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काटा जहरीले जानवर ने, इलाज बुखार का, मौत
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Thu, 08 Oct 2015 01:53 AM IST
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डेंगू और बुखार पीजीआई के डॉक्टरों के दिमाग पर छा गया है। इसी का नतीजा है कि जहरीले जानवर काटने की आशंका से भर्ती करवाई गई महिला का पीजीआई के डॉक्टर बुखार का इलाज करते रहे। आखिरकार महिला ने उपचार के दौरान पांचवें दिन आईसीयू में दम तोड़ दिया।
उचाना के खातड से आए रामनिवास ने बताया कि वे अपनी पत्नी राजपती को लेकर शनिवार सायं उपचार के लिए पीजीआई के आपात विभाग लाए थे। उसे बुखार था और संदेह था कि किसी जहरीले जानवर ने काटा है, लेकिन बुखार होने के चलते उसकी प्लेटलेट्स और डेंगू की जांच की गई। रिपोर्ट में कभी प्लेटलेट्स कम तो कभी बढ़ती रहीं। कुछ समय बाद उसे सांस लेने में समस्या हुई और उसे आईसीयू में दाखिल करना पड़ा।
मंगलवार सायं राजपती का रक्तचाप गिरने लगा, उसकी जांच रिपोर्ट के लिए डॉक्टरों ने कभी माइक्रोबायोलॉजी तो कभी पैथोलॉजी तो कभी विभाग में ही घुमाते रहे। रामनिवास ने आरोप लगाया कि वे अपने मरीज को गंभीर हालत में रेफर करवा कर आक्सीजन पर लाए थे, लेकिन मरीज को सायं साढे़ सात बजे से सुबह के साढे़ तीन बजे तक जांचा नहीं गया। इसके बाद उसकी तबीयत और बिगड़नी शुरू हो गई थी।
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बोले अधिकारी
राजपती की आईसीयू में उपचार के दौरान मृत्यु हुई है। इसमें किसी डॉक्टर की लापरवाही की न कोई शिकायत है और न ही ऐसा कुछ हुआ है। यदि किसी को समस्या है तो वह उनसे मिल सकता है।
- डॉ. संदीप कुमार, डीएमएस, आपातकालीन विभाग, पीजीआईएमएस।
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उचाना के खातड से आए रामनिवास ने बताया कि वे अपनी पत्नी राजपती को लेकर शनिवार सायं उपचार के लिए पीजीआई के आपात विभाग लाए थे। उसे बुखार था और संदेह था कि किसी जहरीले जानवर ने काटा है, लेकिन बुखार होने के चलते उसकी प्लेटलेट्स और डेंगू की जांच की गई। रिपोर्ट में कभी प्लेटलेट्स कम तो कभी बढ़ती रहीं। कुछ समय बाद उसे सांस लेने में समस्या हुई और उसे आईसीयू में दाखिल करना पड़ा।
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मंगलवार सायं राजपती का रक्तचाप गिरने लगा, उसकी जांच रिपोर्ट के लिए डॉक्टरों ने कभी माइक्रोबायोलॉजी तो कभी पैथोलॉजी तो कभी विभाग में ही घुमाते रहे। रामनिवास ने आरोप लगाया कि वे अपने मरीज को गंभीर हालत में रेफर करवा कर आक्सीजन पर लाए थे, लेकिन मरीज को सायं साढे़ सात बजे से सुबह के साढे़ तीन बजे तक जांचा नहीं गया। इसके बाद उसकी तबीयत और बिगड़नी शुरू हो गई थी।
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राजपती की आईसीयू में उपचार के दौरान मृत्यु हुई है। इसमें किसी डॉक्टर की लापरवाही की न कोई शिकायत है और न ही ऐसा कुछ हुआ है। यदि किसी को समस्या है तो वह उनसे मिल सकता है।
- डॉ. संदीप कुमार, डीएमएस, आपातकालीन विभाग, पीजीआईएमएस।