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Rohtak News: प्रदूषण ने बढ़ाया हार्ट अटैक व अधरंग का खतरा
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माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक। दिवाली के बाद से हवा की सेहत बिगड़ी हुई है। त्योहार पर हुई आतिशबाजी से प्रदूषण खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है। यह प्रदूषण सांस लेने में ही मुश्किल नहीं बना है बल्कि इससे हमारा पूरा शरीर प्रभावित हो रहा है। यह परिस्थिति हार्ट अटैक व अधरंग का खतरा बढ़ा देती है। यह कहना है पीजीआई के पल्मोनरी विभाग के अध्यक्ष डॉ. ध्रुव चौधरी का। वह वीरवार को मौसम में बदलाव पर बातचीत कर रहे थे।
विभागाध्यक्ष ने कहा कि मौसम बदल रहा है। हवा में नमी बढ़ने लगी है। ठंडे मौसम में धूल कण ज्यादा ऊपर न जाकर जमीन की स्तर के साथ ही हवा में तैरते रहते हैं। इसमें पीएम 10 व पीएम 2.5 के धूल कण शामिल हैं। पीएम 10 से ज्यादा घातक पीएम 2.5 हैं। ये ज्यादा महीन धूल कण होते हैं। ये कण सांस के साथ हमारे शरीर में पहुंचते हैं। शरीर से ये खून तक पहुंच रहे हैं। ये महीन धूल कण खून में घुलकर हार्ट अटैक व अधरंग का करण बन रहे हैं। स्थिति नियंत्रण में होने से खतरा कम है। यह स्थिति गंभीर व लंबे समय तक बनी रहने पर खतरा ज्यादा है।
एक्यूआई 299 दर्ज किया गया
दिवाली पर हुई आतिशबाजी से प्रदूषण खतरनाक स्तर तक बढ़ गया है। वीरवार को जिले का औसत एक्यूआई 299 रहा, यह चिंताजनक है। यह स्थिति सांस के रोगियों की परेशानी बढ़ाने वाली है। इसलिए चिकित्सक मरीजों को प्रदूषित हवा में बाहर निकलने से परहेज बरतने व समय पर दवा लेने की सलाह दे रहे हैं।
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रोहतक। दिवाली के बाद से हवा की सेहत बिगड़ी हुई है। त्योहार पर हुई आतिशबाजी से प्रदूषण खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है। यह प्रदूषण सांस लेने में ही मुश्किल नहीं बना है बल्कि इससे हमारा पूरा शरीर प्रभावित हो रहा है। यह परिस्थिति हार्ट अटैक व अधरंग का खतरा बढ़ा देती है। यह कहना है पीजीआई के पल्मोनरी विभाग के अध्यक्ष डॉ. ध्रुव चौधरी का। वह वीरवार को मौसम में बदलाव पर बातचीत कर रहे थे।
विभागाध्यक्ष ने कहा कि मौसम बदल रहा है। हवा में नमी बढ़ने लगी है। ठंडे मौसम में धूल कण ज्यादा ऊपर न जाकर जमीन की स्तर के साथ ही हवा में तैरते रहते हैं। इसमें पीएम 10 व पीएम 2.5 के धूल कण शामिल हैं। पीएम 10 से ज्यादा घातक पीएम 2.5 हैं। ये ज्यादा महीन धूल कण होते हैं। ये कण सांस के साथ हमारे शरीर में पहुंचते हैं। शरीर से ये खून तक पहुंच रहे हैं। ये महीन धूल कण खून में घुलकर हार्ट अटैक व अधरंग का करण बन रहे हैं। स्थिति नियंत्रण में होने से खतरा कम है। यह स्थिति गंभीर व लंबे समय तक बनी रहने पर खतरा ज्यादा है।
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एक्यूआई 299 दर्ज किया गया
दिवाली पर हुई आतिशबाजी से प्रदूषण खतरनाक स्तर तक बढ़ गया है। वीरवार को जिले का औसत एक्यूआई 299 रहा, यह चिंताजनक है। यह स्थिति सांस के रोगियों की परेशानी बढ़ाने वाली है। इसलिए चिकित्सक मरीजों को प्रदूषित हवा में बाहर निकलने से परहेज बरतने व समय पर दवा लेने की सलाह दे रहे हैं।
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