यह तीनों एक ही बाड़े में रखे गए हैं। बच्चे भी इन्हें देखकर खूब उत्साहित हो रहे हैं। पहले की तरह ही तीनों शावकों को हफ्ते में 3 दिन मटन और 3 दिन चिकन दिया जा रहा है। हफ्ते में एक दिन मंगलवार को सेहत की बेहतरी के लिए कोई आहार नहीं दिया जाता है। वहीं लघु चिड़ियाघर में इन शावकों से पहले धीरा, वीरू व सुधा मौजूद हैं। इन शावकों के आ जाने से यहां की रौनक और बढ़ गई है।
वर्जन
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए यह प्रयास किए जा रहे हैं। एक शावक का वजन करीब 100 किलो है। ज्यादातर लोग लघु चिड़ियाघर बाघ, शेर व भालू आदि को देखने के लिए ही आते हैं। ऐसे में पर्यटन को बढ़ाने के लिए ऐसे प्रयास जारी रहेंगे।
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-दवेंद्र हुड्डा, इंस्पेक्टर, लघु चिड़ियाघर, तिलियार
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पिपली लघु चिड़ियाघर से बीते माह इन शावकों को यहां लाया गया था। उसी समय से क्वारंटाइन कर उनकी सेहत पर निगरानी रखी जा रही थी। अब डेढ़ वर्षीय शावकों को पूरी तरह से अनुकूल हो जाने पर पर्यटकों के लिए बाड़े में भेज दिया गया है। यह तीनों एक ही बाड़े में रखे गए हैं। बच्चे भी इन्हें देखकर खूब उत्साहित हो रहे हैं। पहले की तरह ही तीनों शावकों को हफ्ते में 3 दिन मटन और 3 दिन चिकन दिया जा रहा है। हफ्ते में एक दिन मंगलवार को सेहत की बेहतरी के लिए कोई आहार नहीं दिया जाता है। वहीं लघु चिड़ियाघर में इन शावकों से पहले धीरा, वीरू व सुधा मौजूद हैं। इन शावकों के आ जाने से यहां की रौनक और बढ़ गई है।
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वर्जन
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए यह प्रयास किए जा रहे हैं। एक शावक का वजन करीब 100 किलो है। ज्यादातर लोग लघु चिड़ियाघर बाघ, शेर व भालू आदि को देखने के लिए ही आते हैं। ऐसे में पर्यटन को बढ़ाने के लिए ऐसे प्रयास जारी रहेंगे।
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-दवेंद्र हुड्डा, इंस्पेक्टर, लघु चिड़ियाघर, तिलियार