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बीसवां मील से बहादुरगढ़ हाईवे पर एक साल से 1 किमी सड़क पर तीन फुट तक भरा पानी, लोगों ने बीच सड़क पर धरना दे रोपी धान की पौध
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बीसवां मील से बहादुरगढ़ हाईवे की बदतर स्थिति को लेकर धरना देते विभिन्न संगठनों के लोग।
- फोटो : Sonipat
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सोनीपत। बीसवां मील से बहादुरगढ़ को जोड़ने वाले स्टेट हाईवे पर भरे दूषित पानी से 73 हजार से अधिक लोगों व उद्योगपतियों का जीना दूभर हो गया है। अफसरों के नकारापन के कारण एक साल से करीब डेढ़ किलोमीटर क्षेत्र में तीन फुट तक भरे पानी के कारण 14 गांवों व 5 रेजीडेंसियल कालोनियों के लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। इतना ही नहीं राई औद्योगिक क्षेत्र के उद्योगपति भी 10 किलोमीटर का फेर लगाकर दूसरे मार्ग से गुजरने को मजबूर हैं। सुनवाई न होने पर बिफरे लोगों ने रविवार को न केवल हाईवे किनारे धरना दिया बल्कि रोष स्वरूप पानी में धान की पौध रोप व पौधे लगाकर रोष जताया। हालात ये हैं कि हाईवे को लेकर विधायक तक आंदोलन कर चुके हैं, उसके बावजूद सरकार व अफसरों की नींद नहीं खुल रही है। पीएम से लेकर सीएम तक मेल करने के बाद भी समस्या दूर नहीं हो रही है।
बहादुरगढ़ स्टेट हाईवे पर पानी की निकासी नहीं होने से हालात बदतर हो चुके हैं। जिससे लोगों को आवागमन में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। इस मार्ग से होकर अपने गंतव्य की तरफ जाने वाले दर्जनभर से अधिक गांवों के लोगों के साथ ही राई औद्योगिक क्षेत्र के उद्योगपतियों को भी सड़क पर भरे दूषित पानी की वजह से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खासकर बीसवां मील मार्केट के दुकानदार व बढ़मलिक के लोगों को इससे सबसे अधिक परेशानी है। लोग पानी निकासी की स्थायी व्यवस्था कराने की मांग कर थक चुके हैं। विधायक जयतीर्थ दहिया भी लोगों के साथ आंदोलन कर चुके हैं, लेकिन सरकार व प्रशासन की नींद नहीं टूट रही। वाहन भी दूषित पानी में फंस रहे हैं। ग्रामीण इस मार्ग पर भरे पानी के कारण आए दिन हादसे के शिकार हो रहे हैं।
पीएम, परिवहन मंत्री, सीएम को ई-मेल से 87 शिकायत, 50 से ज्यादा मंत्री व प्रशासन के पास
हाईवे के कारण परेशानी झेल रहे लोग लगातार शिकायत कर रहे हैं और वह अभी तक पीएम को 5 बार, सड़क परिवहन मंत्री को 38 व सीएम को 44 मेल करके शिकायत कर चुके हैं। उसके बावजूद अभी तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है। इसके अलावा 50 से ज्यादा बार मंत्री कविता जैन, मार्केटिंग बोर्ड की चेयरपर्सन कृष्णा गहलावत, सीएम के मीडिया सलाहकार राजीव जैन, डीसी, पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के पास शिकायत कर चुके हैं। इतनी शिकायत करने के बाद भी कोई सुनने को तैयार नहीं है।
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सड़क पर उतरे लोग, धरना देकर तीन फुट खड़े होकर प्रदर्शन
हाईवे पर पानी निकासी नहीं होने से गुस्साए लोग रविवार को सड़क पर उतर आए। उन्होंने पहले धरना दिया और बाद में सड़क पर प्रदर्शन किया। इतना ही नहीं उन्होंने सड़क पर भरे पानी में धान की पौध तक रोप डाली। इसके साथ ही पौधे भी लगा दिए। उनका आरोप था कि इस मार्ग की समस्या को लेकर जिला प्रशासन से लेकर केंद्र सरकार तक से अपील की जा चुकी है। फिर भी स्थिति में सुधार नहीं हो सका। धरना स्थल पर कांग्रेसी विधायक जयतीर्थ दहिया और कांग्रेसी नेता सुरेंद्र पंवार भी पहुंचे। उन्होंने भी लोगों की समस्या को दूर करने की मांग की। इस दौरान राष्ट्रवादी परिवर्तन मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष हेमंत नांदल, मानव अधिकार सरंक्षण संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयवीर गहलावत, मनोज कौशिक, रामफल मलिक, दिलबाग सिंह, नीलम जून, पूर्व सरपंच सुरेंद्र सिंह, प्रवीण, राजेंद्र आदि ने रोष जताया।
हाईवे निर्माण को लेकर पीडब्ल्यूडी व पंचायत विभाग में झगड़ा
हाईवे के निर्माण का कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है। पीडब्ल्यूडी व पंचायत विभाग के बीच यह मामला उलझ गया है। पीडब्ल्यूडी विभाग के अफसर पंचायती विभाग से पानी निकासी कराने की बात कह रहे हैं। जिसके बाद ही निर्माण की बात कही जा रही है। वहीं पंचायती विभाग इसके लिए पहले नाले का निर्माण करने की बात कह रहा है।
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बहादुरगढ़ स्टेट हाईवे पर पानी की निकासी नहीं होने से हालात बदतर हो चुके हैं। जिससे लोगों को आवागमन में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। इस मार्ग से होकर अपने गंतव्य की तरफ जाने वाले दर्जनभर से अधिक गांवों के लोगों के साथ ही राई औद्योगिक क्षेत्र के उद्योगपतियों को भी सड़क पर भरे दूषित पानी की वजह से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खासकर बीसवां मील मार्केट के दुकानदार व बढ़मलिक के लोगों को इससे सबसे अधिक परेशानी है। लोग पानी निकासी की स्थायी व्यवस्था कराने की मांग कर थक चुके हैं। विधायक जयतीर्थ दहिया भी लोगों के साथ आंदोलन कर चुके हैं, लेकिन सरकार व प्रशासन की नींद नहीं टूट रही। वाहन भी दूषित पानी में फंस रहे हैं। ग्रामीण इस मार्ग पर भरे पानी के कारण आए दिन हादसे के शिकार हो रहे हैं।
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पीएम, परिवहन मंत्री, सीएम को ई-मेल से 87 शिकायत, 50 से ज्यादा मंत्री व प्रशासन के पास
हाईवे के कारण परेशानी झेल रहे लोग लगातार शिकायत कर रहे हैं और वह अभी तक पीएम को 5 बार, सड़क परिवहन मंत्री को 38 व सीएम को 44 मेल करके शिकायत कर चुके हैं। उसके बावजूद अभी तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है। इसके अलावा 50 से ज्यादा बार मंत्री कविता जैन, मार्केटिंग बोर्ड की चेयरपर्सन कृष्णा गहलावत, सीएम के मीडिया सलाहकार राजीव जैन, डीसी, पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के पास शिकायत कर चुके हैं। इतनी शिकायत करने के बाद भी कोई सुनने को तैयार नहीं है।
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सड़क पर उतरे लोग, धरना देकर तीन फुट खड़े होकर प्रदर्शन
हाईवे पर पानी निकासी नहीं होने से गुस्साए लोग रविवार को सड़क पर उतर आए। उन्होंने पहले धरना दिया और बाद में सड़क पर प्रदर्शन किया। इतना ही नहीं उन्होंने सड़क पर भरे पानी में धान की पौध तक रोप डाली। इसके साथ ही पौधे भी लगा दिए। उनका आरोप था कि इस मार्ग की समस्या को लेकर जिला प्रशासन से लेकर केंद्र सरकार तक से अपील की जा चुकी है। फिर भी स्थिति में सुधार नहीं हो सका। धरना स्थल पर कांग्रेसी विधायक जयतीर्थ दहिया और कांग्रेसी नेता सुरेंद्र पंवार भी पहुंचे। उन्होंने भी लोगों की समस्या को दूर करने की मांग की। इस दौरान राष्ट्रवादी परिवर्तन मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष हेमंत नांदल, मानव अधिकार सरंक्षण संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयवीर गहलावत, मनोज कौशिक, रामफल मलिक, दिलबाग सिंह, नीलम जून, पूर्व सरपंच सुरेंद्र सिंह, प्रवीण, राजेंद्र आदि ने रोष जताया।
हाईवे निर्माण को लेकर पीडब्ल्यूडी व पंचायत विभाग में झगड़ा
हाईवे के निर्माण का कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है। पीडब्ल्यूडी व पंचायत विभाग के बीच यह मामला उलझ गया है। पीडब्ल्यूडी विभाग के अफसर पंचायती विभाग से पानी निकासी कराने की बात कह रहे हैं। जिसके बाद ही निर्माण की बात कही जा रही है। वहीं पंचायती विभाग इसके लिए पहले नाले का निर्माण करने की बात कह रहा है।

बीसवां मील से बहादुरगढ़ हाईवे पर भरे पानी में धान की पौध व पौधे लगाते प्रदर्शनकारी।- फोटो : Sonipat