फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   Praveen calms down critics and taunts with 'Golden Punch'

प्रवीन ने ‘गोल्डन पंच’ से आलोचकों और ताने मारने वालों को किया शांत

Fri, 29 Oct 2021 01:33 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 29 Oct 2021 01:33 AM IST
विज्ञापन
Praveen calms down critics and taunts with 'Golden Punch'
गोल्ड मेडल विजेता प्रवीन। अमर उजाला
पड़ोसियों और रिश्तेदारों के ताने और आलोचना सुनने के बाद भी रुड़की की प्रवीन ने बॉक्सिंग (मुक्केबाजी) खेलना नहीं छोड़ा। वह संघर्ष के साथ ही आगे बढ़ती रहीं। उन्होंने बुधवार को हिसार में 5वीं ईलाइट बॉक्सिंग चैंपियनशिप में गोल्ड जीतकर तुर्की में आयोजित होने वाली वर्ल्ड चैंपियनशिप में जगह बना ली है। उन्होंने अपने गोल्डन पंच से आलोचकों और ताने मारने वालों को शांत कर दिया है। वीरवार को अमर उजाला ने बॉक्सर से बात की तो उन्होंने बताया कि युवा अपने लक्ष्य पर ध्यान दें। उन्हें लोगों की अनाप-शनाप बातों पर ध्यान नहीं देना चाहिए। सफलता मिलते ही सभी आलोचक अपने आप शांत हो जाएंगे। खिलाड़ी ने बताया कि उन्होंने पांचवीं क्लास में पढ़ाई के दौरान पहली बार स्कूल में बॉक्सिंग प्रतियोगिता में भाग ली थी। स्कूल में खेलते-खेलते बॉक्सिंग गेम से लगाव हो गया। इसके बाद कभी भी पीछे मुड़कर नहीं देखा।
विज्ञापन

पिता ने बॉक्सिंग खेलने से कर दिया था मना
प्रवीन ने बताया कि वह पहली बार जिला स्तर पर बॉक्सिंग खेलने के लिए गईं थीं। इस दौरान वह घर देर रात पहुंचीं थीं। इसकी वजह से पिता लखपत हुड्डा ने उन्हें बॉक्सिंग खेलने से मना कर दिया था। वह एक महीने तक परेशान रहीं। परिवार की हालत भी ऐसी नहीं थी कि उनके डाइट का खर्चा तक उठा सके। इस दौरान उन्होंने घर पर रहते हुए अभ्यास करनी नहीं छोड़ी। कोच सुधीर हुड्डा ने परिवार को समझाया और डाइट की जिम्मेदारी अपने ऊपर ली। इसके बाद उन्होंने हिसार में 5वीं ईलाइट बॉक्सिंग चैंपियनशिप में गोल्ड हासिल कर नाम कमाया। इस सफलता के बाद उन्होंने तुर्की में होने वाली वर्ल्ड चैंपियनशिप में भी जगह बना ली है। उन्होंने बताया कि कोच सुधीर हुड्डा के समझाने के बाद परिवार ने पहली बार 2012 में कोलकाता एशियन गेम्स में भाग लेने के लिए अनुमति दी। यहां स्वर्ण पदक हासिल किया था। गांव में पहुंचने पर लोगों ने जोरदार स्वागत किया था। इसके बाद से परिवार पूरी तरह से सहयोग करने लगा।
विज्ञापन

बॉक्सिंग से प्रतिबंध हटने के बाद मिली थी खुशी
खिलाड़ी ने बताया कि विश्व बॉक्सिंग फेडरेशन की ओर से चार साल तक खेल पर प्रतिबंध लगने के बाद भी अपना अभ्यास नहीं छोड़ा। जब रिश्तेदार घर आते थे तो उन्हें अभ्यास करते देख ताना देते थे। साथ ही कहते थे कि अब तो प्रतिबंध लगने के बाद तुम क्यों तैयारी कर रही हो। तुम्हारी मेहनत बेकार साबित होगी। इसके बाद भी उन्होंने अभ्यास करना नहीं छोड़ा। 2016 में बॉक्सिंग से प्रतिबंध हटने के बाद बहुत खुशी हुई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

तीन गोल्ड, चार सिल्वर एवं एक ब्रांज से चमक रहा दामन
यूथ नेशनल चैंपियनशिप में गोल्ड, अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में दो सिल्वर व एक ब्रांज मेडल, 2019 में दिल्ली में आयोजित हुए सीनियर कैंप में सिल्वर मेडल हासिल किया, 2019 साउथ एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल, कजाकिस्तान में इंटरनेशनल गेम्स में सिल्वर मेडल हासिल किया और हिसार में आयोजित हुई 5वीं ईलाइट वुमन नेशनल बाक्सिंग चैंपियनशिप में गोल्ड हासिल किए हैं।
पिता को हुई दिल की बीमारी, मां ने दूध बेचकर परिवार का किया पालन पोषण
प्रवीन ने बताया कि जब वह दो साल की थी तभी उनके पिता को दिल ही बीमारी हो गई थी। उनके पिता एक निजी कंपनी में सिक्योरिटी सुपरवाइजर थे। बीमारी के बाद पिता की नौकरी भी छूट गई, लेकिन मां नीलम ने दूध बेचकर हमारा परिवार का पालन पोषण किया। अभी तक जितने भी गोल्ड हासिल किए हैं, उनका सारा श्रेय मां और पिता को ही जाता है। अब वह पंजाब में लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी से बीएससी स्पोर्ट्स साइंस की पढ़ाई कर रही हैं।

पेरिस ओलंपिक में स्वर्ण पदक हासिल करना ही लक्ष्य
प्रवीन ने बताया कि वह कोच सुधीर हुड्डा के नेतृत्व में ही तुर्की में आयोजित वर्ल्ड चैंपियनशिप में भाग लेंगी। उनका लक्ष्य 2024 में पेरिस आयोजित होने वाले ओलंपिक में गोल्ड मेडल हासिल करना है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed