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अनिश्चितता के बीच पंचायत चुनाव की तैयारी शुरू
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अनिश्चितता के बीच विकास व पंचायत विभाग ने पंचायत चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है। सरकार अभी चुनाव करवाने के मूड में नहीं है। लेकिन इस संबंध में दो याचिकाएं पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट में विचाराधीन हैं, सभी की नजरें उनकी सुनवाई पर लगी हैं।
ग्राम पंचायतों, ब्लॉक समितियों और जिला परिषद को कार्यकाल पूरा होने के बाद जनवरी 2021 में भंग किया जा चुका है। नियमानुसार अब तक चुनाव प्रक्रिया शुरू कर दी जानी थी। सरकार बेशक अभी चुनाव नहीं कराना चाहती, पर वह चाहती है कि अदालत का आदेश आने से पहले सारी प्रक्रियाएं पूरी कर ली जाएं। जिले में 142 ग्राम पंचायतें, पांच ब्लॉक समितियां और जिला परिषद के 14 वार्ड हैं। विकास व पंचायत विभाग के मुख्यालय ने रोहतक प्रशासन से मांगा था कि 1995 से अब तक कौन सी पंचायत का सरपंच पद कब आरक्षित रहा है। ऐसा ही ब्योरा ब्लॉक समिति प्रधान और जिला परिषद के वार्डों के बारे में भी मांगा गया था। सभी गांवों में अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या का रिकॉर्ड भी मांगा गया था। जिला विकास व पंचायत कार्यालय ने 1995 से अब तक आरक्षित पदों का विवरण भेज दिया है। 2021 की जनगणना अभी शुरू नहीं हुई है, इसलिए 2011 की जनगणना के आधार पर सभी गांवों में एससी, बीसी आबादी का ब्योरा भी भेज दिया गया है। राज्य सरकार ने इस बार महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया है। लेकिन मुख्यालय से अब तक स्पष्ट निर्देश नहीं आए हैं कि यह आरक्षण कैसे दिया जाएगा।
तीन नई पंचायतों में होगी वार्डबंदी
जिले में कुछ समय पहले ही तीन नई ग्राम पंचायतें बनाई गई हैं। इनमें महम ब्लॉक में मदीना गिंदराण और सहमाण पाना टोडर और रोहतक ब्लॉक की सांघी शामिल हैं। हरियाणा की सभी नई ग्राम पंचायतों का नोटिफिकेशन हाल ही में जारी हुआ है। मुख्यालय के आदेश के बाद तीनों नई पंचायतों में वार्डबंदी करवाई जाएगी, उस पर एतराजों के निपटारे के बाद फाइनल वार्डबंदी होगी। उसके बाद वोटर लिस्ट भी इसी प्रक्रिया से तैयार की जाएगी।
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अदालत पर टिकीं नजरें
राज्य में पंचायतों को लेकर हाईकोर्ट में दो याचिकाएं दायर हुई थीं। एक में पचास प्रतिशत महिला आरक्षण को चुनौती दी गई थी। जबकि, दूसरी याचिका में मांग की गई है कि या तो सरकार तुरंत पंचायत चुनाव करवाए, या फिर निवर्तमान सरपंचों को ही अधिकार दे दिए जाएं। हाईकोर्ट ने दोनों याचिकाओं को क्लब कर लिया है। इन पर बीस अप्रैल को सुनवाई होनी है।
चुनाव करवाने के मूड में नहीं सरकार
राज्य सरकार अभी चुनाव करवाने के मूड में नहीं दिख रही है। किसान आंदोलन के चलते सत्ताधारी भाजपा, जजपा गठबंधन का विरोध बढ़ता जा रहा है। सभी टोल प्लाजा पर धरने चल रहे हैं, गांवों में माहौल सत्ताधारी पक्ष के खिलाफ बना हुआ है। भाजपा, जजपा के विधायक, सांसद, मंत्री अपने गांवों में नहीं जा पा रहे हैं। सीएम और डिप्टी सीएम का हर जगह विरोध हो रहा है। इसलिए सरकार चाहती है कि फिलहाल कुछ समय निकल जाए, किसी तरह से किसान आंदोलन खत्म हो और वह अपने पक्ष में माहौल बनाए, फिर चुनाव करवाए जाएं।
मुख्यालय के निर्देश पर 1995 से अब तक आरक्षित पदों का ब्योरा भेज दिया गया है। 2011 की जनगणना के अनुसार एससी, बीसी आबादी का विवरण भी भेजा जा चुका है। मुख्यालय से निर्देश आते ही तीन नई ग्राम पंचायतों में वार्डबंदी का काम शुरू कर दिया जाएगा।
- नरेंद्र धनखड़, जिला विकास व पंचायत अधिकारी
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ग्राम पंचायतों, ब्लॉक समितियों और जिला परिषद को कार्यकाल पूरा होने के बाद जनवरी 2021 में भंग किया जा चुका है। नियमानुसार अब तक चुनाव प्रक्रिया शुरू कर दी जानी थी। सरकार बेशक अभी चुनाव नहीं कराना चाहती, पर वह चाहती है कि अदालत का आदेश आने से पहले सारी प्रक्रियाएं पूरी कर ली जाएं। जिले में 142 ग्राम पंचायतें, पांच ब्लॉक समितियां और जिला परिषद के 14 वार्ड हैं। विकास व पंचायत विभाग के मुख्यालय ने रोहतक प्रशासन से मांगा था कि 1995 से अब तक कौन सी पंचायत का सरपंच पद कब आरक्षित रहा है। ऐसा ही ब्योरा ब्लॉक समिति प्रधान और जिला परिषद के वार्डों के बारे में भी मांगा गया था। सभी गांवों में अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग की जनसंख्या का रिकॉर्ड भी मांगा गया था। जिला विकास व पंचायत कार्यालय ने 1995 से अब तक आरक्षित पदों का विवरण भेज दिया है। 2021 की जनगणना अभी शुरू नहीं हुई है, इसलिए 2011 की जनगणना के आधार पर सभी गांवों में एससी, बीसी आबादी का ब्योरा भी भेज दिया गया है। राज्य सरकार ने इस बार महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया है। लेकिन मुख्यालय से अब तक स्पष्ट निर्देश नहीं आए हैं कि यह आरक्षण कैसे दिया जाएगा।
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तीन नई पंचायतों में होगी वार्डबंदी
जिले में कुछ समय पहले ही तीन नई ग्राम पंचायतें बनाई गई हैं। इनमें महम ब्लॉक में मदीना गिंदराण और सहमाण पाना टोडर और रोहतक ब्लॉक की सांघी शामिल हैं। हरियाणा की सभी नई ग्राम पंचायतों का नोटिफिकेशन हाल ही में जारी हुआ है। मुख्यालय के आदेश के बाद तीनों नई पंचायतों में वार्डबंदी करवाई जाएगी, उस पर एतराजों के निपटारे के बाद फाइनल वार्डबंदी होगी। उसके बाद वोटर लिस्ट भी इसी प्रक्रिया से तैयार की जाएगी।
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अदालत पर टिकीं नजरें
राज्य में पंचायतों को लेकर हाईकोर्ट में दो याचिकाएं दायर हुई थीं। एक में पचास प्रतिशत महिला आरक्षण को चुनौती दी गई थी। जबकि, दूसरी याचिका में मांग की गई है कि या तो सरकार तुरंत पंचायत चुनाव करवाए, या फिर निवर्तमान सरपंचों को ही अधिकार दे दिए जाएं। हाईकोर्ट ने दोनों याचिकाओं को क्लब कर लिया है। इन पर बीस अप्रैल को सुनवाई होनी है।
चुनाव करवाने के मूड में नहीं सरकार
राज्य सरकार अभी चुनाव करवाने के मूड में नहीं दिख रही है। किसान आंदोलन के चलते सत्ताधारी भाजपा, जजपा गठबंधन का विरोध बढ़ता जा रहा है। सभी टोल प्लाजा पर धरने चल रहे हैं, गांवों में माहौल सत्ताधारी पक्ष के खिलाफ बना हुआ है। भाजपा, जजपा के विधायक, सांसद, मंत्री अपने गांवों में नहीं जा पा रहे हैं। सीएम और डिप्टी सीएम का हर जगह विरोध हो रहा है। इसलिए सरकार चाहती है कि फिलहाल कुछ समय निकल जाए, किसी तरह से किसान आंदोलन खत्म हो और वह अपने पक्ष में माहौल बनाए, फिर चुनाव करवाए जाएं।
मुख्यालय के निर्देश पर 1995 से अब तक आरक्षित पदों का ब्योरा भेज दिया गया है। 2011 की जनगणना के अनुसार एससी, बीसी आबादी का विवरण भी भेजा जा चुका है। मुख्यालय से निर्देश आते ही तीन नई ग्राम पंचायतों में वार्डबंदी का काम शुरू कर दिया जाएगा।
- नरेंद्र धनखड़, जिला विकास व पंचायत अधिकारी