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मांगें पूरी न होने पर स्टाफ नर्सों ने किया सहकारिता मंत्री का घेराव

Tue, 21 Mar 2017 01:19 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक Updated Tue, 21 Mar 2017 01:19 AM IST
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pgi Staff nurses, sealed Cooperatives, minister of bjp, demands not met
manish grover - फोटो : अमर उजाला
पीजीआईएमएस में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ करने पहुंचे राज्यमंत्री मनीष ग्रोवर का स्टाफ नर्सों ने घेराव किया। नर्सों का कहना है कि उनकी मांगों को लेकर लंबे समय से फाइल अधर में लटकी हुई है, लेकिन सरकार इस पर गंभीर नहीं है। यदि सरकार ने उनकी मांग को पूरी नहीं किया तो वे 22 मार्च को सामूहिक अवकाश पर चली जाएंगी। हालांकि राज्यमंत्री के साथ-साथ कुलपति ने भी जल्दी समाधान का आश्वासन देकर मामला शांत कराया। 
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दरअसल, सोमवार को राजयमंत्री मनीष ग्रोवर पीजीआई के पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट आफ  डेंटल साइंस में मधुमेह विषय पर जन व्याख्यान एवं पैनल वार्ता व ऑनलाइन फाइल ट्रैकिंग सिस्टम के शुभारंभ के लिए पहुंचे थे। कार्यक्रम में राज्यमंत्री के आने का पता चलते ही स्टाफ नर्स कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गईं और मंत्री का घेराव कर लिया। स्टाफ नर्सों ने मांग करते हुए कहा कि उनका पे ग्रेड और नर्सिंग एलाउंस चार्ज केंद्र सरकार की तर्ज पर हो और नर्सिंग स्टाफ से नाम बदलकर नर्सिंग आफिसर होना चाहिए।
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इन मांगों को लेकर वे काफी समय से संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। पीजीआई प्रशासन भी उनकी मांगों को लेकर गंभीर नहीं है। आखिरकार उन्हें यह कदम उठाना पड़ रहा है। नर्सों ने चेतावनी दी कि इन मांगों का समाधान नहीं होने पर वे 22 मार्च को सामूहिक अवकाश पर रहेंगी। राज्यमंत्री ने नर्सों की समस्या को सुना और आश्वासन दिया कि जल्द ही उनकी मांगों को पूरा कर दिया जाएगा। इस बारे में मुख्यमंत्री से बातचीत हो चुकी है। आश्वासन के बाद ही नर्सें पीछे हटीं, हालांकि 22 मार्च के सामूहिक अवकाश का निर्णय वापस नहीं लिया। 
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चरमरा सकती है स्वास्थ्य सेवाएं 
राज्यमंत्री के सामने अपनी मांग रखते हुए स्टाफ नर्स में भारी गुस्सा था। जिस तरह स्टाफ नर्सों ने चेतावनी दी कि उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो वह सामूहिक अवकाश पर चली जाएंगी, यदि ऐसा होता है कि स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से प्रभावित हो जाएंगी। इसमें न केवल चिकित्सक व अन्य स्वास्थ्य कर्मियों पर असर पड़ेगा, बल्कि मरीजों के लिए भी मुसीबत खड़ी हो जाएगी। इसी वजह से पीजीआईएमएस प्रशासन भी देर शाम तक स्टाफ नर्सों को मनाने पर लगा रहा कि वह सामूहिक अवकाश पर न जाए। हालांकि स्टाफ नर्स अपनी मांग पर अड़िग थी। 


स्टाफ नर्सों की मांग को लेकर स्वास्थ्य मंत्री से बातचीत की जा रही है। 25 मार्च को बैठक होनी है, जिसमें स्टाफ नर्सों की मांग को लेकर बातचीत की जाएगी। 

- डॉ. ओपी कालरा, कुलपति, पीजीआईएमएस।


स्टाफ नर्सों की इन मांगों को लेकर मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री से बातचीत हो चुकी है। जल्दी ही इनकी मांगों का समाधान करा दिया जाएगा। 
- मनीष ग्रोवर, सहकारिता, राज्यमंत्री 

स्टाफ नर्सों का प्रतिनिधिमंडल मुझसे मिला था और अपनी मांगों के बारे में अवगत करवाया था। स्टाफ नर्सों की मांगों संबंधित फाइल डिपार्टमेंट के अधिकारियों को सौंपी जा चुकी है। अधिकारी उस पर काम में लगे हुए हैं। जल्द ही उनकी मांगें पूरी कर दी जाएंगी।
अनिल विज, स्वास्थ्य एवं खेल मंत्री।
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