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Rohtak News: छावनी गुरुद्वारे में विश्व शांति के लिए की अरदास
Sun, 14 Apr 2024 04:07 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Sun, 14 Apr 2024 04:07 AM IST
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झज्जर के छावनी में स्थित सिंह सभा गुरुद्वारा में बैसाखी के उपलक्ष कार्यक्रम में उपस्थित लो
झज्जर। सिंह सभा गुरुद्वारा छावनी में बैसाखी के पावन पर्व पर शब्द कीर्तन का आयोजन किया गया। बैसाखी के पवित्र पर्व पर गुरुद्वारे में सुबह से शब्द कीर्तन किए गए। निशान साहब की चोला चढ़ाने की रस्म अदा की गई।
सुखमनी साहिब के पाठ के उपरांत सर्व धर्म की सुख शांति के लिए अरदास की गई। अरदास के उपरांत सभी साध संगत में प्रसाद वितरण किया गया। इस अवसर पर गुरुद्वारे में आई सभी साथ संगत के लिए चाय, बिस्कुट का प्रसाद वितरित किया गया। सुबह से ही सभी साध संगत गुरुघर आकर गुरु ग्रंथ के सामने नतमस्तक हुए। गुरुद्वारे के ग्रंथी भाई नरेंद्र सिंह ने बैसाखी के पर्व पर अपने विचार रखते हुए साध संगत को बताया कि इस दिन दसवें गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह महाराज ने 13 अप्रैल 1690 खालसा पंथ की स्थापना की थी। इसी दिन उन्होंने पांच प्यारों की साजना की, जिन्हें आदेश दिया कि आपने हर धर्म के किसी भी गरीब असहाय पर जब भी कोई जुल्म हो रहा हो तो उसके खिलाफ आपको डटकर उसका मुकाबला करना है। इसमें गुरुजी ने एक सभा बुलाई थी।
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सुखमनी साहिब के पाठ के उपरांत सर्व धर्म की सुख शांति के लिए अरदास की गई। अरदास के उपरांत सभी साध संगत में प्रसाद वितरण किया गया। इस अवसर पर गुरुद्वारे में आई सभी साथ संगत के लिए चाय, बिस्कुट का प्रसाद वितरित किया गया। सुबह से ही सभी साध संगत गुरुघर आकर गुरु ग्रंथ के सामने नतमस्तक हुए। गुरुद्वारे के ग्रंथी भाई नरेंद्र सिंह ने बैसाखी के पर्व पर अपने विचार रखते हुए साध संगत को बताया कि इस दिन दसवें गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह महाराज ने 13 अप्रैल 1690 खालसा पंथ की स्थापना की थी। इसी दिन उन्होंने पांच प्यारों की साजना की, जिन्हें आदेश दिया कि आपने हर धर्म के किसी भी गरीब असहाय पर जब भी कोई जुल्म हो रहा हो तो उसके खिलाफ आपको डटकर उसका मुकाबला करना है। इसमें गुरुजी ने एक सभा बुलाई थी।
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