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निजी अस्पतालों ने रुपये लौटाकर किया समझौता तो बयान से मुकरे शिकायतकर्ता

Tue, 20 Jul 2021 12:57 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 20 Jul 2021 12:57 AM IST
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Private hospitals made a settlement by returning the money, then the complainant retracted from the statement
कोरोना काल में निजी अस्पताल संचालकों ने इलाज के नाम पर खूब रुपये वसूले। संचालकों ने कहीं बेड तो कहीं दवा और ऑक्सीजन व्यवस्था के लिए परिजनों से खूब लूटखसोट की। इस दौरान मरीज के परिजनों से एक से चार लाख रुपये तक की वसूली की गई। कई मरीजों के तो 10 लाख रुपये से ऊपर के बिल बनाए गए। इसकी शिकायत प्रशासन से की गई थी। निजी अस्पतालों की शिकायत करने वाले 14 में से 13 शिकायतकर्ता गठित कमेटी के सामने पेशी से पहले ही बयान से मुकर गए हैं। संचालक उन्हें दो से चार लाख रुपये की रियायत देकर शांत करा दिया है। ऐसे में मरीजों को ठगने वाले अस्पताल संचालक भी साफ बच गए हैं।
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अस्पतालों में ठगी का शिकार हुए मरीजों को राहत पहुुंचाने के लिए एडीसी महेंद्रपाल की देखरेख में कमेटी बनाई गई है। इसमें सिविल अस्पताल के एसएमओ, प्लानिंग आफिसर व आईएमए प्रतिनिधि शामिल हैं। कमेटी के पास पिछले दिनों रुपये वसूली की 14 शिकायतें आईं थीं। कमेटी पड़ताल या सुनवाई शुरू होने से पहले ही इनमें से 13 शिकायतें वापस ले ली गई। निजी अस्पताल संचालकों ने कमेटी के समक्ष पेशी से पहले ही शिकायतकर्ता से मिलकर समझौता कर लिया। उन्हें अधिक वसूली गई रकम के रूप में एक से चार लाख रुपये तक देकर लिखित रूप में संतुष्ट होने का आश्वासन ले लिया। नतीजतन कमेटी के सामने शिकायत खारिज करने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है। ऐसे में अब अस्पताल संचालक सुरक्षित हैं। इस ठगी में शहर के सात निजी अस्पतालों का नाम सामने आया है।
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6 नई शिकायतें आई कमेटी के पास
कमेटी के पास सात और शिकायतें आई हैं। इनमें भी निजी अस्पतालों पर इलाज के नाम पर अधिक रुपये वसूलने का आरोप लगाया गया है। अब कमेटी के पास सात शिकायतें हैं। इनके समाधान की प्रक्रिया जारी है।
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वसूले गए रुपये को देकर किया निपटारा
जनता कॉलोनी निवासी दो भाई संक्रमित हो गए थे। इलाज के लिए डॉक्टर ने इन्हें सिटी स्कैन कराने को कहा। इस पर वे एक निजी अस्पताल से सिटी स्कैन कराकर आए। यहां उनसे दो गुना अधिक शुल्क वसूला गया। यह अतिरिक्त वसूला गया शुल्क कमेटी में शिकायत के बाद पीड़ितों को लौटा कर संचालक ने मामले का निपटारा कर दिया।
कमेटी में शिकायत के बाद किया समझौता
दिल्ली के एक मेजर की बहन शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती थी। यहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। परिजनों को शव लेने के लिए अस्पताल के बिल में दर्शाए लाखों रुपये का भुगतान करना पड़ा। मेजर की कमेटी में शिकायत के बाद अस्पताल संचालक ने दो गुने वसूले गए रुपये में से शिकायतकर्ता को वापस कर मामले में समझौता कर लिया।
भारी भरकम बिल वसूला गया था, अब लौटाया
जिला प्रशासन के एक विभाग का कर्मचारी पिछले दिनों कोरोना की दूसरी लहर में संक्रमित हो गया था। इलाज के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती था। यहां इलाज के नाम पर भारी भरकम बिल वसूला गया। कर्मचारी ने कमेटी में शिकायत कर न्याय की गुहार लगाई तो अस्पताल संचालक ने वसूली गई अतिरिक्त राशि को देकर मामले का निपटारा किया।

कमेटी के पास निजी अस्पतालों में अधिक रुपये वसूलने की शिकायतें आ रही हैं। इनमें से 13 का निपटारा हो गया है। कमेटी के पास सात नई शिकायतें आई हैं। इनके समाधान की प्रक्रिया जारी है। शिकायतकर्ताओं को रुपये वापस मिलने से दूसरे पीड़ित भी सामने आने लगे हैं।
-महेंद्रपाल, अतिरिक्त उपायुक्त।
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