फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   Police gave clean chit twice, mother gathered evidence and got the culprit of child molestation punished

Rohtak News: पुलिस ने दो बार क्लीन चिट दी, मां ने सबूत जुटा बच्ची से छेड़छाड़ के दोषी को सजा दिलाई

Sun, 18 Feb 2024 02:01 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 18 Feb 2024 02:01 AM IST
विज्ञापन
Police gave clean chit twice, mother gathered evidence and got the culprit of child molestation punished
रोहतक। पुलिस ने दो बार की जांच में 10 साल की बच्ची से छेड़छाड़ के केस में 60 साल के बुजुर्ग को क्लीन चिट दे दी। मां ने हार नहीं मानी, सबूत जुटाकर फिर पुलिस के आला अधिकारियों से गुहार लगाई, तब जाकर आरोपी के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल हो सका। अब एएसजे नरेश कुमार की अदालत ने पांच साल कैद की कठोर सजा सुनाई है, साथ ही अदालत ने फैसले में टिप्पणी की है कि ऐसे लोगों के साथ कठोरता नहीं बरती तो न्याय व्यवस्था पर सवाल उठेगा।
विज्ञापन

पुलिस रिकाॅर्ड के मुताबिक, एक महिला ने सितंबर 2022 में महिला थाने में शिकायत दी थी कि उसकी 10 साल की बेटी दुकान पर थी। तभी पड़ोस का एक 60 साल का दुकानदार आया और उसकी बेटी को अपनी दुकान पर ले गया। उसके साथ छेड़छाड़ की। किसी तरह उसकी बेटी छुड़वाकर उसके पास आई और आरोपी की हरकत के बारे में बताया। महिला थाने में आरोपी के खिलाफ छेड़छाड़, जान से मारने की धमकी व 10 पॉक्सो एक्ट का मामला दर्ज किया। जनवादी महिला समिति की नेत्री डॉक्टर जगमति सांगवान और आप नेता लवलीन टुटेजा ने भी पीड़ित पक्ष की आवाज उठाई थी, लेकिन पुलिस ने फिर आरोपी को क्लीन चिट दे दी थी।
विज्ञापन

समझौते के लिए पैसे देने की बात का पीड़ित परिवार ने बनाया था वीडियो
पीड़ित परिवार ने बताया कि मामले में समझौते के लिए पैसे देने की बात कही गई। उन्होंने इसका वीडियो तैयार किया। आरोपी की पत्नी उनके घर आई तो उसका वीडियो बनाया, साथ ही आरोपी किसी को कह रहा था कि उसने खुद अपना सिर फोड़ा है, ताकि पीड़ित पक्ष को फंसाया जा सके। इसका भी ऑडियो तैयार किया। सबूत एएसपी मेधा भूषण को सौंपे गए। उन्होंने आरोपी को बुलाकर पूछताछ की। इसके बाद अदालत में चार्जशीट दाखिल की गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

आरोपी ने जज से उदार रुख अपनाने की लगाई थी गुहार
जिला अदालत में करीब एक साल से केस की सुनवाई चल रही थी। एएसजे नरेश कुमार की अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया है, साथ ही कोर्ट में दया याचिका दायर कर दोषी ने कहा कि उसकी बूढ़ी मां व तीन बच्चे हैं। परिवार में कमाने वाला अकेला है। पूर्व में किसी तरह का दोष साबित नहीं हुआ है। ऐसे में उसके साथ सजा देते समय उदार रुख अपनाया जाए। पीड़ित पक्ष ने इसका विरोध किया। कहा, इस तरह के अपराध में ऐसी सजा हो, जिससे दूसरों को भी सबक मिले। अदालत ने दोषी करार दिए गए बुजुर्ग को आईपीसी की धारा 354ए व 506 के तहत 3-3 साल की कठोर सजा व एक-एक हजार रुपये जुर्माना, 10 पॉक्सो एक्ट के तहत पांच साल कठोर कैद की सजा व 2 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। सभी सजा एक साथ चलेंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed