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Rohtak News: प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने लिए 6 एसटीपी प्लांट से पानी के नमूने
Sun, 15 Sep 2024 04:38 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Sun, 15 Sep 2024 04:38 AM IST
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फोटो : 04रेवाड़ी। धारूहेड़ा में स्थित साहबी बैराज। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) कोर्ट के आदेश पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने जिले के 6 एसटीपी प्लांटों से पानी के नमूने लिए हैं। 20 सितंबर को सभी 6 एसटीपी प्लांट की वर्तमान स्थिति की फाइनल रिपोर्ट एनजीटी कोर्ट में प्रस्तुत की जाएगी। 14 अगस्त को एनजीटी कोर्ट ने एसटीपी प्लांटों के पानी के नमूने लेकर जांच करने के आदेश दिए थे।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम 6 एसटीपी की वर्तमान स्थिति को जांचने के लिए इसी सप्ताह आई थी। पूरा प्रकरण साहबी बैराज में एसटीपी का दूषित पानी छोड़ने को लेकर है। साहबी बैराज में गत माह दूषित पानी छोड़ने से मछलियों के मरने का मामला आया था। इस मामले में गांव खरखड़ा निवासी प्रकाश यादव ने आवाज उठाई थी। 14 अगस्त को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की प्रधान पीठ ने हरियाणा राज्य और अन्य संबंधित पक्षों के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए कई स्थानों पर स्थित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स (एसटीपी) के संचालन की वर्तमान स्थिति की जांच के आदेश दिए थे। इसमें रेवाड़ी के 6 एसटीपी प्लांट शामिल हैं। सुनवाई के दौरान एनजीटी बेंच के न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल और डॉ. अफरोज अहमद ने पाया था कि एसटीपी के बारे में कोई ताजा जानकारी उपलब्ध नहीं है। इस मामले की सुनवाई 20 सितंबर को होनी है।
एसटीपी प्लांट निर्धारित मानकों का पालन कर रहे हैं या नहीं, इसके बारे में भी कोई जानकारी नहीं है। इस पर कोर्ट ने एसटीपी की वर्तमान स्थिति से अवगत कराने का आदेश दिया था ताकि पता चल सके कि आखिर एसटीपी प्लांट नियमों का पालन कर रहे हैं या नहीं। एनजीटी ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को एसटीपी की जांच करने और एक महीने के भीतर अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया था।
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इन एसटीपी प्लांटों पर गत वर्ष लगा था जुर्माना
एनजीटी ने गत वर्ष एसटीपी प्लांटों पर जुर्माना लगाया था। इनमें एनजीटी ने 6.5 एमएलडी कालूवास रोड स्थित एसटीपी पर 56.20 लाख रुपये, 16 एमएलडी नसियाजी रोड स्थित एसटीपी पर 64.60 लाख रुपये, खरखड़ा गांव (धारूहेड़ा) के एसटीपी पर 65.10 लाख रुपये, 3 एमएलडी खेड़ा मुरार रोड (बावल) के लिए एसटीपी पर 63.70 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था। यह जुर्माना एसटीपी के नमूने फेल होने पर लगाया गया था। मगर यह राशि प्लाटों ने नहीं दी थी। इसके बाद बोर्ड ने डीसी से राशि वसूलने का आग्रह किया था। अप्रैल 2023 में एनजीटी कोर्ट के आदेश पर एडीसी के नेतृत्व में 5 सदस्यीय कमेटी ने साहबी बैराज के आसपास के ट्यूबवेलों के पानी के सैंपल लिए थे। इस टीम ने महीनेभर पहले ही ज्वाइंट विजिट कर बैराज व सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के पानी की सैंपलिंग कराई थी। सभी एसटीपी के साथ ही साहबी बैराज के पानी की रिपोर्ट भी फेल मिली थी।
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क्षेत्र एसटीपी की क्षमता, विभाग
खरखड़ा 9.5 एमएलडी पीएचईडी
धारूहेड़ा 5 एमएलडी एचएसवीपी
नासियाजी रोड 16 एमएलडी पीएचईडी
नासियाजी रोड 8 एमएलडी पीएचईडी
कालूवास 6.5 एमएलडी पीएचईडी
बावल 3.5 एमएलडी पीएचईडी
वर्जन:
कुछ दिन पहले प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की एक टीम आई थी। मेरे हिसाब से टीम की यह रूटीन चेकिंग थी। कुछ नया नहीं था।-विनय चौहान, एक्सईएन, जन स्वास्थ्य विभाग रेवाड़ी।
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रेवाड़ी। एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) कोर्ट के आदेश पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने जिले के 6 एसटीपी प्लांटों से पानी के नमूने लिए हैं। 20 सितंबर को सभी 6 एसटीपी प्लांट की वर्तमान स्थिति की फाइनल रिपोर्ट एनजीटी कोर्ट में प्रस्तुत की जाएगी। 14 अगस्त को एनजीटी कोर्ट ने एसटीपी प्लांटों के पानी के नमूने लेकर जांच करने के आदेश दिए थे।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम 6 एसटीपी की वर्तमान स्थिति को जांचने के लिए इसी सप्ताह आई थी। पूरा प्रकरण साहबी बैराज में एसटीपी का दूषित पानी छोड़ने को लेकर है। साहबी बैराज में गत माह दूषित पानी छोड़ने से मछलियों के मरने का मामला आया था। इस मामले में गांव खरखड़ा निवासी प्रकाश यादव ने आवाज उठाई थी। 14 अगस्त को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की प्रधान पीठ ने हरियाणा राज्य और अन्य संबंधित पक्षों के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए कई स्थानों पर स्थित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स (एसटीपी) के संचालन की वर्तमान स्थिति की जांच के आदेश दिए थे। इसमें रेवाड़ी के 6 एसटीपी प्लांट शामिल हैं। सुनवाई के दौरान एनजीटी बेंच के न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल और डॉ. अफरोज अहमद ने पाया था कि एसटीपी के बारे में कोई ताजा जानकारी उपलब्ध नहीं है। इस मामले की सुनवाई 20 सितंबर को होनी है।
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एसटीपी प्लांट निर्धारित मानकों का पालन कर रहे हैं या नहीं, इसके बारे में भी कोई जानकारी नहीं है। इस पर कोर्ट ने एसटीपी की वर्तमान स्थिति से अवगत कराने का आदेश दिया था ताकि पता चल सके कि आखिर एसटीपी प्लांट नियमों का पालन कर रहे हैं या नहीं। एनजीटी ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को एसटीपी की जांच करने और एक महीने के भीतर अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया था।
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इन एसटीपी प्लांटों पर गत वर्ष लगा था जुर्माना
एनजीटी ने गत वर्ष एसटीपी प्लांटों पर जुर्माना लगाया था। इनमें एनजीटी ने 6.5 एमएलडी कालूवास रोड स्थित एसटीपी पर 56.20 लाख रुपये, 16 एमएलडी नसियाजी रोड स्थित एसटीपी पर 64.60 लाख रुपये, खरखड़ा गांव (धारूहेड़ा) के एसटीपी पर 65.10 लाख रुपये, 3 एमएलडी खेड़ा मुरार रोड (बावल) के लिए एसटीपी पर 63.70 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था। यह जुर्माना एसटीपी के नमूने फेल होने पर लगाया गया था। मगर यह राशि प्लाटों ने नहीं दी थी। इसके बाद बोर्ड ने डीसी से राशि वसूलने का आग्रह किया था। अप्रैल 2023 में एनजीटी कोर्ट के आदेश पर एडीसी के नेतृत्व में 5 सदस्यीय कमेटी ने साहबी बैराज के आसपास के ट्यूबवेलों के पानी के सैंपल लिए थे। इस टीम ने महीनेभर पहले ही ज्वाइंट विजिट कर बैराज व सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के पानी की सैंपलिंग कराई थी। सभी एसटीपी के साथ ही साहबी बैराज के पानी की रिपोर्ट भी फेल मिली थी।
क्षेत्र एसटीपी की क्षमता, विभाग
खरखड़ा 9.5 एमएलडी पीएचईडी
धारूहेड़ा 5 एमएलडी एचएसवीपी
नासियाजी रोड 16 एमएलडी पीएचईडी
नासियाजी रोड 8 एमएलडी पीएचईडी
कालूवास 6.5 एमएलडी पीएचईडी
बावल 3.5 एमएलडी पीएचईडी
वर्जन:
कुछ दिन पहले प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की एक टीम आई थी। मेरे हिसाब से टीम की यह रूटीन चेकिंग थी। कुछ नया नहीं था।-विनय चौहान, एक्सईएन, जन स्वास्थ्य विभाग रेवाड़ी।