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पीजीआईडीएस ने शुरू की ई-संजीवनी ओपीडी, आज से मरीज ले सकेंगे ऑनलाइन सलाह

Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 01 Oct 2020 01:24 AM IST
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ई-संजीवनी एप का आनलाइन उद्घाटन करते कुलपति डॉ. ओपी कालरा।
ई-संजीवनी एप का आनलाइन उद्घाटन करते कुलपति डॉ. ओपी कालरा। - फोटो : RohtakCity

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रोहतक। कोरोना महामारी के दौरान मरीजों को छोटी-मोटी समस्याओं के लिए अस्पताल के संक्रमण से बचाना अनिवार्य हो गया है। इसके लिए मरीज को ई-उपचार की जरूरत है, ताकि वह घर बैठे अपनी समस्या का समाधान करवा सकें। इसी लक्ष्य की ओर पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंसिज ने बुधवार को ई-संजीवनी एप की सुविधा शुरू कर अपना कदम बढ़ा दिया है। वीरवार से मरीज कहीं से भी ऑनलाइन पंजीकरण करवाकर डॉक्टर की सलाह ले सकता है। यह कहना है पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. ओपी कालरा का। कुलपति बुधवार को ऑनलाइन दीप प्रज्जवलित करके ई-संजीवनी की ओपीडी का उद्घाटन कर रहे थे। डॉ. कालरा ने कहा कि विश्वविद्यालय करीब दो साल पहले से आस्ट्रेलिया के जार्ज इंस्टीट्यूट के साथ मिलकर ग्रामीण क्षेत्र में लोगों को ई-इलाज की सुविधा उपलब्ध करवा रहा है, इसमें पीएचसी स्तर पर एएनएम का अहम रोल रहा है। ई-संजीवनी जैसी ओपीडी आज के समय ही जरूरत बन गई है। अब उन्हें पूरी उम्मीद है कि जल्द ही पीजीआईएमएस और मानसिक स्वास्थ्य संस्थान भी अपनी ई-संजीवनी ओपीडी शुरू करेंगे। जिस तरह ओपीडी का नाम संजीवनी रखा गया है, उसी तरह उम्मीद है कि यह मरीजों के लिए संजीवनी की तरह साबित होगी। उन्होंने कहा कि पीजीआईएमएस के चिकित्सक काफी मेहनत कर रहे हैं और जब सब कुछ बंद था तो भी उनके संस्थान की कैथ लैब, लेबर रूम व न्यूनेटोलोजी की सेवाएं और अधिक जिम्मेदारी के साथ कार्य कर रही थी। संक्रमण काल में भी मरीजों को उच्च गुणवत्ता का इलाज उपलब्ध करवाया गया। डॉ. कालरा ने कहा कि वह ई-संजीवनी ओपीडी के लिए इस सोफ्टवेयर को तैयार कर चिकित्सकों को ट्रेनिंग देने वाली डॉ. संजय सूद की टीम व ओपीडी शुरू करने वाले पीजीआईडीएस के प्राचार्य डॉ. संजय तिवारी की टीम को बधाई देते हैं। वहीं प्राचार्य डॉ. संजय तिवारी ने ऑनलाइन के माध्यम से इस उद्घाटन समारोह में आने पर सभी का स्वागत किया। डॉ. तिवारी ने कहा कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि इस ओपीडी के माध्यम से प्रदेश के लोगों को फायदा मिलेगा। पब्लिक हेल्थ डेंटिसटरी विभागाध्यक्ष डॉ. मंजुनाथ ने ई-संजीवनी ओपीडी के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति अपना रजिस्ट्रेशन करवाकर सुबह नौ बजे से दोपहर चार बजे तक ऑनलाइन चिकित्सक की सलाह ले सकता है। कार्यक्रम के अंत में प्रोफेसर डॉ. आदर्श ने सभी का धन्यवाद व्यक्त किया।
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