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विद्यार्थियों को नवीनतम ज्ञान के साथ करना होगा कदमताल : कुलपति
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11सीटीके30...एमडीयू में आयोजित कार्यशाला का उदघाटन करते कुलपति प्रो. राजबीर सिंह। स्रोत: एमडीयू
एमडीयू के माइक्रोबायोलॉजी विभाग के तत्वावधान में लेबोरेट्री प्रोटोकॉल्स फॉर आइसोलेशन ऑफ कमर्शियली इंपॉर्टेंट बायोएक्टिव सबस्टेशंस फ्रॉम माइक्रोऑर्गेनिज्म विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला का शनिवार को प्रारंभ हुआ। डॉ. राधा कृष्णन फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित इस कार्यशाला का उद्घाटन कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने किया।
कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने माइक्रोबायोलॉजी को मानव कल्याणकारी विज्ञान बताया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों व शोधार्थियों को नवीनतम ज्ञान और प्रौद्योगिकी के साथ कदमताल करना होगा। इस वैज्ञानिक कार्यशाला के आयोजन के लिए उन्होंने माइक्रोबायोलॉजी विभाग को बधाई दी। कुलपति ने डॉ. केके शर्मा की ओर से सृजित उपकरण आर्टिफिशियल ट्यूब गट रिएक्टर की कार्यप्रणाली देखी। एमडीयू उत्तर भारत का पहला विश्वविद्यालय है, जहां माइक्रोबियल इकोलॉजी व गट माइक्रोबायोलॉजी की आधुनिक प्रयोगशाला स्थापित की गई है।
माइक्रोबायोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डाॅ. केके शर्मा ने बताया कि दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रो. योगेंद्र पॉल खासा ने विषय से संबंधित एडवांस टेक्निक्स की जानकारी को दी। इसके बाद प्रो. खासा ने बायोएक्टिव पदार्थों के आइसोलेशन और प्यूरिफिकेशन संबंधित हैंड्स ऑन ट्रेनिंग प्रदान की। इस मौके पर प्रो. राजेश धनखड़, कुलसचिव प्रो. गुलशन लाल तनेजा आदि मौजूद रहे।
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कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने माइक्रोबायोलॉजी को मानव कल्याणकारी विज्ञान बताया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों व शोधार्थियों को नवीनतम ज्ञान और प्रौद्योगिकी के साथ कदमताल करना होगा। इस वैज्ञानिक कार्यशाला के आयोजन के लिए उन्होंने माइक्रोबायोलॉजी विभाग को बधाई दी। कुलपति ने डॉ. केके शर्मा की ओर से सृजित उपकरण आर्टिफिशियल ट्यूब गट रिएक्टर की कार्यप्रणाली देखी। एमडीयू उत्तर भारत का पहला विश्वविद्यालय है, जहां माइक्रोबियल इकोलॉजी व गट माइक्रोबायोलॉजी की आधुनिक प्रयोगशाला स्थापित की गई है।
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माइक्रोबायोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डाॅ. केके शर्मा ने बताया कि दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रो. योगेंद्र पॉल खासा ने विषय से संबंधित एडवांस टेक्निक्स की जानकारी को दी। इसके बाद प्रो. खासा ने बायोएक्टिव पदार्थों के आइसोलेशन और प्यूरिफिकेशन संबंधित हैंड्स ऑन ट्रेनिंग प्रदान की। इस मौके पर प्रो. राजेश धनखड़, कुलसचिव प्रो. गुलशन लाल तनेजा आदि मौजूद रहे।
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