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नहरों में फेंके जा रहे अफ्रीकन स्वाइन फ्लू से मरने वाले सूअर, उसी पानी को पी रहे शहरवासी
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आईजी ऑफिस के पास दो दिन पहले जेएलएन नहर में मरी सूअर और आदमी का शव। फाइल फोटो
अफ्रीकन स्वाइन फ्लू के संक्रमण फैलने के बाद मृत सूअरों को नहर में फेंकने का मामला पिछले दस दिन से चल रहा है। जेएलएन और बीएसबी दोनों प्रदेश की बड़ी आबादी को पेयजल मुहैया करवाती हैं। दोनों नहरों में रोजाना बड़ी संख्या में मृत सूअर डाले जा रहे हैं, जिससे पानी दूषित हो रहा है। साथ ही मृत सूअरों से वायरस लोगों कोे घरों तक पहुंच रहा है। जन स्वास्थ्य विभाग पानी में मौजूद बैक्टीरिया को खत्म करने के लिए क्लोरीन तो डाल रहा है, लेकिन वायरस को समाप्त करने के लिए कोई प्रबंध अभी तक नहीं किया गया है।
चर्चा है कि नहरों में मृत सूअरों को डालने की सूचना पर हाल ही में एनजीटी की टीम ने दौरा कर हाल जाना है। परंतु इस बात की पुष्टि बीएसबी नहर व जेएलएन नहर के अधिकारी नहीं कर रहे हैं। संबंधित अधिकारियों के अनुसार दोनों नहरों पर सफाई के लिए बुलडोजर तैनात कर रखे हैं। टीमें क्षेत्र का निरीक्षण कर रही है। अगर कोई मृत पशुओं को नहर में फेंकता पाया जाया है तो उस पर कैनाल एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।
पेयजल में वायरस फैलने के सवाल पर नहरी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि उनका काम पानी की सप्लाई करना है। उपचार सहित लोगों तक पानी सप्लाई करना जनस्वास्थ्य विभाग का काम है। जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि स्वाइन फ्लू का मामला जानकारी में नहीं है। स्वास्थ्य विभाग इस मामले में जानकारी दे सकता है।
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कैनाल एक्ट के तहत होगी कार्रवाई
दिल्ली रोड पर बने साइफन में मृत पशुओं के फंसने की सूचना मिली है। इसके समाधान के लिए यहां बुलडोजर तैनात कर रखे हैं। पानी में गंदगी आती है तो उसे बुलडोजर की मदद से निकाला जाता है। कोई व्यक्ति नहर में मृत पशु फेंकता मिला तो कैनाल एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। -रामनिवास, एक्सईएन, बीएसबी
चार टीमें कर रहीं निगरानी
हमारे कार्य क्षेत्र में खुबडू से लेकर साल्हावास का क्षेत्र है। नहर में मृत पशुओं को फेंकने वालों की विभाग की चार टीमें निगरानी कर रही हैं। क्षेत्र बड़ा और कर्मचारी कम होने से सभी पुलों पर कर्मचारी नियुक्त नहीं कर सकते। -अरुण मुंजाल, एक्सईएन, जेएलएन।
अफ्रीकन स्वाइन फ्लू की नहीं है जानकारी
शहर में लोगों को शुद्ध जल की सप्लाई की जा रही है। बैक्टीरिया को खत्म करने के लिए क्लोरीन से पानी का उपचार किया जा रहा है। अफ्रीकन स्वाइन फ्लू की जानकारी नहीं है। स्वास्थ्य विभाग इस बारे में निर्देश देता है तो अमल में लाया जाएगा। -फूल सिंह, एक्सईएन, जन स्वास्थ्य विभाग
स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग का कार्य है। वह स्वयं पब्लिक हेल्थ से संबंधित है और वह हर तरह से पानी को स्वच्छ करने में सक्षम हैं। पानी में बैक्टीरिया, वायरस या अन्य हर चीज समाप्त करना उनकी जिम्मेदारी है। पेयजल से डायरिया, पीलिया जैसी बीमारी हो सकती है। स्वाइन फ्लू सांस का रोग है। डॉ. अनिल बिरला, सिविल सर्जन
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चर्चा है कि नहरों में मृत सूअरों को डालने की सूचना पर हाल ही में एनजीटी की टीम ने दौरा कर हाल जाना है। परंतु इस बात की पुष्टि बीएसबी नहर व जेएलएन नहर के अधिकारी नहीं कर रहे हैं। संबंधित अधिकारियों के अनुसार दोनों नहरों पर सफाई के लिए बुलडोजर तैनात कर रखे हैं। टीमें क्षेत्र का निरीक्षण कर रही है। अगर कोई मृत पशुओं को नहर में फेंकता पाया जाया है तो उस पर कैनाल एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।
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पेयजल में वायरस फैलने के सवाल पर नहरी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि उनका काम पानी की सप्लाई करना है। उपचार सहित लोगों तक पानी सप्लाई करना जनस्वास्थ्य विभाग का काम है। जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि स्वाइन फ्लू का मामला जानकारी में नहीं है। स्वास्थ्य विभाग इस मामले में जानकारी दे सकता है।
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कैनाल एक्ट के तहत होगी कार्रवाई
दिल्ली रोड पर बने साइफन में मृत पशुओं के फंसने की सूचना मिली है। इसके समाधान के लिए यहां बुलडोजर तैनात कर रखे हैं। पानी में गंदगी आती है तो उसे बुलडोजर की मदद से निकाला जाता है। कोई व्यक्ति नहर में मृत पशु फेंकता मिला तो कैनाल एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। -रामनिवास, एक्सईएन, बीएसबी
चार टीमें कर रहीं निगरानी
हमारे कार्य क्षेत्र में खुबडू से लेकर साल्हावास का क्षेत्र है। नहर में मृत पशुओं को फेंकने वालों की विभाग की चार टीमें निगरानी कर रही हैं। क्षेत्र बड़ा और कर्मचारी कम होने से सभी पुलों पर कर्मचारी नियुक्त नहीं कर सकते। -अरुण मुंजाल, एक्सईएन, जेएलएन।
अफ्रीकन स्वाइन फ्लू की नहीं है जानकारी
शहर में लोगों को शुद्ध जल की सप्लाई की जा रही है। बैक्टीरिया को खत्म करने के लिए क्लोरीन से पानी का उपचार किया जा रहा है। अफ्रीकन स्वाइन फ्लू की जानकारी नहीं है। स्वास्थ्य विभाग इस बारे में निर्देश देता है तो अमल में लाया जाएगा। -फूल सिंह, एक्सईएन, जन स्वास्थ्य विभाग
स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग का कार्य है। वह स्वयं पब्लिक हेल्थ से संबंधित है और वह हर तरह से पानी को स्वच्छ करने में सक्षम हैं। पानी में बैक्टीरिया, वायरस या अन्य हर चीज समाप्त करना उनकी जिम्मेदारी है। पेयजल से डायरिया, पीलिया जैसी बीमारी हो सकती है। स्वाइन फ्लू सांस का रोग है। डॉ. अनिल बिरला, सिविल सर्जन