{"_id":"58b32dc04f1c1bcd5683122a","slug":"plat-house-tax-development-tax-nagar-nigam-rohtak-economical-spend","type":"story","status":"publish","title_hn":"नगर निगम ने साढ़े 25 रुपये खर्च कर भेजा उद्योगपति को 1 रुपये का बिल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नगर निगम ने साढ़े 25 रुपये खर्च कर भेजा उद्योगपति को 1 रुपये का बिल
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Mon, 27 Feb 2017 01:43 AM IST
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उद्योगपति का वकील बेटा भी बिल जमा करवाने पर अड़ा, निगम में आकर कटवाई रसीद
- फोटो : amar ujala
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नगर निगम की टैक्स ब्रांच ने एक और कारनामा किया है। साढ़े 25 रुपये खर्च करके ब्रांच की ओर से 1 रुपये का बिल बनाकर उद्योगपति सुशील कुमार के नाम भेज दिया। बिल पाकर हैरान सुशील के बेटे एवं वरिष्ठ वकील दीपक भारद्वाज रविवार को निगम की ब्रांच में पहुंचे और 1 रुपया जमा करवाकर रसीद ली।
जिला बार के सीनियर वकील दीपक भारद्वाज ने बताया कि ओल्ड एचएसआईडीसी में औद्योगिक इकाई है, जिसका कामकाज उनके पिता सुशील शर्मा देखते हैं। निगम की ओर से साल 2016-17 का बिल 3750 रुपये बनाकर भेजा गया था, जिसे 31 जुलाई 2016 को जमा करवा दिया गया। अब दो सप्ताह पहले निगम की ओर से फिर प्रॉपर्टी टैक्स का बिल मिला। इसमें 1 रुपया बैलेंस बताया गया। वे रविवार को निगम की टैक्स ब्रांच में पहुंचे और बिल जमा करवाया।
छह माह बाद भी रिकार्ड अपडेट नहीं
दुर्गा कालोनी निवासी सुशील शर्मा के घर का बिल उनके पिता श्रीप्रकाश के नाम से आता है। निगम की ओर से 2016-17 का बिल सात माह पहले भेजा गया था, जिसे 30 अगस्त को निगम की ब्रांच में जमा करवा दिया गया। अब दोबारा ब्रांच के अंदर आकर पूछा तो रिकार्ड में जमा करवाई गई राशि दर्शाई नहीं गई। उपभोक्ता ने पुरानी रसीद की कापी दी, तब जाकर रिकार्ड की दोबारा से जांच पड़ताल हुई। इंट्री मिलने के बाद रिकार्ड अपडेट किया गया।
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प्लॉट का बनाकर भेज दिया बिल
नेहरू कॉलोनी निवासी अशोक कुमार ने बताया कि उसका कॉलोनी में खाली प्लॉट पड़ा है। इसके बावजूद निगम की ओर से 475 रुपये का बिल बनाकर भेज दिया। अब बिल ठीक करवाने के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं।
एटीपी ने ली क्लास, लापरवाही न बरतें कर्मचारी
रविवार को छुट्टी के दिन एटीपी केके वार्ष्णेय नगर निगम कार्यालय पहुंचे। पहले फाइल निकाली, इसके बाद टैक्स ब्रांच के अधिकारी व कर्मचारियों की मीटिंग ली। साफतौर पर हिदायत दी कि सरकार की 25 प्रतिशत छूट का आम उपभोक्ताओं व निगम को पूरा लाभ होना चाहिए। इसलिए गंभीरता से ड्यूटी करें।
तीन दिन में आए 22 लाख, ओल्ड आईडीसी में भी काउंटर
नगर निगम की टैक्स ब्रांच में पिछले तीन दिन के अंदर 22 लाख रुपये टैक्स जमा करवाया जा चुका है। अब दो दिन सोमवार व मंगलवार को ओल्ड आईडीसी में टैक्स काउंटर लगाया जाएगा, जहां उद्योगपति अपना 2010-11 से 2016-17 तक का बकाया टैक्स जमा करवा सकते हैं।
प्रॉपर्टी टैक्स जमा न करवाने वालों के नाम होंगे सार्वजनिक
रविवार को टैक्स ब्रांच के अधिकारियों की मीटिंग में उन लोगों की सूची तैयार करने की हिदायत दी गई, जो कई साल से टैक्स नहीं जमा करवा रहे। अगर 28 फरवरी तक टैक्स जमा नहीं हुआ तो निगम सूची सार्वजनिक कर देगा। साथ में प्रॉपर्टी भी सील हो सकती है। साथ ही शहर में बिना निगम की एनओसी 226 टावर चला रही मोबाइल कंपनियों को नोटिस दिए गए हैं। उनके खिलाफ भी 1 मार्च से सख्ती से कार्रवाई की जाएगी।
कृष्ण कुमार वार्ष्णेय, सहायक नगर योजनाकार नगर निगम
टैक्स की गड़बड़ी ठीक करने के लिए तीन कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। उपभोक्ता का एक रुपये बकाया होगा। कंप्यूटर ने बिल निकाल दिया। हालांकि एक रुपये का बिल नहीं भेजा जाता है।
राजेंद्र अनेजा, जेएडटीओ।
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जिला बार के सीनियर वकील दीपक भारद्वाज ने बताया कि ओल्ड एचएसआईडीसी में औद्योगिक इकाई है, जिसका कामकाज उनके पिता सुशील शर्मा देखते हैं। निगम की ओर से साल 2016-17 का बिल 3750 रुपये बनाकर भेजा गया था, जिसे 31 जुलाई 2016 को जमा करवा दिया गया। अब दो सप्ताह पहले निगम की ओर से फिर प्रॉपर्टी टैक्स का बिल मिला। इसमें 1 रुपया बैलेंस बताया गया। वे रविवार को निगम की टैक्स ब्रांच में पहुंचे और बिल जमा करवाया।
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छह माह बाद भी रिकार्ड अपडेट नहीं
दुर्गा कालोनी निवासी सुशील शर्मा के घर का बिल उनके पिता श्रीप्रकाश के नाम से आता है। निगम की ओर से 2016-17 का बिल सात माह पहले भेजा गया था, जिसे 30 अगस्त को निगम की ब्रांच में जमा करवा दिया गया। अब दोबारा ब्रांच के अंदर आकर पूछा तो रिकार्ड में जमा करवाई गई राशि दर्शाई नहीं गई। उपभोक्ता ने पुरानी रसीद की कापी दी, तब जाकर रिकार्ड की दोबारा से जांच पड़ताल हुई। इंट्री मिलने के बाद रिकार्ड अपडेट किया गया।
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प्लॉट का बनाकर भेज दिया बिल
नेहरू कॉलोनी निवासी अशोक कुमार ने बताया कि उसका कॉलोनी में खाली प्लॉट पड़ा है। इसके बावजूद निगम की ओर से 475 रुपये का बिल बनाकर भेज दिया। अब बिल ठीक करवाने के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं।
एटीपी ने ली क्लास, लापरवाही न बरतें कर्मचारी
रविवार को छुट्टी के दिन एटीपी केके वार्ष्णेय नगर निगम कार्यालय पहुंचे। पहले फाइल निकाली, इसके बाद टैक्स ब्रांच के अधिकारी व कर्मचारियों की मीटिंग ली। साफतौर पर हिदायत दी कि सरकार की 25 प्रतिशत छूट का आम उपभोक्ताओं व निगम को पूरा लाभ होना चाहिए। इसलिए गंभीरता से ड्यूटी करें।
तीन दिन में आए 22 लाख, ओल्ड आईडीसी में भी काउंटर
नगर निगम की टैक्स ब्रांच में पिछले तीन दिन के अंदर 22 लाख रुपये टैक्स जमा करवाया जा चुका है। अब दो दिन सोमवार व मंगलवार को ओल्ड आईडीसी में टैक्स काउंटर लगाया जाएगा, जहां उद्योगपति अपना 2010-11 से 2016-17 तक का बकाया टैक्स जमा करवा सकते हैं।
प्रॉपर्टी टैक्स जमा न करवाने वालों के नाम होंगे सार्वजनिक
रविवार को टैक्स ब्रांच के अधिकारियों की मीटिंग में उन लोगों की सूची तैयार करने की हिदायत दी गई, जो कई साल से टैक्स नहीं जमा करवा रहे। अगर 28 फरवरी तक टैक्स जमा नहीं हुआ तो निगम सूची सार्वजनिक कर देगा। साथ में प्रॉपर्टी भी सील हो सकती है। साथ ही शहर में बिना निगम की एनओसी 226 टावर चला रही मोबाइल कंपनियों को नोटिस दिए गए हैं। उनके खिलाफ भी 1 मार्च से सख्ती से कार्रवाई की जाएगी।
कृष्ण कुमार वार्ष्णेय, सहायक नगर योजनाकार नगर निगम
टैक्स की गड़बड़ी ठीक करने के लिए तीन कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। उपभोक्ता का एक रुपये बकाया होगा। कंप्यूटर ने बिल निकाल दिया। हालांकि एक रुपये का बिल नहीं भेजा जाता है।
राजेंद्र अनेजा, जेएडटीओ।