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Rohtak News: पीजीआईएमएस में किट की कमी से अटकी जांच, मरीज निजी लैब से जांच कराने को मजबूर

Thu, 16 Mar 2023 01:40 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक Updated Thu, 16 Mar 2023 01:40 AM IST
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PGI stuck due to lack of kit, patient forced to get tested from private lab
रोहतक। प्रदेश के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (पीजीआईएमएस) में मरीजों को राहत नहीं मिल पा रही है। इलाज के लिए उन्हें निजी लैब का रुख करना पड़ रहा है। संस्थान में जांच किट का अभाव होने के चलते मरीज जेब से रुपये खर्च कर सैंपल जांच कराने को विवश हैं। बुधवार को अमर उजाला ने ओपीडी में मरीजों से बातचीत की तो यह खुलासा किया।
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पीजीआई की ओपीडी में विभिन्न जिलों से छह हजार से आठ हजार तक मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। इन दिनों करीब 7000 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। बुधवार को यहां 2500 से अधिक नए व करीब पांच हजार पुराने मरीज इलाज के लिए पहुंचे। इसके चलते यहां काफी भीड़ बनी रही। इनमें से ज्यादातर को विभिन्न तरह की जांच कराने की सलाह दी गई। इस कारण ओपीडी में सैंपल कलेक्शन सेंटर पर घंटों मरीजों की कतार नजर आई। यहां भी जब लोगों का नंबर आया तो किसी को एक तो किसी को दो जांच बाहर से कराने के लिए भेज दिया गया। संस्थान से मरीजों को बी12, फोलिक एसिड, एचबी-एआईसी (शुगर का तीन माह कां कंट्रोल टेस्ट) समेत अनेक जांच के लिए बाहर जाना पड़ा।
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आरसी से मिलेगी मरीजों को राहत
संस्थान में पिछले कुछ दिनों से मरीजों को जांच के लिए निजी लैब का रुख करना पड़ रह है। इसकी वजह यहां जांच किट का अभाव बताया गया है। नई जांच किट खरीदने के लिए आरसी यानी रेट कांट्रेक्ट खत्म हाे गया था। हाल ही में संस्थान ने कंपनी से आरसी कर ली है। इससे अब खरीद सुचारु होने की उम्मीद है। यही नहीं, अधिकारियों ने कुछ किट संस्थान में पहुंचने व जांच शुरू होने साथ जल्द ही सभी जांच शुरू होने का दावा किया है।
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ये बोले रोगी
मेरी कुछ दिनों से तबीयत खराब है। इलाज के लिए पीजीआई आया हूं। यहां डाॅक्टर ने चार जांच कराने की सलाह दी है। जांच कराने आया तो तीन तरह की ही जांच हुईं। कर्मचारी ने चौथी जांच के लिए सैंपल न लेकर बाहर से कराने को कहा है। यह जांच एचबी एआईसी की है। इसके लिए निजी लैब जाना पड़ रहा है।
सतीश, छारा।
इलाज के लिए हिसार से पीजीआई आया हूं। यहां काफी लंबे इंतजार के बाद डॉक्टर ने जांच की। जांच के बाद लैब में सैंपल देने के लिए कहा। कार्ड पर लिखी जांच के लिए सैंपल लिए। एचबी एआईसी की जांच यहां नहीं हुई। इसके लिए किट नहीं होने की बात कही गई है। अब यह जांच निजी लैब से करानी होगी।
राजेंद्र, हिसार।
मेरी पत्नी सुनेहरी की तबीयत कई दिनों से खराब है। उसके इलाज के लिए हम पीजीआई आए हैं। यहां ओपीडी में भारी भीड़ के बीच डॉक्टर को दिखाया। डॉक्टर ने कुछ जांच कराने को कहा है। कार्ड पर चार से ज्यादा जांच लिखी हैं। इनमें से कुछ यहां हो गई है। शेष के लिए कर्मचारी ने बाहर निजी लैब से कराने को कहा है।
राजेंद्र, बहादुरगढ़।
पीजीआई में इलाज के लिए आया हूं। यहां भीड़ में बड़ी मुश्किल से नंबर आया है। डाॅक्टर ने तीन तरह की जांच कराने को कहा है। पीजीआई में दो ही जांच हुईं। अब तीसरी जांच ब्लड शूगर व अन्य रोगों की पहचान के लिए बाहर की निजी लैब जाना होगा। यहां पता नहीं कितना खर्च लगेगा। पहले ही किराया देकर यहां आया हूं।

जगबीर, भैंसरु।

संस्थान में सभी जांच की जा रही हैं। मरीजों की सुविधा के लिए नए उपकरण भी खरीदे गए हैं। फिर भी कहीं कोई जांच नहीं हो रही है तो पता किया जाएगा। इस समस्या का जल्द समाधान कर मरीजों को राहत पहुंचाई जाएगी।
डॉ. ईश्वर सिंह, चिकित्सा अधीक्षक, पीजीआई
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