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महंगी किताबों और वर्दी खरीदने का दबाव न बनाएं निजी स्कूल : शिक्षा मंत्री

Sat, 12 Apr 2025 01:33 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 12 Apr 2025 01:33 AM IST
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Private schools should not force students to buy expensive books and uniforms: Education Minister
11सीटीके03 पत्रकारों से बातीचत करते ​शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा। संवाद
रोहतक। निजी स्कूल अभिभावकों को महंगी किताब और वर्दी खरीदने को मजबूर कर रहे हैं। स्कूलों में दाखिला प्रक्रिया जोरों पर है। अभिभावकों से निजी स्कूल प्रबंधक मनचाहे शुल्क वसूल जा रहे हैं, जिससे अभिभावक वर्ग परेशान है। ऐसे में हरियाणा स्कूली शिक्षा विभाग ने अधिकारियों को सख्ती से नियमों की अनुपालना के निर्देश दिए हैं।
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शुक्रवार को राजकीय स्नातकोतर महाविद्यालय में आयोजित दीक्षांत समारोह में शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने अतिथि के तौर पर शिरकत की। पत्रकारों से बातचीत करते हुए शिक्षा मंत्री निजी स्कलों में महंगी किताब बेचने, अतिरिक्त शुल्क लेने और वर्दी आदि के मामले में सख्ती से पेश आए। उन्होंने कहा कि सभी जिला शिक्षा अधिकारियों और मौलिक शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी कर दिया गया है। कोई भी निजी स्कूल संचालक अपनी मनमर्जी नहीं करेगा। कोई भी अपने स्कूल से किताब खरीदने के लिए मजबूर नहीं करेगा। स्कूल वालों को पढ़ाना है और बच्चों को पढ़ना है।
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कोई भी प्रकाशक हो, लेकिन अभिभावकों पर कोई दबाव न डाला जाए। किताबों का उचित मूल्य ही रखा जाए। उन्होंने बताया कि वर्दी के मामले भी मेरे पास आए हैं। वर्दी बाहर 300 में मिल रही और स्कूल 1200 तक की बेच रहे हैं। स्कूलों को कहा गया है कि अभिभावक वर्दी कहीं से भी सिलवाएं। स्कूल की मान्य वर्दी ही बच्चा पहनकर आएगा। लेकिन, उन पर कोई दबाव न डालें। अगर किसी भी स्कूल की शिकायत मिली तो सख्ती से कार्रवाई की जाएगी।
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पांच शैक्षणिक वर्षों से पहले वर्दी नहीं बदलेगा स्कूल
स्कूली शिक्षा विभाग की ओर से शुक्रवार को जारी किए गए पत्र में कहा गया है कि किसी भी विद्यार्थी को पुस्तकें, कार्य पुस्तिकाएं, स्टेशनरी, जूते, वर्दी आदि केवल मान्यता प्राप्त स्कूल की ओर से अनुशंसित दुकान से खरीदने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा। साथ ही, कोई भी मान्यता प्राप्त स्कूल हरियाणा स्कूल शिक्षा नियम-2003 के अनुसार लगातार पांच शैक्षणिक वर्षों से पहले अपनी वर्दी नहीं बदलेगा।

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वर्जन :
सभी ब्लाॅक के अनुसार टीम बनाई गई हैं। निजी स्कूलों में जांच की गई है। हमारे संज्ञान में किसी स्कूल में महंगी किताबें व ड्रेस बेचे जाने के कोई मामला सामने नहीं आया है।
-मनजीत मलिक, जिला शिक्षा अधिकारी।
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