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Rohtak News: प्रो. अमरीश को को ब्रिटेन में मिला इंटरनेशनल ट्रैवल फेलोशिप और विजिटिंग प्रोफेसर सम्मान
Wed, 10 Jun 2026 01:49 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Wed, 10 Jun 2026 01:49 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के ओरल व मैक्सिलोफेशियल सर्जरी विभाग के प्रोफेसर डॉ. अमरीश भगोल को ब्रिटेन में इंटरनेशनल ट्रैवल फेलोशिप व विजिटिंग प्रोफेसर का सम्मान मिला है। इस उपलब्धि पर कुलपति प्रो. डॉ. एचके अग्रवाल ने कहा कि यह सफलता पूरे विश्वविद्यालय के लिए गौरव का क्षण है।
डॉ. अमरीश भगोल ने कहा कि उन्हें एओएमएसआई व आईएओएमएस की तरफ से संयुक्त रूप से दी जाने वाली इंटरनेशनल ट्रैवल फेलोशिप के लिए चुना गया। यह फेलोशिप देश के ओरल सर्जनों के लिए सबसे प्रतिष्ठित अवसरों में से एक है। इस वर्ष पूरे भारत से 62 सर्जनों ने आवेदन किया। दो चरणों की कठोर राष्ट्रीय चयन प्रक्रिया के बाद डॉ. भगोल का चयन हुआ। उन्होंने फेलोशिप सफलतापूर्वक पूर्ण की।
फेलोशिप के तहत डॉ. भगोल ने यूनाइटेड किंगडम के ग्लासगो स्थित क्वीन एलिजाबेथ यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल में प्रशिक्षण लिया। यह अस्पताल ब्रिटेन के सबसे बड़े एनएचएस संस्थानों में से एक है। यहां उन्होंने मैक्सिलोफेशियल ट्रॉमा, सिर और गर्दन के कैंसर, क्लेफ्ट एवं क्रेनियोफेशियल विकृतियों व पुनर्निर्माण शल्य चिकित्सा की आधुनिक तकनीकों का गहन अध्ययन किया।
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उनके नाम 100 से अधिक राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय शोध पत्र प्रकाशित हैं। उन्होंने कई पाठ्यपुस्तकों में अध्याय लिखे हैं। उनके तीन पेटेंट भी पंजीकृत हैं। डॉ. अमरीश भगोल ने कहा कि वे अपने विश्वविद्यालय के आभारी हैं। फेलोशिप से मिला ज्ञान वे युवा सर्जनों तक पहुंचाएंगे।
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रोहतक। स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के ओरल व मैक्सिलोफेशियल सर्जरी विभाग के प्रोफेसर डॉ. अमरीश भगोल को ब्रिटेन में इंटरनेशनल ट्रैवल फेलोशिप व विजिटिंग प्रोफेसर का सम्मान मिला है। इस उपलब्धि पर कुलपति प्रो. डॉ. एचके अग्रवाल ने कहा कि यह सफलता पूरे विश्वविद्यालय के लिए गौरव का क्षण है।
डॉ. अमरीश भगोल ने कहा कि उन्हें एओएमएसआई व आईएओएमएस की तरफ से संयुक्त रूप से दी जाने वाली इंटरनेशनल ट्रैवल फेलोशिप के लिए चुना गया। यह फेलोशिप देश के ओरल सर्जनों के लिए सबसे प्रतिष्ठित अवसरों में से एक है। इस वर्ष पूरे भारत से 62 सर्जनों ने आवेदन किया। दो चरणों की कठोर राष्ट्रीय चयन प्रक्रिया के बाद डॉ. भगोल का चयन हुआ। उन्होंने फेलोशिप सफलतापूर्वक पूर्ण की।
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फेलोशिप के तहत डॉ. भगोल ने यूनाइटेड किंगडम के ग्लासगो स्थित क्वीन एलिजाबेथ यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल में प्रशिक्षण लिया। यह अस्पताल ब्रिटेन के सबसे बड़े एनएचएस संस्थानों में से एक है। यहां उन्होंने मैक्सिलोफेशियल ट्रॉमा, सिर और गर्दन के कैंसर, क्लेफ्ट एवं क्रेनियोफेशियल विकृतियों व पुनर्निर्माण शल्य चिकित्सा की आधुनिक तकनीकों का गहन अध्ययन किया।
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उनके नाम 100 से अधिक राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय शोध पत्र प्रकाशित हैं। उन्होंने कई पाठ्यपुस्तकों में अध्याय लिखे हैं। उनके तीन पेटेंट भी पंजीकृत हैं। डॉ. अमरीश भगोल ने कहा कि वे अपने विश्वविद्यालय के आभारी हैं। फेलोशिप से मिला ज्ञान वे युवा सर्जनों तक पहुंचाएंगे।