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प्रॉपर्टी टैक्स की फांस : 350 फाइल निपटी नहीं, 120 नई आ गई
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रोहतक। प्रॉपर्टी टैक्स रिकॉर्ड की त्रुटियां ठीक करने में नगर निगम कर्मियों को पसीना आ रहा है। सोमवार को टैक्स ब्रांच में एकत्रित 350 फाइलों का निपटारा किया जाना था, लेकिन निगम की टैक्स ब्रांच 220 के करीब फाइल ही निपटा सकी। ऊपर से 120 नई फाइल ऑनलाइन आ गई। अब मंगलवार को टैक्स ब्रांच आम लोगों के लिए बंद तो नहीं रहेगी, लेकिन ब्रांच के कर्मचारियों का मुख्य फोकस पुरानी फाइलों का निपटारा रहेगा। फिलहाल 200 के करीब फाइल पेडिंग पड़ी है।
प्रदेश सरकार ने साल 2019-20 में प्रदेश स्तर पर निजी कंपनी से प्रॉपर्टी टैक्स को लेकर सर्वे कराया था। अप्रैल 2022 में सर्वे पूरा होना था, जो अगस्त माह में पूरा हो सका। नये सर्वे में शहर की प्रॉपर्टी टैक्स आईडी 1 लाख 72 हजार से बढ़कर 2 लाख 4 हजार हो गई हैं, लेकिन में उसे ढेर सारी त्रुटियां है। इसके चलते नगर निगम हाउस फरवरी व अब नवंबर माह में प्रस्ताव पास करके सर्वे को अस्वीकार कर चुका है, लेकिन नगर निगम एक्ट के तहत मुख्यालय प्रस्ताव को मानने के लिए बाध्य नहीं है। यहां तक निगम आयुक्त तक सर्वे को ग्रीन सिग्नल दे चुके हैं। ऐसे में नई आईडी को पुरानी आईडी से लिंक किया जा रहा है।
टैक्स ब्रांच रही खाली, फिर भी निगम कार्यालय आए आम लोग
उधर, टैक्स ब्रांच के अधिकारी व कर्मचारी सोमवार को ब्रांच की जगह नगर सुधार मंडल स्थित जीओ लैब में नजर आए। क्योंकि अधूरी पड़ी प्रॉपर्टी टैक्स के रिकार्ड में अपडेट की फाइल निपटानी थी। पूरे दिन में 200 से ज्यादा फाइल निपटाई गई। सूचना जारी होने के बावजूद कुछ लोग निगम की टैक्स ब्रांच में पहुंचे। कर्मचारी न मिलने पर इधर-उधर भटकते नजर आए।
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वर्जन-
नगर निगम हाउस दो बार सर्वे को खारिज कर चुका है। इसके बावजूद इसी सर्वे को ठीक किया जा रहा है। यह समझ से बाहर है। आम लोगों की परेशानी दूर करने के लिए सरकार जनहित में कदम उठाए।
- अनिल कुमार, डिप्टी मेयर नगर निगम
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प्रदेश सरकार ने साल 2019-20 में प्रदेश स्तर पर निजी कंपनी से प्रॉपर्टी टैक्स को लेकर सर्वे कराया था। अप्रैल 2022 में सर्वे पूरा होना था, जो अगस्त माह में पूरा हो सका। नये सर्वे में शहर की प्रॉपर्टी टैक्स आईडी 1 लाख 72 हजार से बढ़कर 2 लाख 4 हजार हो गई हैं, लेकिन में उसे ढेर सारी त्रुटियां है। इसके चलते नगर निगम हाउस फरवरी व अब नवंबर माह में प्रस्ताव पास करके सर्वे को अस्वीकार कर चुका है, लेकिन नगर निगम एक्ट के तहत मुख्यालय प्रस्ताव को मानने के लिए बाध्य नहीं है। यहां तक निगम आयुक्त तक सर्वे को ग्रीन सिग्नल दे चुके हैं। ऐसे में नई आईडी को पुरानी आईडी से लिंक किया जा रहा है।
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टैक्स ब्रांच रही खाली, फिर भी निगम कार्यालय आए आम लोग
उधर, टैक्स ब्रांच के अधिकारी व कर्मचारी सोमवार को ब्रांच की जगह नगर सुधार मंडल स्थित जीओ लैब में नजर आए। क्योंकि अधूरी पड़ी प्रॉपर्टी टैक्स के रिकार्ड में अपडेट की फाइल निपटानी थी। पूरे दिन में 200 से ज्यादा फाइल निपटाई गई। सूचना जारी होने के बावजूद कुछ लोग निगम की टैक्स ब्रांच में पहुंचे। कर्मचारी न मिलने पर इधर-उधर भटकते नजर आए।
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वर्जन-
नगर निगम हाउस दो बार सर्वे को खारिज कर चुका है। इसके बावजूद इसी सर्वे को ठीक किया जा रहा है। यह समझ से बाहर है। आम लोगों की परेशानी दूर करने के लिए सरकार जनहित में कदम उठाए।
- अनिल कुमार, डिप्टी मेयर नगर निगम