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Rohtak News: प्रदेश के 122 पुलिस स्टेशनों में आईआईएम छात्रा के इंटर्नशिप की संभावना
Sat, 11 May 2024 01:15 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Sat, 11 May 2024 01:15 PM IST
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10सीटीके32...भारतीय प्रबंध संस्थान रोहतक में डीजीपी शत्रुजीत कपूर का स्वागत करते निदेशक प्रो.धी
भारतीय प्रबंध संस्थान रोहतक में शुक्रवार को पुलिस महानिदेशक शत्रुजीत कपूर पहुंचे। उन्होंने आईपीएल (एकीकृत कानून कार्यक्रम) के छात्रों से जन-प्रबंध, डिजिटल प्रौद्योगिकी की भूमिका और सुरक्षा में समकालिक मुद्दों, विशेष रूप से साइबर सुरक्षा पर चर्चा की। साथ ही उन्होंने आईआईएम रोहतक के छात्रों के लिए भविष्य में हरियाणा के 122 पुलिस स्टेशनों में इंटर्नशिप की संभावना जताई। इससे वे इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में अनुभव हासिल कर सकेंगे।
भारतीय प्रबंध संस्थान के निदेशक प्रो. धीरज शर्मा ने छात्रों को सलाह दी कि वे डीजीपी के साथ जुड़कर अपने अनुभव को बेहतर बनाएं। डीजीपी ने कहा कि हमें नियमित कार्य सहायक कर्मचारियों को सौंपकर रणनीतिक योजना पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए। नई पहल पर काम करना चाहिए। हमें अपने लंबे समय के लक्ष्यों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। उन्होंने संवेदनशीलता, न्याय व साहस के महत्व को भी जोर दिया।
सुरक्षा मुद्दे पर उन्होंने कहा कि राज्य में साइबर अपराध बढ़ रहा है। रोजाना लगभग 250 लोग साइबर अपराधों के शिकार होते हैं। इनमें अनेक शिक्षित होते है, लेकिन वे रिपोर्ट करने में हिचकिचाते हैं। साइबर अपराध रोकने के उपायों पर उन्होंने कहा कि पीड़ितों को सहायता के लिए रिपोर्टिंग पोर्टल और हेल्पलाइन नंबर (1930) की स्थापना की गई है।
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उन्होंने पीड़ितों को तत्काल सहायता प्रदान करने के लिए बैंकों के साथ समर्पित कानूनी दलों के साथ सहकारी प्रयासों की महत्व को जोर दिया। चिकित्सा आपातकाल के संदर्भ में उन्होंने साइबर अपराध के सही समाधान के लिए समय पर रिपोर्टिंग के महत्व को उजागर किया। साइबर अपराध नियंत्रित करने के लिए सरकारी उपायों पर विचार करते हुए डीजीपी ने गुरुग्राम पुलिस की ओर से हाल ही में की गई साइबर योद्धा पदों की घोषणा से अवगत कराया। इसमें 11000 से अधिक आवेदन आए। साइबर अपराधों पर जानकारी देने के अलावा, उन्होंने कानून के छात्रों के लिए कानून प्रवर्तन एजेंसियों की काम करने की महत्वता पर भी जोर दिया।
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भारतीय प्रबंध संस्थान के निदेशक प्रो. धीरज शर्मा ने छात्रों को सलाह दी कि वे डीजीपी के साथ जुड़कर अपने अनुभव को बेहतर बनाएं। डीजीपी ने कहा कि हमें नियमित कार्य सहायक कर्मचारियों को सौंपकर रणनीतिक योजना पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए। नई पहल पर काम करना चाहिए। हमें अपने लंबे समय के लक्ष्यों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। उन्होंने संवेदनशीलता, न्याय व साहस के महत्व को भी जोर दिया।
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सुरक्षा मुद्दे पर उन्होंने कहा कि राज्य में साइबर अपराध बढ़ रहा है। रोजाना लगभग 250 लोग साइबर अपराधों के शिकार होते हैं। इनमें अनेक शिक्षित होते है, लेकिन वे रिपोर्ट करने में हिचकिचाते हैं। साइबर अपराध रोकने के उपायों पर उन्होंने कहा कि पीड़ितों को सहायता के लिए रिपोर्टिंग पोर्टल और हेल्पलाइन नंबर (1930) की स्थापना की गई है।
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उन्होंने पीड़ितों को तत्काल सहायता प्रदान करने के लिए बैंकों के साथ समर्पित कानूनी दलों के साथ सहकारी प्रयासों की महत्व को जोर दिया। चिकित्सा आपातकाल के संदर्भ में उन्होंने साइबर अपराध के सही समाधान के लिए समय पर रिपोर्टिंग के महत्व को उजागर किया। साइबर अपराध नियंत्रित करने के लिए सरकारी उपायों पर विचार करते हुए डीजीपी ने गुरुग्राम पुलिस की ओर से हाल ही में की गई साइबर योद्धा पदों की घोषणा से अवगत कराया। इसमें 11000 से अधिक आवेदन आए। साइबर अपराधों पर जानकारी देने के अलावा, उन्होंने कानून के छात्रों के लिए कानून प्रवर्तन एजेंसियों की काम करने की महत्वता पर भी जोर दिया।