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जमीन के अभाव में लटकी जल घरों की स्टोरेज क्षमता बढ़ाने की योजना

Mon, 08 Nov 2021 12:15 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 08 Nov 2021 12:15 AM IST
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Plan to increase storage capacity of water bodies hanging due to lack of land
रोहतक। जनस्वास्थ्य विभाग के जलघरों की स्टोरेज क्षमता दोगुनी करने का मामला जमीन नहीं मिलने से लटक गया है। यानी 2022 की गर्मी में भी लोगों का पानी के संकट के लिए जूझना तय है। अधिकारियों का कहना है कि पहरावर, बोहर व झज्जर रोड पर जमीन तो मिली है, मगर कहीं विवाद था तो कहीं समुचित जमीन नहीं थी। इसलिए स्टोरेज क्षमता बढ़ाने का बड़ा काम है।
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शहर की आबादी करीब छह लाख है, इनको जन स्वास्थ्य विभाग मानसरोवर पार्क, झज्जर रोड, देव कॉलोनी व सोनीपत रोड जल घर से पेयजल आपूर्ति करता है। शहरवासियों को मानक के अनुसार 8.70 करोड़ लीटर पानी चाहिए, मगर स्टोरेज क्षमता नहीं होने के कारण नहीं होती। गर्मी में शहर के तमाम इलाकों में पेयजल रहता है। जब नहर से पानी की आपूर्ति गड़बड़ाती है तो पेयजल आपूर्ति में कटौती कर दी जाती है। इस समस्या का निदान करने के लिए जनस्वास्थ्य विभाग ने पानी की भंडारण क्षमता बढ़ाने का फैसला लिया। इसलिए शहर की प्यास जेएलएन व बीएसबी में आने वाली पानी से बुझती है। इसलिए स्टोरेज क्षमता बढ़ाने के लिए जमीन भी इन दोनों नहरों के पास चाहिए। इसके तहत जन स्वास्थ्य विभाग न बोहर, झज्जर रोड और पहरावर में जमीन तलाशी, मगर कहीं कानूनी विवाद तो कहीं जमीन पर्याप्त जमीन नहीं होने की वजह से मामला लटक गया है। ऐसे में शहरवासियों का आगामी गर्मी में भी पेयजल संकट से जूझना तय है।
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ये थी जल घरों की क्षमता बढ़ाने की प्लानिंग
1. मानसरोवर पार्क- 21,30,14,450 लीटर
2. सोनीपत रोड - 31,07,53,000 लीटर
3. देव कॉलोनी - 2,28,50,016 लीटर
4. झज्जर रोड - 36,22,24,450
कुल भंडारण क्षमता 90,88,41,916 लीटर
कोट
जेएलएन और बीएसबी नहरों के आसपास बोहर, झज्जर रोड और पहरावर में जमीन देखी थी, मगर कहीं कानूनी विवाद तो कहीं जमीन कम मिली। इसकी वजह से जलघरों की क्षमता बढ़ाने की योजना फिलहाल रुक गई है। जमीन तलाशने का सिलसिला जारी है। हां, अगली गर्मी में शहर में पेयजल के हालात जस के तस रहेंगे। तीनों जल घरों में पानी के भंडारण के लिए जलाशय बनेंगे, जो सीधे जल घरों से जुड़े होंगे।
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- राजीव गुप्ता, अधीक्षण अभियंता जन स्वास्थ्य विभाग
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